फिजिकल हेल्थ- क्या पानी पीने पर भी सूखता है मुंह:हो सकता है जेरोस्टोमिया, डॉक्टर से जानें कारण, लक्षण और बचाव के टिप्स
क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि बार-बार पानी पीने के बावजूद मुंह सूखा रहता है? खाना निगलने के लिए पानी की जरूरत पड़ती है या रात में मुंह सूखने से नींद खुल जाती है? अगर हां, तो इसे मामूली परेशानी समझकर नजरअंदाज न करें। यह जेरोस्टोमिया यानी ड्राई माउथ का संकेत हो सकता है। मुंह में बनने वाली लार सिर्फ भोजन चबाने और निगलने में ही मदद नहीं करती, बल्कि दांतों को सड़ने से बचाने, स्वाद महसूस करने और मुंह को संक्रमण से सुरक्षित रखने में भी अहम भूमिका निभाती है। इसकी कमी से दांतों में कैविटी, मुंह से बदबू और खाने-पीने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में बात करेंगे, जेरोस्टोमिया यानी ड्राई माउथ की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. रोहित शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- जेरोस्टोमिया यानी ड्राई माउथ क्या है? जवाब- यह ऐसी कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति को मुंह में पर्याप्त लार (सलाइवा) न होने या मुंह सूखने का एहसास होता है। लार का निर्माण मुंह में मौजूद सैलिवरी ग्लैंड्स यानी लार बनाने वाली ग्रंथियों में होता है। ये ग्रंथियां मुंह को नम रखने, भोजन को चबाने–निगलने, स्वाद महसूस करने और मुंह को साफ रखने में मदद करती हैं। सवाल- क्या ये कोई हेल्थ कंडीशन है? जवाब- हां, ड्राई माउथ एक हेल्थ कंडीशन है, लेकिन यह अपने आप में कोई बीमारी नहीं है। इसे शरीर में होने वाले बदलावों या किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या से जुड़े लक्षण के तौर पर देखा जाता है। इसकी वजह सामान्य भी हो सकती है और किसी बीमारी से जुड़ी भी हो सकती है। सवाल- मुंह में लार कैसे बनती है? इसका बनना क्यों जरूरी है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- लार का बनना क्यों जरूरी? सवाल- ड्राई माउथ के सामान्य लक्षण क्या हैं? जवाब- इसका एक अहम संकेत यह है कि पहले जो खाना आसानी से निगल लेते थे, उसे खाने में अब पानी की जरूरत पड़ने लगे। इसी तरह, लंबे समय तक बोलने पर मुंह में असहजता महसूस होना या रात में मुंह सूखने के कारण नींद खुलना भी इस समस्या का इशारा होता है। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या बार-बार प्यास लगना और ड्राई माउथ होना एक ही बात है? जवाब- नहीं, दोनों एक ही बात नहीं हैं। प्यास शरीर में पानी की जरूरत महसूस होने का संकेत है, जबकि ड्राई माउथ में मुंह के भीतर सूखापन महसूस होता है। यह लार कम बनने या मुंह में नमी कम होने के कारण हो सकता है। दोनों समस्याएं एक साथ हो सकती हैं, जैसे डिहाइड्रेशन में। लेकिन कुछ लोगों को पर्याप्त पानी पीने के बावजूद मुंह सूखने की शिकायत रहती है। सवाल- जेरोस्टोमिया यानी ड्राई माउथ के सबसे कॉमन कारण क्या हैं? जवाब- ड्राई माउथ के सबसे आम कारणों में कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट, शरीर में पानी की कमी और सोते समय मुंह से सांस लेना शामिल हैं। ग्राफिक में सभी कारण देखिए- सवाल- किसी व्यक्ति को कैसे पता चले कि उसका मुंह सामान्य से ज्यादा सूख रहा है? जवाब- अगर मुंह का सूखापन कभी-कभार होता है और पानी पीने या कुछ खाने के बाद ठीक हो जाता है, तो