क्या भारत समेत 16 देशों की व्यापार नीति से अमेरिका को हो रहा नुकसान, ट्रंप उठा सकते हैं बड़ा कदम
वॉशिंगटन, 12 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ नीति को लेकर झटका मिलने के बाद अमेरिकी सरकार ने अब एक नया दांव खेला है। अमेरिका ने 16 देशों के खिलाफ बड़ी व्यापार जांच की शुरुआत की है। इन देशों में भारत का नाम भी शामिल है। अमेरिका ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ज्यादा औद्योगिक क्षमता को लेकर भारत और 15 दूसरे देशों को निशाने पर लिया है। जांच पड़ताल पूरी हो जाने के बाद इन देशों के खिलाफ टैरिफ या दूसरे ट्रेड कदम उठाए जा सकते हैं।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने बुधवार को इस जांच की घोषणा की। इसमें यह जांच की जाएगी कि क्या नामित देशों की नीतियां कहीं गलत तरीके से प्रोडक्शन और निर्यात को बढ़ावा तो नहीं देती हैं और अमेरिकी व्यापार के रास्ते में रुकावटें ला रही हैं।
ग्रीर ने मीडिया के साथ टेलीफोनिक बातचीत के दौरान कहा कि सरकार का मानना है कि कुछ ट्रेडिंग पार्टनर ने मार्केट की डिमांड से ज्यादा इंडस्ट्रियल क्षमता बनाई है। उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि मुख्य ट्रेडिंग साझेदारों ने ऐसी प्रोडक्शन क्षमता बनाई है जो असल में घरेलू और ग्लोबल डिमांड के मार्केट इंसेंटिव से अलग है।
उन्होंने आगे कहा कि इस अतिरिक्त क्षमता के कारण अन्य कारकों के साथ मिलकर उत्पादन जरूरत से अधिक हो जाता है और लगातार बड़ा व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) बनता है। इसकी वजह से विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र में क्षमता का कम इस्तेमाल या बिल्कुल उपयोग न होने की स्थिति भी पैदा होती है।
यह जांच ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत की जाएगी। इस कानून के तहत अमेरिका के पास दूसरे देशों के उन तरीकों पर जवाब देने का अधिकार होता है जो यूएस की अर्थव्यवस्था पर बोझ डालते हैं या रुकावटें पैदा करते हैं। अमेरिका की नजरों में यह गलत या भेदभाव वाला है।
जिन देशों की जांच हो रही है, उनमें चीन, यूरोपीय यूनियन, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, मलेशिया, कंबोडिया, थाईलैंड, कोरिया, वियतनाम, ताइवान, बांग्लादेश, मैक्सिको, जापान और भारत शामिल हैं।
ग्रीर ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि जांच में कई तरह के तरीकों की जांच की जाएगी जो औद्योगिक अतिरिक्त क्षमता में योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा, ये देश फिर से कई तरीकों से ज्यादा क्षमता के संकेत दिखा सकते हैं, जैसे उनके अपने करंट अकाउंट अधिशेष, अमेरिका के साथ उनका द्विपक्षीय व्यापार अधिशेष, कम इस्तेमाल हुई या बिना इस्तेमाल की क्षमता या इन अर्थव्यवस्थाओं में ज्यादा प्रोडक्शन।
उन्होंने कहा कि सरकारें नीति में दखल देकर प्रोडक्शन और निर्यात को बढ़ावा दे सकती हैं, जो मार्केट सिग्नल को बिगाड़ते हैं। ग्रीर ने कहा, उदाहरण के लिए, सप्लाई, डिमांड और निवेश से अलग प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना शामिल हो सकता है, जिसमें सब्सिडी भी शामिल है।
अधिकारियों ने जिन दूसरे कारकों का जिक्र किया है, उनमें उद्योगों में सरकार का दखल, वित्तीय समर्थन के तरीके और मार्केट की रुकावटें शामिल हैं, जो घरेलू मांग से ज्यादा प्रोडक्शन को बढ़ावा दे सकती हैं।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के ऑफिस ने कहा कि अब वह कोई भी फैसला लेने से पहले कंसल्टेशन, पब्लिक कमेंट्स और सुनवाई वाली एक औपचारिक प्रक्रिया शुरू करेगा।
संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के अनुसार, 17 मार्च को पब्लिक डॉकेट खुलने के बाद सुनवाई में शामिल होने के लिए लिखित टिप्पणी और अपील सबमिट किए जा सकते हैं। मामले को लेकर विचार सुनिश्चित करने के लिए सबमिशन 15 अप्रैल तक फाइल किए जाने चाहिए।
इंटर-एजेंसी सेक्शन 301 कमेटी के सामने सार्वजनिक सुनवाई 5 मई को वॉशिंगटन में शुरू होने वाली है। लिखित सबमिशन, गवाही सुनने और जांच के दायरे में आने वाली सरकारों के साथ कंसल्टेशन की समीक्षा करने के बाद, यूएसटीआर यह तय करेगा कि क्या कोई विदेशी नीति अमेरिकी व्यापार कानून के तहत एक्शन लेने लायक है और क्या जवाब देना जरूरी है।
