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सेंसेक्स में 100 अंक की तेजी, निफ्टी में गिरावट:7 दिन में 8% से ज्यादा चढ़ा बाजार; आज जापान, कोरिया के बाजार 5% से ज्यादा टूटे

धनतेरस पर आज 6 नवंबर को सेंसेक्स 100 अंक या 0.17% चढ़कर 79,450 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 20 अंक की गिरावट है, ये 24,500 के स्तर पर है। कल बाजार में साल की दूसरी बड़ी बढ़त रही थी। सेंसेक्स 2009 अंक चढ़कर 79310 पर बंद हुआ था। इससे पहले 8 अप्रैल को सेंसेक्स 2,946 अंक चढ़ा था। कोरिया और जापान के बाजार 6% गिरे अमेरिकी बाजार भी करीब 5% टूटे शेयर बाजार 7 दिन में 8% से ज्यादा चढ़ा शेयर बाजार में तेजी का आज लगातार सातवां दिन है। 28 अक्टूबर से लेकर 6 नवंबर के दौरान सेंसेक्स 73,246 से उछलकर 79,400 के पार पहुंच गया है। यानी ये 8% से ज्यादा चढ़ा है। विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 32 हजार करोड़ के शेयर खरीदे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। एक्सपर्ट बोले- LTCG टैक्स में कटौती की उम्मीद से सुधरा माहौल जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के डॉ. वीके विजयकुमार का कहना है कि बेहतर नतीजों और सस्ते क्रूड ऑयल के साथ LTCG टैक्स में बदलाव की संभावना ने FIIs का नजरिया बदल दिया है। ग्लोबल ब्रोकरेज नोमुरा ने भी इसे विदेशी निवेशकों की वापसी की वजह माना। लार्जकैप शेयरों में तेजी आगे भी रह सकती है विदेशी निवेशकों की शुरुआती खरीदारी से बड़े शेयरों में उछाल है। विजयकुमार को उम्मीद है कि अभी बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के दिग्गज शेयरों में और तेजी दिख सकती है। उन्होंने कहा कि लार्जकैप शेयरों में अभी और शॉर्ट कवरिंग होनी बाकी है, इसलिए बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों की अगुवाई में बड़े शेयरों में आगे और रिकवरी की उम्मीद है। हालांकि विजयकुमार ने चेतावनी भी दी है कि जैसे ही बाजार ऊपर जाएगा, घरेलू निवेशक मुनाफावसूली के लिए शेयर बेच सकते हैं। इससे ऊपरी स्तरों पर बिकवाली आ सकती है। कल भी बाजार में तेजी रही थी

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अमेरिकी शेयर बाजार में 18 महीने की सबसे बड़ी गिरावट:नैस्डैक 5.5% टूटा, डाउ जोन्स 3.4% गिरा; ट्रम्प ने इसके लिए डेमोक्रैट्स को जिम्मेदार ठहराया

