Chawri Bazar इमारत ढहने का मामला: दिल्ली पुलिस ने 3 ठेकेदारों को फरीदाबाद से किया गिरफ्तार, एमसीडी के दो इंजीनियर भी सस्पेंड
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक और व्यस्त इलाके चावड़ी बाजार में हुई एक दर्दनाक दुर्घटना के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने चावड़ी बाजार में इमारत गिरने की घटना में कथित रूप से शामिल तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को हुए इस भीषण हादसे में दो बेकसूर लोगों की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पड़ोसी राज्य हरियाणा के फरीदाबाद जिले से दबोचा। आरोपियों को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सिरोही गांव से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, इन तीनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार किए गए ठेकेदारों की पहचान सिराज (स्वर्गीय अब्दुल शकूर के बेटे), ताजुद्दीन (समुद्दीन के बेटे) और फुरकान (अब्दुल हफीज के बेटे) के रूप में हुई है। ये तीनों दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके के रहने वाले हैं। सिराज और ताजुद्दीन 'गली सितारा' में रहते हैं, जबकि फुरकान अजमेरी गेट के पास शाहगंज चौक के पास 'गली नल वाली' में रहता है।
MCD के दो इंजीनियर सस्पेंड
इससे पहले, गुरुवार को हुई इस घटना के कुछ घंटों बाद ही, लापरवाही बरतने के आरोप में नगर निगम (MCD) के दो जूनियर इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया था। ओल्ड दिल्ली ज़ोन के डिप्टी कमिश्नर ने अलग-अलग आदेश जारी कर एक असिस्टेंट इंजीनियर और एक जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। आदेशों में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही का मामला है। आदेश में लिखा है, "हाल की घटना और उससे जुड़े घटनाक्रमों को देखते हुए, और अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही के प्रथम दृष्टया मामले को ध्यान में रखते हुए, आपको तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाता है। आगे की जांच पूरी होने तक यह निलंबन लागू रहेगा।"
इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और नगर निगम (MCD) के संबंधित दो इंजीनियरों को तुरंत सस्पेंड किया जाए। मुख्यमंत्री गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास 'गली सितारा' में घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्माण सुरक्षा मानकों से समझौता करने के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाए और प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता (एक्स-ग्रेशिया) दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा नियमों को लागू करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सरकार नहीं बख्शेगी। उन्होंने लोगों से निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के उचित नियमों का पालन करने की अपील की और चेतावनी दी कि बुनियादी सावधानियों को नजरअंदाज करने से लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
चावड़ी बाजार में इमारत गिरने का क्या कारण था?
चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास 'गली सितारा' में तीन मंजिला इमारत सुबह करीब 9:50 बजे ढह गई, जिसके बाद कई आपातकालीन बचाव दलों ने राहत कार्य शुरू किया। MCD के एक अधिकारी के अनुसार, इस इमारत में निर्माण कार्य हादसे से लगभग 15 दिन पहले ही रोक दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि जब इमारत ढही, तब मजदूर छत के नीचे लगे सपोर्ट सिस्टम को हटा रहे थे।
MCD अधिकारी द्वारा दी गई शुरुआती जानकारी में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और इमारत की हालत की ओर इशारा किया गया है। अधिकारी ने कहा, "इस्तेमाल की गई सामग्री तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं थी और ठीक से सेट भी नहीं हुई थी, जिसकी वजह से अंततः इमारत ढह गई।" मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू की गई जांच से यह साफ हो पाएगा कि असल में क्या हुआ था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
Delhi Gaffar Market Massive Fire: करोल बाग के पुरी प्लाजा की दुकान में लगी भयानक आग, 22 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू
देश की राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध इलेक्ट्रॉनिक और मोबाइल बाजार करोल बाग स्थित गफ्फार मार्केट में बृहस्पतिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पुरी प्लाजा इमारत में मौजूद मोबाइल फोन के सामान की एक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी चार मंजिला व्यावसायिक इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने बताया कि आग चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में फैल गई और अब तक इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन आग से संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर आग लगने की संभावित वजह बैटरियों का अत्यधिक गर्म होना या उन्हें जरूरत से ज्यादा चार्ज करना माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने के सही कारण का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रात एक बजकर 28 मिनट पर पुरी प्लाजा में आग लगने की सूचना मिली थी, इसके बाद करोल बाग थाने में पीसीआर कॉल आई। अधिकारी ने कहा, थाने में रात की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यावसायिक इमारत की दुकान संख्या 13/21 में आग लगी देखी। इस इमारत में मोबाइल फोन के सामान का कारोबार करने वाली दुकानें हैं।
पुलिस के मुताबिक, आग सबसे पहले भूतल पर स्थित एक दुकान में लगी होने का संदेह है, जहां मोबाइल की बैटरियां रखी हुई थीं। इसके बाद आग चार मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। उनके अनुसार, आग बुझाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल की करीब 20 से 25 गाड़ियां, सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (कैट्स) की तीन एंबुलेंस और पीसीआर की दो गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। उन्होंने बताया कि आग तेज होने पर दमकल की अतिरिक्त गाड़ियों को भी काम पर लगाया गया।
पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की है कि आग को पूरी तरह बुझा दिया गया है और अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। क्षेत्र में किसी भी तरह की अफवाह या कानून-व्यवस्था की समस्या को रोकने के लिए एहतियातन पुलिस बलों की तैनाती की गई है। पुलिस की ओर से आगे की विधिक कार्रवाई FSL और दमकल विभाग की जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम भी इमारत की जांच करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां कोई अन्य ज्वलनशील सामग्री तो नहीं रखी गई थी।
पुलिस ने बताया कि इन रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, साथ ही, मानव जीवन को किसी तरह के खतरे की आशंका को दूर करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन या प्रमाणपत्र भी मांगा जाएगा। अधिकारी ने कहा, आग बुझा दी गई है और मौके पर स्थिति नियंत्रण में है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
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