रामायण में हनुमान चालीसा गाने का मौका मिलने पर क्या बोले दिलजीत दोसांझ?
Explainer: मातृभूमि की कहानी को लेकर क्यों उठे थे सवाल, रक्षा मंत्रालय की जांच और CBFC सर्टिफिकेट तक की पूरी स्टोरी
Salman Khan Maatrubhumi Controversy: सलमान खान (Salman Khan) की फिल्म अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' (Maatrubhumi: May War Rest In Peace) के ट्रेलर और फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिल गई है. जिसके बाद अब मेकर्स इसका ट्रेलर और रिलीज डेट अनाउंस कर सकते हैं. हालांकि, ट्रेलर को मंजूरी के बाद कहा जा रहा था कि इसका ट्रेलर आज यानी 6 नवंबर 2026 को रिलीज होगा. लेकिन अब खबर है कि ट्रेलर कुछ दिन बाद जारी किया जाएगा. लेकिन इस फिल्म की चर्चा सिर्फ सलमान खान की वापसी या एक्शन सीन्स को लेकर नहीं है. मातृभूमि फिल्म की कहानी, भारत-चीन के रिश्तों से जुड़े, टाइटल में बदलाव और रक्षा मंत्रालय की मंजूरी को लेकर भी कई सवाल उठे हैं. पहले फिल्म का नाम बैटल ऑफ गलवान (Battle of Galwan) था और इसकी कहानी 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष से बेस्ड थी. बाद में फिल्म का नाम बदला गया और इसकी कहानी के ट्रीटमेंट में बदलाव की खबरें सामने आईं.
फिल्म के ट्रेलर को 4 नवंबर को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से U/A 16+ सर्टिफिकेट मिल चुका है. वही, सलमान खान ने हाल ही में मुंबई में फिल्म को लेकर किए गए एक इवेंट में अनाउंस किया कि मातृभूमि 4 दिसंबर को रिलीज होगी. ऐसे में फिलहाल, इसे ही आधिकारिक रिलीज डेट माना जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक,मेकर्स दिसंबर की रिलीज विंडो पर विचार कर रहे हैं. आइए समझते हैं कि फिल्म की कहानी पर सवाल क्यों उठे, रक्षा मंत्रालय की क्या भूमिका रही और CBFC तक पहुंचने में इसे किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
गलवान घाटी की घटना पर आधारित है फिल्म
मातृभूमि की कहानी जून 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुए संघर्ष से प्रेरित है. यह टकराव पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास हुआ था. इस घटना में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे. फिल्म में सलमान खान कर्नल बिक्कुमल्ला संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं, जो 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे. उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था. फिल्म में सलमान फिल्म में सैनिकों का नेतृत्व करते हुए नजर आएंगे. मेकर्स ने इसे सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि सैनिकों के साहस, बलिदान और इंसानियत से जुड़ी कहानी के तौर पर पेश करने की बात कही थी. फिल्म का डायरेक्शन अपूर्व लाखिया ने किया है. इसमें सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह अहम किरदार में हैं. इनके अलावा मुकेश ऋषि, अंकुर भाटिया, ज़ेन शॉ और अभिलाष चौधरी भी फिल्म में अहम किरदार निभाते हुए नजर आएंगे.
बैटल ऑफ गलवान से मातृभूमि क्यों रखा गया टाइटल का नाम
फिल्म की शुरुआत बैटल ऑफ गलवान (Battle of Galwan) नाम से हुई थी. दिसंबर 2025 में इसका टीजर भी इसी से रिलीज किया गया था. जिसमें सलमान खान को सेना के अधिकारी के रूप में दिखाया गया था. इसके बाद फिल्म के टाइटल और कंटेंट को लेकर चर्चा शुरू हुई. चीन के सरकारी मीडिया संस्थान ने टीजर पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि फिल्म गलवान की घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा सकती है और चीन विरोधी भावनाएं बढ़ा सकती है. मार्च 2026 में मेकर्स ने फिल्म का नाम बदलकर मातृभूमि कर दिया. डायरेक्टर अपूर्व लाखिया ने बताया था कि दोनों नाम पहले से रजिस्टर कराए गए थे. फिल्म पर काम आगे बढ़ने के बाद टीम को लगा कि इसकी कहानी सिर्फ एक लड़ाई की नहीं है. इसमें इंसानियत, सहानुभूति और सैनिकों का बलिदान भी दिखाया गया है.
कहानी में बदलाव को लेकर क्यों उठे सवाल?