अमेरिकी शेयर बाजार यानी वॉल स्ट्रीट में गुरुवार को भारी बिकवाली हुई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर जरूरत से ज्यादा खर्च और इस सेक्टर में सख्त नियमों बनाने की चर्चा के कारण निवेशकों ने टेक शेयरों से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला है। इस वजह से एक ही दिन में मार्केट वैल्यू में 2.5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 236 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया। नैस्डैक इंडेक्स में पिछले 18 महीने में सबसे बड़ी गिरावट रही। वहीं SP 500 इंडेक्स ने अप्रैल 2025 के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। एनवीडिया का शेयर करीब 10% गिरा टेक शेयरों वाला नैस्डैक कंपोजिट 5.5% टूटा है। नैस्डैक में इस करेक्शन यानी गिरावट में एनवीडिया का शेयर करीब 10% गिरा है। इसके साथ ही नैस्डैक अपने हाल ही में बनाए ऑल-टाइम हाई से 10% नीचे आ गया है, जिससे यह ऑफिशियली 'करेक्शन टेरिटरी' में पहुंच चुका है। वहीं डाउ जोन्स 3.4% और SP 500 इंडेक्स 4.3% गिरा है। मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी रह चुकी एनवीडिया का शेयर 9.3% गिर गया, जिसके चलते इसका प्रदर्शन इस पूरे साल के लिए निगेटिव जोन में चला गया। इसके अलावा, मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी सैनडिस्क में 22% और हार्ड ड्राइव बनाने वाली कंपनी वेस्टर्न डिजिटल के शेयर में 17% की भारी गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोन्स में 1833 अंकों की बड़ी गिरावट बाजार में बिकवाली का यह रुख केवल टेक शेयरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरे अमेरिकी बाजार में देखने को मिला। अमेरिकी इकोनॉमी की 30 दिग्गज कंपनियों वाले डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज इंडेक्स में 1,833 अंक यानी 3.4% की गिरावट आई और यह 51,868 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं SP 500 इंडेक्स में 4.4% की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले बाजार में ऐसी बड़ी हलचल तब देखने को मिली थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 'लिबरेशन डे' टैरिफ को लेकर चिंताएं बढ़ी थीं। SP 500 के सभी 11 सेक्टर्स गिरकर बंद SP 500 के सभी 11 इंडस्ट्री सेक्टर्स में गिरावट रही, जिनमें से 7 सेक्टर्स में कम से कम 2% का नुकसान दर्ज किया गया। भारी मशीनरी बनाने वाली कंपनी कैटरपिलर के शेयर 6.4% टूट गए। बैंकिग दिग्गज जेपीमॉर्गन चेस 4.2% गिरा, जबकि यूनाइटेडहेल्थ और 3M दोनों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई, जिससे डाउ जोन्स पर दबाव और बढ़ गया। 'फियर इंडेक्स' VIX 61% उछला वॉल स्ट्रीट का वोलेटिलिटी इंडेक्स (VIX), जिसे बाजार का 'फियर इंडेक्स' (डर का पैमाना) भी कहा जाता है, 61% उछल गया। यह ईरान युद्ध के शुरुआती हफ्तों के बाद का सबसे हाई लेवल है, जो बाजार में निगेटिव माहौल को दर्शाता है। ट्रम्प ने मिडटर्म इलेक्शन और 'डेमोक्रैट्स' को जिम्मेदार ठहराया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाजार में इस गिरावट के लिए मिडटर्म इलेक्शन और 'डेमोक्रैट्स' को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि इलेक्शन के नतीजों की वजह से स्टॉक मार्केट ने इतिहास के सबसे बुरे दिनों में से एक का सामना किया है। ऐसा देखना बेहद दुखद है, हमें उस स्तर तक पहुंचने में बहुत मेहनत लगी थी जो पहले किसी ने नहीं देखा था, और फिर यह हुआ। इसलिए आपके रिटायरमेंट फंड घट गए हैं। याद रखें, यह रिपब्लिकन की वजह से नहीं, बल्कि डेमोक्रैट्स की वजह से हुआ है। हालांकि डरें नहीं, हम जल्द ही किसी न किसी तरह से पहले से भी बड़े और मजबूत होंगे। एक दूसरी पोस्ट में ट्रम्प ने कहा कि स्टॉक मार्केट आज इसलिए क्रैश हुआ क्योंकि मंगलवार को डेमोक्रैट्स को बड़ी जीत मिली। यह देखकर बहुत दुख होता है, इसके लिए आप खुद ही जिम्मेदार हैं। हाल ही में 2026 के मिडटर्म इलेक्शन में डेमोक्रैट्स ने जीत हासिल की है और ट्रम्प के बचे हुए कार्यकाल के लिए कांग्रेस (अमेरिकी संसद) पर अपना कंट्रोल बना लिया है। AI सेक्टर पर बढ़ता दबाव और नियमों की चर्चा निवेशक इस साल की सबसे पॉपुलर AI से जुड़ी डील्स का री-वैल्यूएशन कर रहे हैं। अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन के नतीजों के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री पर सख्त नियमों और कड़ी निगरानी की चर्चा बढ़ गई है। इससे इस सेक्टर में निवेश की रफ्तार को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। साथ ही निवेशक डेटा सेंटरों के विस्तार की गति धीमी होने का अनुमान लगा रहे हैं, जिससे चिप मैन्युफैक्चरर और इस इंडस्ट्री को इक्विपमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर की सप्लाई करने वाली कंपनियों पर दबाव बन रहा है। सुरक्षित निवेश की तरफ झुकाव, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड घटी शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स का रुख किया, जिससे अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ गई। मांग बढ़ने से बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट पर यील्ड (ब्याज दर) गिरकर 9 सितंबर के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट वॉल स्ट्रीट की इस बिकवाली का असर शुक्रवार को एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 6% तक फिसल गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% से ज्यादा टूट गया।

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  Sports

माइक हसी की ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में वापसी, एशेज-वर्ल्ड कप और ओलंपिक के लिए कंगारुओं का स्पेशल प्लान

Michael Hussey Australia coach: ऑस्ट्रेलिया ने माइकल हसी को सिर्फ एक सीरीज के लिए नहीं, बल्कि 2027 से 2028 तक के बड़े क्रिकेट मिशन की तैयारी में शामिल किया है. हसी का टीम के साथ जुड़ना बताता है कि ऑस्ट्रेलिया आने वाले बड़े मिशन यानी एशेज, वनडे विश्व कप, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक और टी-20 विश्व कप के लिए कितने अहम होंगे. हसी को उनके आईपीएल के पूर्व सहयोगी स्टीफन फ्लेमिंग भी इंग्लैंड क्रिकेट टीम से बतौर कोच जुड़ने बुला रहे थे. Fri, 6 Nov 2026 09:21:47 +0530

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