CBI का बड़ा एक्शन, अंतरराष्ट्रीय टेक सपोर्ट फ्रॉड रैकेट का किया भंडाफोड़; 4 आरोपी गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अमेरिका के नागरिकों को निशाना बनाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय टेक सपोर्ट फ्रॉड और उगाही (एक्सटॉर्शन) रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह पंजाब और दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर और ऑफिस संचालित कर रहा था. CBI ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गिरोह का सरगना भी शामिल है.
जांच के अनुसार, यह संगठित गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिकों को अपना शिकार बनाता था. आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट, वित्तीय संस्थानों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे. इसके लिए वे लोगों के कंप्यूटर स्क्रीन पर फर्जी पॉप-अप संदेश भेजते थे, जिनमें नकली माइक्रोसॉफ्ट टोल-फ्री नंबर दिखाई देते थे. पीड़ित जैसे ही इन नंबरों पर कॉल करते, उनकी कॉल सीधे गिरोह के फर्जी कॉल सेंटर तक पहुंच जाती थी.
इसके बाद आरोपी लोगों को यह कहकर डराते थे कि उनके कंप्यूटर में गंभीर तकनीकी समस्या है और उसे ठीक कराने के नाम पर उनसे पैसे ऐंठते थे. कई मामलों में आरोपियों ने पीड़ितों पर यह झूठा आरोप भी लगाया कि उनके कंप्यूटर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसी गैरकानूनी सामग्री मिली है और वे गंभीर अपराध में फंस सकते हैं. इस डर का फायदा उठाकर उनसे बिटकॉइन एटीएम के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में फिरौती जैसी रकम जमा कराई जाती थी.
CBI के मुताबिक, ठगी से हासिल की गई क्रिप्टोकरेंसी को कई अलग-अलग क्रिप्टो वॉलेट्स के जरिए अमेरिका से बाहर ट्रांसफर किया जाता था. बाद में इन पैसों को दिल्ली स्थित ऑपरेटरों की मदद से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं: सौरभ राणा (गिरोह का सरगना), इंदरमोहन सिंह, हरनीत सिंह, जप्पनदीप सिंह
बता दें कि CBI ने 5 और 6 अगस्त 2026 की दरमियानी रात पंजाब और दिल्ली में कुल 10 स्थानों पर छापेमारी की. इनमें मोहाली स्थित मुख्य आरोपी के परिसर में चल रहा फर्जी कॉल सेंटर भी शामिल था.
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने 20 से अधिक मोबाइल फोन, 15 लैपटॉप और टैबलेट, कई हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, बड़ी मात्रा में नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज और क्रिप्टो वॉलेट सहित कई अहम सबूत बरामद किए हैं. मुख्य आरोपी समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. मामले की आगे की जांच जारी है.
इस गिरोह की ठगी का शिकार अमेरिका के कई नागरिक हुए. वर्ष 2022 में फ्लोरिडा की एक महिला को धोखेबाजों ने यह कहकर डराया कि उसकी निजी और बैंकिंग जानकारी चोरी हो चुकी है तथा उसके कंप्यूटर में अवैध सामग्री डाल दी गई है. दबाव में आकर महिला ने कई किस्तों में लगभग 4.40 लाख अमेरिकी डॉलर बिटकॉइन एटीएम के जरिए जमा कर दिए. जांच में पता चला कि यह रकम आरोपियों के नियंत्रण वाले क्रिप्टो वॉलेट तक पहुंचाई गई.
इसी तरह वर्ष 2023 में न्यू जर्सी की एक अन्य महिला को भी इसी तरीके से निशाना बनाया गया. उसे बताया गया कि उसका कंप्यूटर हैक हो गया है और उसकी बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग किया जा रहा है. डर के माहौल में उसने भी लगभग 1.30 लाख अमेरिकी डॉलर बिटकॉइन एटीएम के माध्यम से जमा कर दिए. CBI अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
धामी सरकार की बड़ी सफलता, कांवड़ यात्रा पूरी तरह व्यवस्थित, सुरक्षित और सुचारु रूप से हो रही संचालित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व एवं राज्य सरकार की प्रभावी व्यवस्थाओं के कारण उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा पूरी तरह व्यवस्थित, सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो रही है. राज्य सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता तथा कानून-व्यवस्था के लिए किए गए व्यापक प्रबंधों का सकारात्मक परिणाम यह है कि अब तक 2 करोड़ 19 लाख 70 हजार से अधिक शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर सकुशल प्रस्थान कर चुके हैं. वहीं 06 अगस्त 2026 को सायं 6 बजे तक एक ही दिन में 39 लाख 15 हजार कांवड़ यात्री गंगाजल लेकर लौटे.
सुविधाओं की प्रभावी व्यवस्था की गई
प्रदेशभर में कांवड़ यात्रियों के लिए निर्बाध यातायात, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की प्रभावी व्यवस्था की गई है. यही कारण है कि लाखों शिवभक्त शांतिपूर्ण, सुरक्षित और तेजी से अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं तथा राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की खुले मन से सराहना कर रहे हैं.
व्यवस्थित रूप से संपन्न यात्रा
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सेवा का महापर्व है. उन्होंने सभी कांवड़ यात्रियों, शिवभक्तों, स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यात्रा को सकुशल और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की है.
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग, समन्वय और अनुशासन से कांवड़ यात्रा 2026 का सफल एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होगा तथा उत्तराखंड एक बार फिर उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और अतिथि सत्कार की अपनी गौरवशाली परंपरा को सशक्त रूप से स्थापित करेगा.
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