फिल्म के टाइटल में बदलाव के बाद इसकी कहानी को लेकर भी कई सवाल उठे. अप्रैल 2026 में मेकर्स ने फिल्म के ट्रीटमेंट में बदलाव किए और कुछ हिस्सों की दोबारा शूटिंग हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, गलवान की घटना को सीधे दिखाने और चीन को लेकर कहानी में सावधानी बरती जा रही थी. इसमें यह भी कहा गया कि फिल्म के युद्ध वाले हिस्सों का टोन बदला गया. अक्टूबर में फिल्म के क्लाइमैक्स और सलमान खान के किरदार के आर्क में भी बदलाव किए गए हैं. रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से बताया गया कि कहानी के अंत को शांति के संदेश के मुताबिक तैयार किया गया. हालांकि, मेकर्स ने इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है.
रक्षा मंत्रालय की जांच में क्यों फंसी थी फिल्म?
फिल्म की कहानी असली सैन्य घटना से जुड़ी है. इसलिए मेकर्स को रक्षा मंत्रालय से NOC यानी No Objection Certificate लेने की प्रोसेस से गुजरना पड़ा. 25 अक्टूबर को रक्षा मंत्रालय की स्क्रीनिंग के बाद फिल्म में कुछ सुझाव दिए गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, मेकर्स ने उन सुझावों के आधार पर कुछ हिस्सों की दोबारा शूटिंग भी की. बदलाव के बादमंत्रालय को दोबारा दिखाया गया. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि जब तक रक्षा मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिलती, मेकर्स CBFC के पास फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए आगे नहीं बढ़ सकते. इसकी वजह यह बताई गई कि फिल्म में भारतीय सेना और एक संवेदनशील सैन्य घटना को दिखाया गया है. हालांकि, यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से सामने आई थी. मंत्रालय की तरफ से फिल्म के हर सीन पर दिए गए सुझावों पब्लिक नहीं किया गया.
चीन को लेकर क्या थी आपत्ति?
फिल्म को लेकर विवाद की एक बड़ी वजह भारत और चीन के बीच रिश्तों का बदलता माहौल भी बताया गया. गलवान की घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव रहा है. ऐसे में फिल्म में चीन को किस तरह दिखाया जाता है, यह एक अहम सवाल बन गया. मेकर्स ने फिल्म के ट्रीटमेंट में बदलाव किए और चीन का सीधा जिक्र कम करने की कोशिश की. इसलिए फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट किया गया. अक्टूबर में रक्षा मंत्रालय को फिल्म के कुछ पहलुओं, खासकर चीन के चित्रण को लेकर आपत्ति थी. इसके बाद मेकर्स ने संशोधित वर्जन तैयार किया.
CBFC तक पहुंचने में क्यों लगा इतना वक्त?
सरकार से मंजूरी की खबर आने के बाद भी फिल्म तुरंत CBFC के पास नहीं पहुंची. इसकी एक वजह पोस्ट-प्रोडक्शन का काम बताया गया. 7 अक्टूबर को फिल्म का फाइनल कट अभी लॉक नहीं हुआ था. बैकग्राउंड स्कोर पर म्यूजिक कंपोजर रवि बसरूर काम कर रहे थे और फिल्म में किए जा रहे बदलावों को भी शामिल किया जा रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक फाइनल कट तैयार नहीं होता, फिल्म को CBFC के पास भेजना संभव नहीं था. यानी फिल्म के सामने दो तरह की चुनौतियां थीं. पहली, चीन का मुद्दे के कारण जरूरी सरकारी मंजूरियां हासिल करना और दूसरी, फिल्म का फाइनल वर्जन तैयार करना. CBFC को पूरी फिल्म देखने के बाद ही सर्टिफिकेट देना होता है. हालांकि, 06 नवंबर को सलमान खान ने फिल्म के एक इवेंट में कहा कि फिल्म 4 दिसंबर को रिलीज हो रही है.
कब-कब टली फिल्म की रिलीज?
फिल्म को शुरुआत में अप्रैल 2026 में रिलीज करने की प्लान था. बाद में 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के आसपास रिलीज की खबर सामने आई. लेकिन यह तारीख भी तय नहीं हो सकी. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि अप्रैल में फिल्म की शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी, लेकिन कहानी के ट्रीटमेंट, री-शूट और मंजूरी की प्रक्रिया के कारण रिलीज आगे बढ़ गई. अक्टूबर में सरकारी मंजूरी मिलने की खबर के बाद 13 नवंबर की संभावित रिलीज डेट पर चर्चा हुई. लेकिन पूरी फिल्म का फाइनल कट और CBFC सर्टिफिकेशन बाकी होने के कारण यह योजना भी आगे नहीं बढ़ी. अब फिल्म के ट्रेलर को मंजूरी मिल गई है. ऐसे में आने वाले दिनों में मातृभूमि का ट्रेलर का कभी रिलीज हो सकता है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









