एआई रेगुलेशन के डर से ग्लोबल मार्केट में गिरावट, एशिया में टेक शेयर धड़ाम
नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। एआई के कड़े नियमन के डर और एआई से जुड़े खर्चों में संभावित कमी की आशंका से शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भारी गिरावट आई। वॉल स्ट्रीट में भारी नुकसान के बाद टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली शुरू हो गई।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 8 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया, जिससे ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। बाजार दोबारा खुलने के बाद इसमें थोड़ी रिकवरी आई।
इसी तरह, जापान का निक्केई भी करीब 6 प्रतिशत टूट गया। जबकि ताइवान का बेंचमार्क इंडेक्स भी 8 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया।
खास शेयरों की बात करें तो सेमीकंडक्टर और एआई से जुड़ी बड़ी कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स करीब 10 प्रतिशत गिरा और एसके हाइनिक्स लगभग 12 प्रतिशत टूट गया।
वहीं, एआई कारोबार में दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में से एक सॉफ्टबैंक ग्रुप भी इस सेक्टर में भविष्य के रिटर्न को लेकर चिंता के बीच 11 प्रतिशत गिर गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट से बढ़ता शक दिखा कि क्या एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, चिप्स और डेटा सेंटर में हो रहे भारी निवेश मौजूदा गति से जारी रहेंगे, अगर नियामक इस उद्योग के प्रति सख्त रुख अपनाते हैं।
उन्होंने निवेशकों की पोजिशनिंग और मजबूरी में हुई बिकवाली को भी गिरावट बढ़ाने वाले कारकों के रूप में बताया।
एशियाई शेयरों में बिकवाली का दबाव गुरुवार रात अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बाद आया, जहां निवेशकों को चिंता हुई कि कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की मजबूत मौजूदगी से तेजी से बढ़ रहे एआई सेक्टर की जांच बढ़ सकती है। इसके बाद टेक्नोलॉजी शेयरों पर भारी दबाव आया।
नैस्डैक कंपोजिट 5.5 प्रतिशत गिर गया, जबकि एसएंडपी 500 में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 3.4 प्रतिशत टूट गया।
इसके अलावा, इस बिकवाली से एसएंडपी 500 कंपनियों की करीब 3 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू खत्म हो गई और वॉल स्ट्रीट का वोलैटिलिटी इंडेक्स तेजी से बढ़ गया।
कमजोरी तेजी से एशिया में फैल गई, जहां टेक्नोलॉजी वाले बाजारों ने हाल के वर्षों में क्षेत्र के सबसे बड़े नुकसान में से कुछ दर्ज किए।
कमोडिटी के मोर्चे पर, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 100.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी एक प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 91.91 डॉलर पर पहुंच गया।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अक्टूबर में भारत में ऑटो रिटेल बिक्री 31.72 लाख यूनिट के पार, ईवी बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र ने अक्टूबर 2026 में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने शुक्रवार को कहा कि देशभर में कुल वाहन खुदरा बिक्री 31,72,466 यूनिट रही, जो सितंबर की तुलना में 25.05 प्रतिशत अधिक रही, हालांकि अक्टूबर 2025 के मुकाबले 23.80 प्रतिशत कम दर्ज की गई। फाडा का कहना है कि सालाना आधार पर दिख रही यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले वर्ष के असाधारण उच्च आधार प्रभाव का परिणाम है।
अक्टूबर का सबसे बड़ा आकर्षण इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सेगमेंट रहा। ईवी खुदरा बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर लगभग 3.55 लाख यूनिट रही, जो एक साल पहले की तुलना में 44.88 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही कुल वाहन बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 11.5 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले वर्ष यह करीब 6 प्रतिशत थी। दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहन और वाणिज्यिक वाहन, सभी श्रेणियों में अक्टूबर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ महीना रहा।
फाडा अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि अक्टूबर 2025 असाधारण रूप से मजबूत महीना था, क्योंकि उस समय नवरात्रि और दीपावली दोनों एक ही महीने में आए थे। इसके अलावा जीएसटी 2.0 दरों में कटौती के बाद बनी अतिरिक्त मांग का भी लाभ बाजार को मिला था। इसके विपरीत इस वर्ष नवरात्रि अक्टूबर में रही, जबकि धनतेरस और दीपावली नवंबर में चली गईं।
इसी उच्च आधार के कारण दोपहिया वाहनों की बिक्री में 28.35 प्रतिशत और यात्री वाहन बिक्री में 14.23 प्रतिशत की सालाना गिरावट दिखाई दी। हालांकि वाणिज्यिक वाहन बिक्री 2.29 प्रतिशत, तिपहिया वाहन 3.97 प्रतिशत, ट्रैक्टर 3.10 प्रतिशत और निर्माण उपकरण 22.07 प्रतिशत बढ़े।
साई गिरिधर ने कहा कि वास्तविक तस्वीर देखने पर यह अक्टूबर इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा अक्टूबर रहा। वाणिज्यिक वाहन, तिपहिया और ट्रैक्टर श्रेणियों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ अक्टूबर प्रदर्शन दर्ज किया। सितंबर की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि ही त्योहारी मांग का सही संकेतक है।
दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 23,21,419 यूनिट रही। यह सेगमेंट सबसे अधिक ग्रामीण और त्योहारी मांग पर निर्भर करता है। हालांकि सालाना आधार पर गिरावट दिखी, लेकिन मासिक आधार पर दोपहिया बिक्री 29.67 प्रतिशत बढ़ी। डीलरों के अनुसार, त्योहारी सीजन में ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रही, हालांकि कुछ क्षेत्रों में कम बारिश और कमजोर खरीफ फसल के कारण ग्रामीण मांग पर दबाव देखा गया।
वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। अक्टूबर में इस श्रेणी की बिक्री 1,15,140 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 2.29 प्रतिशत और सितंबर की तुलना में 11.19 प्रतिशत अधिक है। भारी वाणिज्यिक वाहनों (एचसीवी) की बिक्री 28.95 प्रतिशत और मध्यम वाणिज्यिक वाहनों (एमसीवी) की बिक्री 21.16 प्रतिशत बढ़ी, जबकि हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) में 9.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
यात्री वाहन श्रेणी में 5,07,768 यूनिट की खुदरा बिक्री हुई। यह अक्टूबर 2025 के असाधारण स्तर से 14.23 प्रतिशत कम रही, लेकिन सितंबर के मुकाबले 18.86 प्रतिशत अधिक रही। यह अब तक का तीसरा सर्वश्रेष्ठ अक्टूबर प्रदर्शन है। स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) और नए मॉडलों की लॉन्चिंग ने मांग को मजबूत बनाए रखा, जबकि एंट्री-लेवल कारों की मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही।
फाडा ने यात्री वाहन इन्वेंटरी को लेकर चिंता भी जताई। रिकॉर्ड थोक आपूर्ति के बावजूद डीलरशिप स्तर पर स्टॉक लगभग 43-45 दिनों के बराबर बना हुआ है। संगठन को उम्मीद है कि धनतेरस और दीपावली की बिक्री के बाद वर्ष के अंत तक यह घटकर लगभग 30 दिनों के स्तर पर आ जाएगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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