₹904.32 करोड़ के बैंक घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, फ्यूचर रिटेल के प्रमोटर किशोर बियानी के ठिकानों पर छापे
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मुंबई की कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (Future Retail Ltd.) के खिलाफ 904.32 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया है। यह मामला भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुंबई स्थित स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच-III की शिकायत पर दर्ज किया गया है। मामले में कंपनी के प्रमोटर और प्रबंध निदेशक किशोर बियानी, राकेश बियानी, कंपनी के अन्य निदेशकों, कार्यकारी निदेशकों, गारंटरों, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
CBI ने इस मामले में आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कथित अपराधों से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है। बैंक का आरोप है कि इस धोखाधड़ी से उसे 904.32 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
नौ बैंकों के कंसोर्टियम से भी लिया था कर्ज
CBI की शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश के तहत SBI और नौ बैंकों के कंसोर्टियम से अलग-अलग तरह की क्रेडिट सुविधाएं हासिल की थीं। इनमें वर्किंग कैपिटल, टर्म लोन और लेटर ऑफ क्रेडिट जैसी सुविधाएं शामिल थीं। कंपनी ने SBI की मुंबई स्थित कमर्शियल ब्रांच, फोर्ट से भी कर्ज लिया था।
फ्यूचर रिटेल लिमिटेड देश में कई तरह के रिटेल कारोबार संचालित करती थी। कंपनी के प्रमुख रिटेल फॉर्मेट में बिग बाजार, फैशन एट बिग बाजार और फूडहॉल जैसे ब्रांड शामिल थे। इसके अलावा कंपनी अपने स्टोर के माध्यम से रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान (FMCG) और फैशन उत्पादों का कारोबार भी करती थी।
बैंक से मिले पैसों के इस्तेमाल में गड़बड़ी का आरोप
CBI की शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने बैंक से जिस उद्देश्य के लिए कर्ज और वित्तीय सुविधाएं हासिल की थीं, कथित तौर पर उन पैसों का इस्तेमाल उसी निर्धारित उद्देश्य के लिए नहीं किया। आरोप है कि बैंक से प्राप्त रकम को सहयोगी कंपनियों और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं के माध्यम से दूसरी जगह भेजा गया और धन का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। इससे बैंक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मुंबई में कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी
CBI ने इस मामले में 4 नवंबर 2026 को केस दर्ज किया था। इसके बाद 6 नवंबर को मुंबई में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के प्रमोटरों और निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान जांच से संबंधित कई अहम और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें CBI ने जब्त कर लिया है।
सभी आरोपियों की भूमिका की जांच जारी
CBI मामले में कथित आपराधिक साजिश के पूरे दायरे का पता लगा रही है। जांच एजेंसी सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों समेत सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इसके साथ ही बैंक से मिले कर्ज की रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां और किन उद्देश्यों के लिए किया गया, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
45 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ रेलवे का सीनियर सेक्शन इंजीनियर, CBI ने बिछाया जाल
मध्य प्रदेश के कटनी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम मध्य रेलवे के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी न्यू कटनी जंक्शन, कटनी में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर तैनात था. CBI ने 6 नवंबर 2026 को यह कार्रवाई की.
45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी
CBI के मुताबिक, आरोपी इंजीनियर ने शिकायतकर्ता से 30 मजदूरों को काम से नहीं हटाने के बदले 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. आरोपी ने प्रत्येक मजदूर के हिसाब से 1,500 रुपये की मांग की थी. इस तरह 30 मजदूरों के लिए कुल 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी.
रिश्वत मांगते रंगे हाथ पकड़ा
मामले में CBI ने 5 नवंबर 2026 को आरोपी सीनियर सेक्शन इंजीनियर के खिलाफ केस दर्ज किया था. शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने जाल बिछाया और 6 नवंबर को कटनी में ट्रैप कार्रवाई की. इस दौरान आरोपी को शिकायतकर्ता से 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया.
अहम साक्ष्य जुटाने की कोशिश
कार्रवाई के बाद CBI ने आरोपी के कार्यालय और आवास पर तलाशी भी ली. इस दौरान मामले से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज और अन्य अहम साक्ष्य जुटाने की कोशिश की गई. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जबलपुर स्थित सक्षम अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उसे 12 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. CBI के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है.
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