अमेरिका में हिरासत में लिया गया लॉरेंस बिश्नोई का करीबी हैरी बॉक्सर, बॉलीवुड सितारों को धमकी देने का आरोप
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक कुख्यात और अहम सदस्य, हैरी बॉक्सर को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है. जानकारी के मुताबिक वह इस गैंग में तीसरे नंबर का सबसे बड़ा कमांडर है. उसे भारत लाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी. लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हैरी बॉक्सर, अमेरिका में बैठकर ही गैंग की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. उसने फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना की जिम्मेदारी भी ली थी. इस घटना के बाद, उसने सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो मैसेज के जरिए बॉलीवुड से जुड़े लोगों को धमकियां दी थीं. हैरी बॉक्सर से पहले, एक और गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को भी अमेरिकी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था.
NPS निवेशकों के लिए जरूरी खबर, 1 दिसंबर से बदल जाएगा स्कीमों को पहचानने का तरीका
NPS New Rule: रिटायरमेंट के लिए NPS में निवेश करने वालों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है. अब तक NPS की स्कीमों को A, B, C, D और E जैसे कोड से पहचाना जाता था, लेकिन 1 दिसंबर 2026 से यह व्यवस्था बदल जाएगी. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने स्कीमों के नाम और उन्हें दिखाने के तरीके में बदलाव किया है.
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS की स्कीमों के नाम रखने और उन्हें ऑनलाइन दिखाने के नियमों में बदलाव किया है. अब निवेशकों को A, B, C, D और E जैसे कैटेगरी कोड के बजाय आसान नामों से योजनाएं दिखाई देंगी. हालांकि, स्कीम में निवेश का तरीका और उससे जुड़ा जोखिम पहले की तरह बताया जाएगा.
नई व्यवस्था में निवेशकों को योजनाओं के आसान नामों के साथ यह भी बताया जाएगा कि उनका पैसा कहां निवेश होगा और उसमें कितना जोखिम है. इससे निवेशकों के लिए सही स्कीम चुनना और अलग-अलग योजनाओं की तुलना करना आसान हो सकेगा. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य निवेशकों के लिए अलग-अलग पेंशन फंड की योजनाओं को समझना और उनकी तुलना करना आसान बनाना है.
अब कैसे होंगे NPS स्कीमों के नाम?
PFRDA के नए निर्देशों के मुताबिक, पेंशन फंड अब मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के तहत आने वाली योजनाओं के नाम में A, B, C, D और E जैसे कैटेगरी कोड का इस्तेमाल नहीं करेंगे. अब स्कीम के नाम में पेंशन फंड का संक्षिप्त नाम, NPS और योजना का एक अलग नाम शामिल होगा. उदाहरण के लिए किसी योजना का नाम 'XYZ NPS रिटायरमेंट स्कीम' रखा जा सकता है.
रेगुलेटर ने यह भी कहा है कि स्कीमों के नाम आसान और याद रखने लायक होने चाहिए. अगर कोई पेंशन फंड एक ही कैटेगरी में कई योजनाएं चलाता है, तो उनके नाम अलग-अलग रखने होंगे. Tier-I स्कीम के नाम में किसी अतिरिक्त पहचान की जरूरत नहीं होगी. वहीं, Tier-II स्कीम के नाम के अंत में 'Tier II' लिखना अनिवार्य होगा.
क्या जोखिम की जानकारी भी बदल जाएगी?
नए नियमों के बाद निवेशकों को यह चिंता हो सकती है कि A, B, C, D और E कोड हटने से वे स्कीम के जोखिम और निवेश के तरीके को कैसे समझेंगे. लेकिन ऐसा नहीं है. PFRDA ने साफ किया है कि पेंशन फंड को अपनी योजनाओं के नाम के साथ उनकी ग्रोथ कैटेगरी और जोखिम का स्तर भी बताना होगा. यह जानकारी विज्ञापनों, वेबसाइट, ब्रोशर और अन्य सार्वजनिक माध्यमों पर उपलब्ध करानी होगी.
इसका मतलब है कि स्कीम के नाम भले ही बदल जाएं, लेकिन निवेशकों को यह पता चलता रहेगा कि उनका पैसा किस तरह के निवेश में लगाया जा रहा है और उसमें कितना जोखिम है.
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