रामायण के बाद एक्टिंग छोड़ेंगे रणबीर कपूर? करेंगे फिल्म डायरेक्ट, बोले- 'एक्टर के तौर पर ये मेरा आखिरी दशक...'
Ranbir Kapoor Quitting Acting? रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) स्टारर रामायण (Ramayana) दिवाली (Diwali) के मौके पर रिलीज हुई. इस फिल्म को इंडिया के साथ-साथ विदेशों से भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. लोग फिल्म के वीएफएक्स, यश, रणबीर कपूर और साई पल्लवी की एक्टिंग को पसंद कर रहे हैं. इस फिल्म ने दो दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. फिल्म रिलीज के बाद रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मीडिया में इंटरव्यू दिया. जिसमें उन्होंने रामायण में अपने किरदार और अपने बारे में खुलकर बात की. इस दौरान रणबीर ने खुलासा किया कि वह डायरेक्शन के फील्ड में कदम रखने वाले हैं. उन्होंने बताया कि वो करीब दो-तीन महीने से स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं.
रामायण के बाद एक्टिंग छोड़ेंगे रणबीर कपूर?
रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने हाल में मीडिया को इंटरव्यू दिया. जिसमें उन्होंने कई मुद्दे पर खुलकर राय रखी. इस दौरान उनसे फिल्म डारेक्ट करने को लेकर सवाल किया गया. उन्होंने बताया कि वो फिल्म की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं. रणबीर कपूर ने अपने बिजी वर्क शेड्यूल के बारे में बात की. उन्होंने बताया कि वो कैसे एक फिल्म से दूसरी फिल्म सेट पर जाते हैं. रणबीर ने यह भी कहा कि एक एक्टर के तौर पर यह उनका आखिरी दशक है. रणबीर की इस स्टेटमेंट के बाद से फैंस हैरान-परेशान हैं. कई लोगों को लग रहा है कि रणबीर ने एक्टिंग छोड़ने का हिंट दिया है.
रणबीर कपूर करेंगे फिल्म डायरेक्ट
इंटरव्यू में रणबीर कपूर से फिल्म डायरेक्टर करने को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा कि दो तीन महीने से वह एक स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं. उनका मानना है कि फिल्म बनाना बहुत मुश्किल और चुनौती भरा काम है. जब उनसे पूछा गया कि एक्टर के तौर पर आप बहुत बिजी होंगे तो फिल्म बनाने के लिए टाइम कैसे निकालेंगे. इस पर उन्होंने कहा कि मेरा हिसाब से एक्टर के तौर पर मेरा यह आखिरी दशक है. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह दो तीन साल में डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू कर सकते हैं.
क्या एक्टर के तौर पर लेंगे रणबीर रिटायरमेंट
रणबीर कपूर ने साफ तौर पर ऐसा नहीं कहा कि उनका एक्टर के तौर पर आखिरी दशक है. जब इंटरव्यू के दौरान रणबीर के मुंह से यह बात निकलती है तो तुंरत साई पल्लवी चौंक जाती हैं. जिसके बाद उन्होंने अपनी बात का मतलब तुरंत साफ किया कि उनका मतलब था कि वो जिस तरह के बड़े और चैलेंजिंग रोल्स वे अभी कर रहे हैं, उस लेवल पर काम करने का उनका यह आखिरी चरण हो सकता है.
“Last decade as an actor” EXCUSE ME??? Stop speaking, Ranbir Kapoor You’re not retiring from acting until you’re 85. Alia, please handle this. Four years left in this decade and He is already talking about his last decade as an actor after Ramayana Animal Park and Brahmastra…
— r (@bekhayalime) November 7, 2026
रामायण ने किया 200 करोड़ का आकंड़ा पार
रामायण को बॉक्स ऑफिस पर शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. इस फिल्म ने दो ही दिनों में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. जिससे पता चलता है कि फिल्म लोगों को पसंद आ रही है. सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक, रामायण ने दो दिन में दुनियाभर से 221 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है. वहीं, इसके ओपिनिंग डे के इंडिया नेट कलेक्शन की बात करें तो वो 64 करोड़ रुपये से ज्यादा का रहा. इसके साथ ही दूसरे दिन का नेट कलेक्शन 48 करोड़ रुपये का रहा. जिस तरह का फिल्म को रिस्पॉन्स मिल रहा है. उससे देखकर उम्मीद की जा रही है कि दिवाली पर फिल्म अच्छी कमाई कर सकती है.