यह अस्थायी हो सकता है। लेकिन अगर बार-बार पानी पीने के बाद भी मुंह में नमी नहीं रहती, सूखा खाना निगलने में परेशानी होती है या रात में बार-बार मुंह सूखता है, तो यह लगातार ड्राई माउथ का संकेत हो सकता है। सवाल- क्या कुछ दवाओं के कारण मुंह सूख सकता है? जवाब- हां, कई दवाओं के साइड इफेक्ट के तौर पर मुंह सूखने की समस्या हो सकती है, जैसेकि- ये दवाएं लार बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं या शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं। रिस्क इस बात पर भी निर्भर करता है कि कौन-सी दवा ली जा रही है, उसकी खुराक कितनी है और व्यक्ति एक साथ कितनी दवाएं ले रहा है। सवाल- क्या डायबिटीज में भी मुंह सूखने की समस्या होती है? जवाब- हां, ऐसा हो सकता है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या थायरॉइड या ऑटोइम्यून बीमारियों में भी मुंह सूख सकता है? जवाब- हां, थायरॉइड और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों में भी मुंह सूखने की समस्या हो सकती है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- थायरॉइड की समस्या: थायरॉइड हार्मोन का स्तर असंतुलित होने पर मुंह में सूखापन महसूस हो सकता है। हालांकि, हर थायरॉइड मरीज में ऐसा नहीं होता। ऑटोइम्यून बीमारियां: इनमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही स्वस्थ टिश्यू पर हमला करने लगता है। इससे लार बनाने वाली ग्रंथियां प्रभावित हो सकती हैं। स्जोग्रेन सिंड्रोम: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें लार और आंसू बनाने वाली ग्रंथियां प्रभावित होती हैं। इससे मुंह और आंखों में लगातार सूखापन हो सकता है। सवाल- क्या तनाव, चिंता और नींद में मुंह खोलकर सांस लेने से ऐसा होता है? जवाब- हां, तनाव, चिंता और सोते समय मुंह खोलकर सांस लेने से ड्राई माउथ की समस्या हो सकती है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- तनाव और चिंता: तनाव के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव लार बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इससे मुंह सूखने या लार गाढ़ी होने का एहसास हो सकता है। मुंह खोलकर सोना: रात में मुंह से सांस लेने पर हवा लगातार मुंह के भीतर से गुजरती है। इससे मुंह की नमी कम हो सकती है और सुबह उठने पर मुंह सूखा महसूस हो सकता है। नाक बंद होना: एलर्जी, सर्दी या नाक में रुकावट होने पर व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है। इससे भी मुंह सूख सकता है। खर्राटे और स्लीप एपनिया: कुछ लोगों में सोते समय सांस लेने में रुकावट या खर्राटों के कारण मुंह खुला रह सकता है। ऐसे में बार-बार मुंह सूखने की समस्या हो सकती है। सवाल- क्या उम्र बढ़ने के साथ ड्राई माउथ का खतरा बढ़ता है? जवाब- हां, कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ लार ग्रंथियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। सवाल- लार कम बनने से दांतों और मसूड़ों पर क्या असर पड़ता है? जवाब- लार मुंह में एसिड को नियंत्रित करने, भोजन के बचे हुए कणों को हटाने और दांतों के इनेमल को प्रोटेक्ट करने में मदद करती है। जब लार कम बनती है तो ओरल हेल्थ से जुड़ी कई समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- डॉक्टर कैसे पता लगाते हैं कि लार कम बन रही है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए– लक्षणों