Kochi में डॉक्टर से मारपीट और लूटपाट, साउथ एक्ट्रेस Athulya Chandra समेत 3 गिरफ्तार
कोच्चि, पांच नवंबर अभिनेत्री अतुल्या चंद्रा और दो अन्य लोगों को एक डॉक्टर को बहाने से फ्लैट में बुलाकर मारपीट करने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। डॉक्टर की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, उसे दो नवंबर को यहां वायटिला स्थित एसेन स्प्रिंगडेल अपार्टमेंट के एक फ्लैट में यह कहकर बुलाया गया था कि आरोपियों में से एक की मौसी की तबीयत खराब है।
शिकायत में कहा गया है कि वहां पहुंचने पर डॉक्टर ने देखा कि फ्लैट में अभिनेत्री समेत करीब 12 लोग मौजूद थे। आरोप है कि इन लोगों ने उसकी पिटाई की और उसके दो मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच तथा ईयरपॉड छीन लिये। इन सभी सामान की कुल कीमत करीब 3.25 लाख रुपये थी।
प्राथमिकी के अनुसार, 41-वर्षीय डॉक्टर ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उस पर इल्जाम लगाया है कि उसने आरोपियों में से एक की मौसी को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। इसके बाद उन्होंने कई बार बेरहमी से उसकी पिटाई की। डॉक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान अभिनेत्री ने उसे गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।
उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार नवंबर को भारतीय न्याय संहिता के तहत आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। चंद्रा कई दक्षिण भारतीय भाषाओं की फिल्मों में काम कर चुकी हैं। उनकी कुछ फिल्मों में उयिर (2026), डायस इरे (2025), माथु वदलारा (2019) और इसका दूसरा भाग माथु वदलारा 2 (2024) शामिल हैं।
Kotia के 300 लोगों ने Andhra Pradesh चुनाव में डाला वोट, Odisha सरकार ने जांच के दिए आदेश
भुवनेश्वर, पांच नवंबर ओडिशा में कोरापुट जिले के कोटिया क्षेत्र के करीब 300 लोगों ने बृहस्पतिवार को आंध्र प्रदेश के पंचायत चुनाव में मतदान किया। इससे एक दिन पहले, ओडिशा पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित नेराडिवलसा गांव में आंध्र प्रदेश प्रशासन द्वारा बनाए गए एक मतदान केंद्र को सील कर दिया था। हालांकि, वहां के निवासी आंध्र प्रदेश के सारिकी गांव तक पहुंचने में सफल रहे, जहां मतदान केंद्र को स्थानांतरित किया गया था, और उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कोरापुट जिला प्रशासन ने प्रवेश बिंदुओं और प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा कड़ी कर दी थी, वहीं कुछ लोगों ने नदी और पहाड़ियों को पार कर पड़ोसी राज्य पहुंचे। अन्य लोग मतदान में भाग लेने के लिए दो दिनों के लिए आंध्र प्रदेश में शरण लिये हुए थे। ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने भुवनेश्वर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हां, कोटिया ग्राम पंचायत के कुछ निवासियों को आंध्र प्रदेश के एजेंट बहला-फुसलाकर जंगल के रास्तों से मतदान कराने के लिए ले गए थे।
मतदान की तारीख से पहले कुछ लोगों को रहने की जगह भी दी गई थी। इनकी संख्या न के बराबर है।’’ इस बार प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि पड़ोसी राज्य कोटिया की जमीन पर अपने मतदान केंद्र नहीं स्थापित कर सके। मंत्री ने दावा किया कि कोटिया गांवों के समूह के मूल निवासियों ने आंध्र प्रदेश के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, वे स्वेच्छा से ओडिशा सरकार के साथ बने रहे हैं और उन्होंने मतदान का बहिष्कार किया है।
पुजारी ने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से उन लोगों की जांच करेंगे जिन्होंने आंध्र प्रदेश में वोट डाला है और यह भी देखेंगे कि उनके दो मतदाता पहचान पत्र कैसे बने। देश के एक नागरिक के पास केवल एक ही मतदाता पहचान पत्र हो सकता है, एक से अधिक नहीं।’’ अधिकारियों ने बताया कि कोटिया ग्राम पंचायत में लगभग 2800 मतदाता हैं। जयपुर के विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति, पोटांगी के विधायक रामचंद्र कदम और बीजू जनता दल (बीजद) नेता भृगु बक्सीपात्र ने मतदान करने के बाद नेराडिवलसा लौटे कुछ मतदाताओं से सवाल-जवाब किए।
उन्होंने उनसे पूछा कि विवाद जारी होने के बावजूद उन्होंने चुनाव में हिस्सा क्यों लिया। बहिनीपति ने कहा, ‘‘अगर आपने आंध्र के चुनाव में मतदान किया है, तो कोटिया छोड़कर वहीं जाकर बस जाएं। लोगों पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता कि आप यहां रहें और वहां मतदान करें।
यह स्वीकार्य नहीं है।’’ ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों ही राज्यों की सीमा पर स्थित कोटिया ग्राम पंचायत के 28 में से 21 गांवों पर अपना अधिकार जताते हैं। यह विवाद 1930 के दशक से चला आ रहा है। यह मामला 1968 से उच्चतम न्यायालय में लंबित है।
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