ग्रीर ने जोर देकर कहा कि प्रक्रिया अभी शुरू ही हुई है और सरकार कोई भी कार्रवाई करने से पहले सबूतों का अध्ययन करेगी।
उन्होंने कहा, “हम यह जांच शुरू करने जा रहे हैं ताकि इन समस्याओं को बेहतर ढंग से समझा जा सके और उनका हल निकाला जा सके और इन समस्याओं के कारणों को भी अच्छी तरह समझा जा सके, जो हर देश में अलग-अलग हो सकती हैं।”
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग में संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता एक बढ़ती हुई चिंता बन गई है क्योंकि इससे लगातार व्यापार अधिशेष और ग्लोबल प्रोडक्शन डिमांड से ज्यादा हो सकता है। ऐसे असंतुलन की वजह से दूसरी अर्थव्यवस्थाओं में औद्योगिक क्षेत्र कमजोर हो सकता है और घरेलू निवेश प्रभावित हो सकता है।
यह जांच ऑटोमोबाइल और स्टील से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल, मशीनरी और सोलर मॉड्यूल तक के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जांच करेगी, जहां पॉलिसी बनाने वालों का कहना है कि एक्स्ट्रा प्रोडक्शन कैपेसिटी ग्लोबल ट्रेड में बार-बार आने वाला मुद्दा बन गया है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
फिर मां बनने वाली हैं नीना गुप्ता? जानें क्यों एक्ट्रेस का Video देख लोग बोल रहे-'भाई ये प्रेग्नेंट है'
Neena Gupta Pregnancy Rumours: बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस नीना गुप्ता अपनी फिल्मों को लेकर तो चर्चा में रहती ही हैं. साथ ही एक्ट्रेस अपने लुक्स को लेकर भी छाई रहती हैं. नीना गुप्ता भले ही 66 साल की हो गई हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने खुद को मेनटेन किया है लोग उनकी काफी तारीफ करते हैं. लेकिन इस समय नीना अपने काम और फिटनेस को लेकर नहीं, बल्कि प्रेग्नेंसी को लेकर चर्चा में बनी हुई है. सोशल मीडिया पर लोग एक्ट्रेस को प्रेग्नेंट बुला रहे हैं. चलिए जानते हैं, क्या है इसकी वजह-
नीना को प्रेग्नेंट क्यों बुला रहे लोग?
नीना गुप्ता को कुछ समय पहले रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) और विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) के रिस्पेशन में शामिल होते देखा गया था. एक्ट्रेस पार्टी में अपने पति विवेक मेहरा के साथ पहुंची थी. इस दौरान नीना ऑफ व्हाइट कलर की साड़ी में बेहद खूबसूरत लग रही थी. लेकिन इस चीज ने लोगों का ध्यान खिंचा वो था एक्ट्रेस का पेट, जिसे लोग बेबी बंप बताने लगे. एक्ट्रेस जिस तरह से अपने पेट में हाथ रखकर पोज दे रही थी, लोगों को वो प्रेग्नेंट लगी. वहीं, अब उनका ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
वीडियो देख लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शन
नीना गुप्ता के वीडियो (Neena Gupta Video Viral) में लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- 'भाई ये प्रेग्नेंट है', तो दूसरे ने सवाल किया कि ये प्रेग्नेंट क्यों लग रही हैं. वहीं, कुछ कहने लगे कि उनका बेबी बंप दिख रहा है. हालांकि कईयों ने एक्ट्रेस को सपोर्ट भी किया और कहा कि बढ़ती उम्र की वजह से उनका पेट ऐसा है. इसके अलावा वीडियो में लोग नीना गुप्ता के पति पर भी कमेंट करने लगे. कईयों को तो पता ही नहीं था कि नीना गुप्ता शादीशुदा हैं.
एक्ट्रेस ने वीडियो पर किया रिएक्ट
हाल ही में नीना गुप्ता (Neena Gupta) ने बॉलीवुड हंगामा संग बातचीत की थी. इस दौरान एक्ट्रेस ने प्रेग्नेंसी रूमर्स पर बात की और इन खबरों को खारिज कर दिया. उन्होंने अपनी हिट फिल्म 'बधाई हो' का जिक्र करते हुए कहा- 'यही चाहिए मुझे, रियल लाइफ बधाई हो...बधाई हो जैसी कोई बात नहीं है. मैं प्रेग्नेंट नहीं हूं. सच तो यह है कि साड़ी का कपड़ा मोटा था, इसलिए रिसेप्शन में मैं थोड़ी मोटी लग रही थी.लेकिन मुझे कहना होगा कि इस उम्र में मेरी प्रेग्नेंसी को लेकर हो रही ये सारी अटकलें मुझे बहुत अच्छी लग रही हैं. इससे पता चलता है कि हम एक देश के रूप में विकसित हो रहे हैं.' एक्ट्रेस के वर्कफ्रंट की बात करे तो हाल ही में उन्हें संजय मिश्रा संग 'वध 2' , 'तू मेरी मैं तेरा' में देखा गया था. वहीं, इससे पहले वो 'मेट्रो इन दिनों' में भी नजर आई थी.
ये भी पढ़ें- मुस्लिम बॉयफ्रेंड ने भरी मोनालिसा की मांग, क्या 'Love Jihad' का शिकार हुई महाकुंभ की वायरल गर्ल?
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation















