दूसरी तिमाही और पहली छमाही में एलआईसी का प्रदर्शन काफी मजबूत, आईडीबीआई बैंक विनिवेश से बैंकएश्योरेंस कारोबार पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर: एलआईसी सीईओ
नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के सबसे बड़ी सरकारी जीवन बीमा और निवेश कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी व सीईओ) आर. दोराईस्वामी ने शनिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में एलआईसी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। उन्होंने बताया कि नए व्यवसाय प्रीमियम, कुल प्रीमियम आय और अन्य प्रमुख वित्तीय मानकों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही कंपनी का वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (वीएनबी) मार्जिन भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हुआ है।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में दोराईस्वामी ने कहा कि हाल के महीनों में शेयर बाजारों में बढ़ती अस्थिरता और इक्विटी निवेश साधनों के मूल्यांकन पर दबाव का असर बाजार से जुड़े बीमा उत्पादों, खासकर यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूएलआईपी) की बिक्री पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की रुचि नियमित प्रीमियम वाले मार्केट-लिंक्ड उत्पादों में कुछ कम हुई, जिसके कारण दूसरी तिमाही में यूएलआईपी बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल बाजार की स्थिति का परिणाम नहीं था, बल्कि एलआईसी ने प्रबंधन स्तर पर भी रणनीतिक बदलाव करते हुए उच्च टिकट साइज वाले यूएलआईपी और प्रोटेक्शन बिजनेस पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि बाजार की धारणा में सुधार के साथ चालू और आगामी तिमाही में बेहतर नतीजों की उम्मीद है।
वीएनबी मार्जिन में सुधार को लेकर एलआईसी के सीईओ ने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण उत्पादों के मिश्रण में बदलाव और परिचालन दक्षता में सुधार रहा है। उन्होंने कहा, परिचालन स्तर पर कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं, जिनका सीधा असर लाभप्रदता पर पड़ा है। हालांकि जोखिम-मुक्त ब्याज दरों से संबंधित कुछ प्रतिकूल प्रभाव रहे, लेकिन कुल मिलाकर कंपनी बेहतर मार्जिन दर्ज करने में सफल रही।
बीमा वितरण प्रणाली में प्रस्तावित नियामकीय बदलावों और वितरण लागत पर संभावित सीमा को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की यह पहल लंबे समय में पॉलिसीधारकों और उद्योग, दोनों के हित में है। उन्होंने कहा कि बीमा वितरण लागत को नियंत्रित करना सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि एलआईसी पहले से ही अधिकांश उत्पाद श्रेणियों में प्रस्तावित सीमाओं के भीतर है और कुछ विशेष उत्पादों तथा प्रीमियम भुगतान अवधि से जुड़े मामलों पर नियामक को सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि नियामक विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों पर उचित विचार करेगा।
एलआईसी एजेंटों की भूमिका पर बोलते हुए दोराईस्वामी ने कहा, कंपनी व्यक्तिगत एजेंट नेटवर्क को केवल वितरण चैनल नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखती है। एजेंटों की उत्पादकता बढ़ाने, प्रशिक्षण देने और उनकी क्षमता निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में एजेंटों को बीमा क्षेत्र में दीर्घकालिक करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित रणनीतिक विनिवेश पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे एलआईसी के बैंकएश्योरेंस कारोबार पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, आईडीबीआई बैंक लंबे समय से एलआईसी का प्रमुख साझेदार रहा है और भविष्य में भी यह सहयोग जारी रहने की उम्मीद है, भले ही बैंक के अन्य जीवन बीमा साझेदार भी हों।
साइबर सुरक्षा को लेकर दोराईस्वामी ने कहा कि एलआईसी ने अपने आईटी सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सुरक्षा उपायों का भी उपयोग किया जा रहा है और एलआईसी की डिजिटल संरचना को महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना के रूप में विशेष निगरानी और सरकारी सहयोग प्राप्त है।
भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा, एलआईसी अब प्रोटेक्शन बिजनेस, हेल्थ इंश्योरेंस, एन्युटी और पेंशन उत्पादों पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल में कंपनी ने बीमा प्लेटिनम, जीवन रक्षा, एलआईसी कैंसर कवर और एलआईसी हेल्थ शील्ड जैसे उत्पाद लॉन्च किए हैं। साथ ही सेवानिवृत्ति योजना और नियमित आय से जुड़े उत्पादों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बचत, प्रोटेक्शन, यूएलआईपी, एन्युटी और ग्रुप इंश्योरेंस जैसे सभी क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि की रणनीति अपनाई जाएगी।
इंश्योरेंस फॉर ऑल 2047 लक्ष्य पर दोराईस्वामी ने कहा कि एलआईसी देश के हर हिस्से तक बीमा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीमा सखी योजना के माध्यम से हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक महिला एजेंट तैनात करने का प्रयास किया जा रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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दिवाली की पूर्व संध्या पर NCR में भारी ट्रैफिक जाम, दिल्ली-मेरठ हाईवे पर रेंग रही गाड़ियां; बाजारों में उमड़ी लोगों की भीड़
Delhi NCR Traffic Jam: दिवाली की पूर्व संख्या पर यानी शनिवार शाम दिल्ली-एनसीआर में भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिली. जहां सड़कों वाहनों की लंबी लाइनें देखने को मिली तो वहीं बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में लोगों की भारी भीड़ देखी गई. सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए. तो बाजार में भी भीड़ के चलते पैर रखने की जगह नहीं मिली. दरअसल, दिवाली की आखिरी समय की खरीदारी और त्योहार की तैयारियों के लिए शनिवार शाम को लोग घरों से बाहर निकले. इसके बाद आईपी एक्सटेंशन में गाड़ियां कई किलोमीटर लंबी कतारों में फंसी नजर आईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस दौरान ट्रैफिक की रफ्तार भी बहुत धीमी हो गई.
रेलवे स्ट्रेशन, मेट्रो और बस स्टैंड पर भारी भीड़
त्योहारी भीड़ आजादपुर मंडी में देखने को मिली. जहां दिवाली से पहले फल और सब्जियां खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. क्योंकि मंडी अगले दो दिनों तक बंद रहेगी, इसलिए शनिवार को खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. भारी भीड़ के कारण मंडी के सभी गेटों के बाहर ट्रैफिक जाम लग गया. आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन, जहांगीरपुरी और आजादपुर की ओर जाने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी लाइन देखने को मिली.
आनंद विहार के आसपास विशेष ट्रैफिक व्यवस्था
इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने धनतेरस, दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा के दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए आनंद विहार ISBT, रेलवे स्टेशनों और आसपास के ट्रांसपोर्ट हब के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की घोषणा की है. यात्रियों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने और ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए ये व्यवस्थाएं 5 नवंबर से 15 नवंबर, 2026 तक लागू रहेंगी. जिन सड़कों पर असर पड़ सकता है, उनमें रोड नंबर 56 (चौधरी चरण सिंह मार्ग) और रोड नंबर 57 (स्वामी दयानंद मार्ग) शामिल हैं.
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