की जानकारी: मुंह कितनी बार सूखता है, खाना निगलने में परेशानी होती है या नहीं और कौन-सी दवाएं लेते हैं। मुंह की जांच: मुंह में नमी, लार की मात्रा, दांतों और मसूड़ों की स्थिति देखते हैं। लार की जांच: जरूरत पड़ने पर तय समय में बनने वाली लार की मात्रा मापी जाती है। अन्य जांचें: डायबिटीज या ऑटोइम्यून बीमारी का संदेह होने पर संबंधित ब्लड टेस्ट कराए जा सकते हैं। सवाल- इसका इलाज कैसे किया जाता है? जवाब- ड्राई माउथ का इलाज इसकी वजह और लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- कारण का इलाज: डायबिटीज या दूसरी बीमारी के कारण मुंह सूख रहा है, तो उसे नियंत्रित किया जाता है। दवाओं में बदलाव: किसी दवा के साइड इफेक्ट से ऐसा होने पर डॉक्टर उसकी खुराक बदल सकते हैं या दूसरी दवा दे सकते हैं। लार बढ़ाने के उपाय: शुगर-फ्री च्युइंग गम या लार बढ़ाने वाली दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। मुंह की नमी बनाए रखना: जरूरत पड़ने पर डॉक्टर सलाइवा सब्स्टिट्यूट यानी कृत्रिम लार वाले उत्पाद सुझा सकते हैं। सवाल- मुंह का सूखापन दूर करने के लिए घर पर क्या कर सकते हैं? जवाब- मुंह का सूखापन दूर करने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। सभी घरेलू उपाय ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लक्षणों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? जवाब- इन लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है- **************** ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………………… यह खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- हीमोग्लोबिन क्या है: शरीर के हर कोने तक पहुंचाता ऑक्सीजन, डॉक्टर से जानें कमी के संकेत, लेवल बढ़ाने के लिए ये खाएं हीमोग्लोबिन का मुख्य काम फेफड़ों से ऑक्सीजन को लेकर उसे शरीर के सभी अंगों और कोशिकाओं तक पहुंचाना है। हीमोग्लोबिन का लेवल यह बताता है कि शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कितनी अच्छी है। पूरी खबर पढ़िए…
जरूरत की खबर- दिवाली शॉपिंग में पैसे कैसे बचाएं:फिजूलखर्ची से बचें, न करें ये 10 गलतियां, कुछ भी खरीदने से पहले पूछें ये 5 सवाल
दिवाली के मौके पर बाजारों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कई तरह के ऑफर्स चल रहे हैं। इस चक्कर में अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी करते हैं और सस्ते के चक्कर में गैरजरूरी सामान भी खरीद लेते हैं। इससे त्योहार का बजट बिगड़ जाता है और बाद में आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, थोड़ी समझदारी और पहले से की गई तैयारी से दिवाली की शॉपिंग में अच्छी-खासी बचत की जा सकती है। इसके लिए बजट तय करने से लेकर सही ऑफर चुनने तक कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में दिवाली शॉपिंग टिप्स की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल एडवाइजर, गाजियाबाद सवाल- दिवाली की शॉपिंग का बजट कैसे बनाएं, ताकि महीने का बाकी खर्च न बिगड़े? जवाब- दिवाली पर खर्च का अंदाजा लगाना काफी मुश्किल होता है। