इस बैंक ने तोड़े KYC से जुड़े नियम, RBI ने उठाया सख्त कदम, लगाया जुर्माना, जानें डिटेल
अगस्त में भी रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) की कार्रवाई जारी है। नियमों का उल्लंघन करने पर आरबीआई ने महाराष्ट्र में स्थित एक बैंक के खिलाफ कदम उठाया है। केदारनाथ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड लातूर पर 40,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कदम केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया है।
31 मार्च 2025 तक इस बैंक के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए एक संवैधानिक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान पाया गया कि बैंक दिशा निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं कर रहा है। जिसके बाद एक नोटिस जारी करते हुए आरबीआई ने स्पष्टीकरण मांगा। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए जब आरोप सही साबित हुए, तब पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
बैंक ने तोड़े ये नियम
बैंक ने निर्धारित समय की सीमा के भीतर ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड पर को सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं किया। इसके अलावा सुपरवाइजरी एक्शन फ्रेमवर्क निर्देशों का उल्लंघन भी किया। डिपॉजिट पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों से अधिक इंटरेस्ट ऑफर किया।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। सेंट्रल बैंक ने कहा कि, “यह क्रिया विनियामक खामियों पर आधारित है। जिसका उद्देश्य बैंक और ग्राहकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट की वैधता पर प्रभाव डालना नहीं है। न ही भविष्य में होने वाली किसी अन्य कार्रवाई पर इसका कोई असर पड़ेगा।”
यहाँ देखें आरबीआई का नोटिसजुलाई में 21 बैंकों पर लगा था जुर्माना
आरबीआई ने जुलाई में देशभर के विभिन्न राज्यों में स्थित अलग-अलग बैंकों के कार्रवाई की थी। 21 बैंकों पर जुर्माना लगाया गया था। बैंक ऑफ बड़ौदा पर 63.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं पद्मश्री डॉ. विठलराव विखे पाटिल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। 6 महीने तक इसके लिक्विडिटी स्टेटस पर निगरानी रखी जाएगी।
“यह अभिमान ना पालें कि..” दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार पर पूर्व सीएम उमा भारती का बड़ा बयान, जानें क्या कहा
मध्यप्रदेश के दतिया में हुए विधानसभा उपचुनाव में एक ओर भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस को मिली जीत ने पार्टी के खोए आत्मविश्वास को लौटा दिया है। दतिया उपचुनाव में कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को हराया है। वहीं भाजपा को मिली हार के बाद पार्टी में आत्ममंथन का दौर जारी है। चुनाव के नतीजों की समीक्षा के लिए भाजपा ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है।
दतिया उपुचनाव के नतीजे आने के बाद बयानबाजी का दौर भी जारी है। इस बीच, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उमा भारती ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वे भाजपा की हार से काफी दुखी है।
पूर्व सीएम उमा भारती ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि मैं अपने समर्थकों से अनुरोध करूंगी कि वे यह अभिमान न पालें कि वोट केवल मेरी वजह से बढ़े। आखिरकार हम दतिया उपचुनाव हार गए और इस परिणाम ने मुझे गहरा आघात पहुंचाया।
अपनी चुनावी रणनीति की समीक्षा करनी होगी: उमा भारती
उन्होंने आगे कहा कि मैं दतिया उपचुनाव के प्रचार में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सकी थी, लेकिन समर्थन में मेरा एक संदेश घर-घर तक पहुंचाया गया, जिसका सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिला। इसके बावजूद हम चुनाव नहीं जीत सके। इसका अर्थ है कि कहीं न कहीं हम सभी से रणनीतिक स्तर पर चूक हुई और अब हमें अपनी चुनावी रणनीति की गंभीरता से समीक्षा करनी होगी।
घनश्याम सिंह ने आशुतोष तिवारी को 6029 वोटों से हराया
बता दें कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त 2026 को घोषित किए गए। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6029 वोटों के बड़े अंतर से हराकर यह सीट अपने नाम कर ली है। यह जीत कांग्रेस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी तेज है।
1. मैं अपने समर्थकों से यह अनुरोध करुंगी कि वह यह अभिमान ना पालें कि मेरी वजह से वोट बढे क्योंकि अंत में हम दतिया उपचुनाव हार ही गए जिससे मुझे बहुत आघात लगा।
2. मैं तो दतिया उपचुनाव प्रचार में आ नहीं सकी किंतु समर्थन में एक वाक्य मैंंने भेजा जो घर-घर पहुंचाया गया और वहां वोट भी…— Uma Bharti (@umasribharti) August 6, 2026
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