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दूसरी तिमाही और पहली छमाही में एलआईसी का प्रदर्शन काफी मजबूत, आईडीबीआई बैंक विनिवेश से बैंकएश्योरेंस कारोबार पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर: एलआईसी सीईओ
नई दिल्ली, 7 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के सबसे बड़ी सरकारी जीवन बीमा और निवेश कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी व सीईओ) आर. दोराईस्वामी ने शनिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में एलआईसी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। उन्होंने बताया कि नए व्यवसाय प्रीमियम, कुल प्रीमियम आय और अन्य प्रमुख वित्तीय मानकों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही कंपनी का वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (वीएनबी) मार्जिन भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हुआ है।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में दोराईस्वामी ने कहा कि हाल के महीनों में शेयर बाजारों में बढ़ती अस्थिरता और इक्विटी निवेश साधनों के मूल्यांकन पर दबाव का असर बाजार से जुड़े बीमा उत्पादों, खासकर यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूएलआईपी) की बिक्री पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की रुचि नियमित प्रीमियम वाले मार्केट-लिंक्ड उत्पादों में कुछ कम हुई, जिसके कारण दूसरी तिमाही में यूएलआईपी बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल बाजार की स्थिति का परिणाम नहीं था, बल्कि एलआईसी ने प्रबंधन स्तर पर भी रणनीतिक बदलाव करते हुए उच्च टिकट साइज वाले यूएलआईपी और प्रोटेक्शन बिजनेस पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि बाजार की धारणा में सुधार के साथ चालू और आगामी तिमाही में बेहतर नतीजों की उम्मीद है।
वीएनबी मार्जिन में सुधार को लेकर एलआईसी के सीईओ ने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण उत्पादों के मिश्रण में बदलाव और परिचालन दक्षता में सुधार रहा है। उन्होंने कहा, परिचालन स्तर पर कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं, जिनका सीधा असर लाभप्रदता पर पड़ा है। हालांकि जोखिम-मुक्त ब्याज दरों से संबंधित कुछ प्रतिकूल प्रभाव रहे, लेकिन कुल मिलाकर कंपनी बेहतर मार्जिन दर्ज करने में सफल रही।
बीमा वितरण प्रणाली में प्रस्तावित नियामकीय बदलावों और वितरण लागत पर संभावित सीमा को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की यह पहल लंबे समय में पॉलिसीधारकों और उद्योग, दोनों के हित में है। उन्होंने कहा कि बीमा वितरण लागत को नियंत्रित करना सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि एलआईसी पहले से ही अधिकांश उत्पाद श्रेणियों में प्रस्तावित सीमाओं के भीतर है और कुछ विशेष उत्पादों तथा प्रीमियम भुगतान अवधि से जुड़े मामलों पर नियामक को सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि नियामक विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों पर उचित विचार करेगा।
एलआईसी एजेंटों की भूमिका पर बोलते हुए दोराईस्वामी ने कहा, कंपनी व्यक्तिगत एजेंट नेटवर्क को केवल वितरण चैनल नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखती है। एजेंटों की उत्पादकता बढ़ाने, प्रशिक्षण देने और उनकी क्षमता निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में एजेंटों को बीमा क्षेत्र में दीर्घकालिक करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित रणनीतिक विनिवेश पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे एलआईसी के बैंकएश्योरेंस कारोबार पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, आईडीबीआई बैंक लंबे समय से एलआईसी का प्रमुख साझेदार रहा है और भविष्य में भी यह सहयोग जारी रहने की उम्मीद है, भले ही बैंक के अन्य जीवन बीमा साझेदार भी हों।
साइबर सुरक्षा को लेकर दोराईस्वामी ने कहा कि एलआईसी ने अपने आईटी सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सुरक्षा उपायों का भी उपयोग किया जा रहा है और एलआईसी की डिजिटल संरचना को महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना के रूप में विशेष निगरानी और सरकारी सहयोग प्राप्त है।
भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा, एलआईसी अब प्रोटेक्शन बिजनेस, हेल्थ इंश्योरेंस, एन्युटी और पेंशन उत्पादों पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल में कंपनी ने बीमा प्लेटिनम, जीवन रक्षा, एलआईसी कैंसर कवर और एलआईसी हेल्थ शील्ड जैसे उत्पाद लॉन्च किए हैं। साथ ही सेवानिवृत्ति योजना और नियमित आय से जुड़े उत्पादों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बचत, प्रोटेक्शन, यूएलआईपी, एन्युटी और ग्रुप इंश्योरेंस जैसे सभी क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि की रणनीति अपनाई जाएगी।
इंश्योरेंस फॉर ऑल 2047 लक्ष्य पर दोराईस्वामी ने कहा कि एलआईसी देश के हर हिस्से तक बीमा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीमा सखी योजना के माध्यम से हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक महिला एजेंट तैनात करने का प्रयास किया जा रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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