आम के पेड़ों से फल गिरने की समस्या से हैं परेशान, तो अपनाएं ये आसान उपाय यकीन मानिए फलों से लद जाएगा पेड़
आम की बागवानी के लिए गर्मी का मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इसी मौसम में पेड़ों पर बौर आने के बाद फलन की प्रक्रिया शुरू होती है. इस दौरान यदि बागवान जरा सी भी लापरवाही करते हैं, तो उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि बागवान आम के बाग की अच्छी तरह देखभाल करें. साथ ही पौधों पर टिकोले दिखाई देने के दौरान ही जरूरी कीटनाशक इमिडाक्लोप्रिड और प्लानोफिक्स दवा का उचित मात्रा में छिड़काव कर दें.
Video: जीभ लेगी चटकारे, भूख होगी दोगुनी! सरसों तेल और स्मोकी तड़के वाली इस चटनी में छिपा है झारखंडी जायका
Jharkhand Tomato Dhaniya Chutney Recipe: झारखंड के ग्रामीण अंचलों की पहचान अब केवल वहां की संस्कृति से ही नहीं, बल्कि वहां के पारंपरिक जायके से भी है. देसी टमाटर-धनिया चटनी इसी कड़ी का एक ऐसा हिस्सा है. जिसके बिना झारखंडी थाली अधूरी मानी जाती है. यह महज एक साइड डिश नहीं, बल्कि साधारण दाल-भात और रोटी के स्वाद को दोगुना करने का जादुई नुस्खा है. इस चटनी की खासियत इसका स्मोकी फ्लेवर है. चूल्हे या गैस की धीमी आंच पर भुने टमाटरों को जब ताजे धनिये, लहसुन और तीखी हरी मिर्च के साथ सिलबट्टे पर दरदरा पीसा जाता है, तो इसकी खुशबू भूख बढ़ा देती है. लेकिन इस रेसिपी का असली सीक्रेट इंग्रीडिएंट है कच्चा सरसों तेल. इसकी झार और महक ही चटनी को असली झारखंडी टच देती है. चाहे सुबह का नाश्ता हो या रात का खाना, खिचड़ी से लेकर सत्तू तक के साथ यह चटनी स्वाद का ऐसा तालमेल बिठाती है कि लोग उंगलियां चाटने पर मजबूर हो जाते हैं. अगर आप भी खाने के शौकीन हैं, तो यह कम मेहनत में तैयार होने वाला देसी जायका आपके भोजन का स्वाद बदल सकता है.
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