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखें- बजट का एक उदाहरण ग्राफिक में देखिए- सवाल- शॉपिंग की लिस्ट कैसे बनाएं, ताकि बाजार जाकर गैरजरूरी सामान न खरीदें? जवाब- बाजार में कई चीजें ऐसी दिखती हैं, जिनकी घर में जरूरत नहीं होती, लेकिन अक्सर लोग खरीद लेते हैं। इसलिए पहले से लिस्ट बनाना जरूरी है। लिस्ट बनाने के दौरान तीन नियम ध्यान रखें- जरूरी: जिन चीजों के बिना त्योहार की तैयारी अधूरी है। जरूरत: जिन चीजों को बदलना या नया लेना वाकई जरूरी है। सिर्फ अच्छा लग रहा: जो चीज पसंद तो है, लेकिन अभी जरूरी नहीं। दिवाली शॉपिंग से पहले चेक करें ये चीजें ध्यान रखें- लिस्ट में हर चीज के आगे उसकी अधिकतम कीमत लिखें। अगर सामान उससे महंगा है, तो दूसरा विकल्प देखें या खरीदारी टाल दें। सवाल- ऑनलाइन शॉपिंग या बाजार, कहां खरीदारी करना ज्यादा फायदेमंद है? जवाब- यह सामान और उसकी कीमत पर निर्भर करता है। सिर्फ ऑनलाइन डिस्काउंट या दुकान पर मोलभाव के आधार पर फैसला न करें। इसे ऐसे समझिए- ऑनलाइन खरीदारी कब फायदेमंद? स्थानीय बाजार कब बेहतर? सवाल- दिवाली पर कपड़े और जूते खरीदते समय पैसे कैसे बचाएं? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- दिवाली पर किराने का सामान खरीदते समय कैसे बचत करें? जवाब- दिवाली पर ग्रॉसरी का खर्च बढ़ जाता है, लेकिन शॉपिंग के दौरान कुछ बातों काे ध्यान में रखकर फिजूलखर्ची से बच सकते हैं- सवाल- दिवाली पर रिश्तेदारों और दोस्तों को गिफ्ट देने में पैसे कैसे बचाएं? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- कम बजट में दिवाली गिफ्ट के ऑप्शन सवाल- दिवाली पर कम बजट में घर की सजावट कैसे करें? जवाब- हर साल नए डेकोरेटिव आइटम्स खरीदने की बजाय पुरानी चीजों को दोबारा इस्तेमाल करने से काफी बचत हो सकती है। इसे ऐसे समझिए- सवाल- दिवाली पर इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल या घरेलू उपकरण खरीदने में बचत कैसे करें? जवाब- डिस्काउंट देखकर तुरंत खरीदने की बजाय यह देखें कि नया सामान वाकई जरूरी है या नहीं। साथ ही ये 5 बातें ध्यान रखें- ध्यान रखें, अगर पुराना उपकरण ठीक काम कर रहा है तो उसे बदलने की बजाय सर्विस कराना बेहतर है। सवाल- दिवाली शॉपिंग में ऑफर्स और डिस्काउंट के झांसे से कैसे बचें? जवाब- हर बड़ा डिस्काउंट हमेशा बचत नहीं होता है। कुछ ऑफर्स हमें जरूरत से ज्यादा खर्च करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले खुद से कुछ सवाल जरूर पूछें- ऑफर्स और डिस्काउंट के झांसे से कैसे बचें? सवाल- दिवाली के बाद जेब खाली न हो, इसके लिए कौन-सी गलतियों से बचना चाहिए? जवाब- दिवाली की खरीदारी में छोटी-छोटी गलतियां बजट बिगाड़ सकती हैं। इसके लिए इन गलतियों से बचें- सवाल- अगर दिवाली की शॉपिंग का बजट सिर्फ 3 या 5 हजार हो तो खरीदारी कैसे प्लान करें? जवाब- इसे ऐसे समझिए- तीन हजार का बजट 5 हजार का बजट ये सिर्फ एक उदाहरण है। इसे अपनी जरूरत के हिसाब से बदल सकते हैं। *************** ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………………… यह खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- इस दिवाली कम बजट में सजाएं घर: पुरानी चीजों से घर को दें नया फेस्टिव लुक, इंटीरियर डिजाइनर से जानें आसान टिप्स कम बजट में घर सजाने के लिए सबसे पहले तय करें कि कितना खर्च करना है और घर के किस हिस्से को सजाने से सबसे ज्यादा बदलाव दिखेगा। पूरा घर एक साथ सजाने की बजाय मुख्य दरवाजे, लिविंग रूम और पूजा की जगह को प्रिऑरिटी दें। पूरी खबर पढ़िए…
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