टैक्सपेयर्स ध्यान दें! 15 मार्च तक निपटा लें एडवांस टैक्स का काम, नहीं तो होगी काफी परेशानी
वित्त वर्ष 2025-26 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और इसके साथ ही टैक्सपेयर्स के लिए एक महत्वपूर्ण डेडलाइन भी नजदीक आ गई है. आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 मार्च, 2026 तय की गई है. 'पे एज यू अर्न' यानी जैसे-जैसे कमाएं वैसे टैक्स दें के सिद्धांत पर आधारित यह व्यवस्था टैक्सपेयर्स को साल के अंत में एकमुश्त भारी टैक्स बोझ से बचाती है.
आयकर अधिनियम, 1961 के तहत, यदि किसी व्यक्ति की एक वित्त वर्ष में नेट टैक्स लायबिलिटी (TDS कटने के बाद) 10,000 रुपये से ज्यादा बनती है, तो उसे एडवांस टैक्स चुकाना जरूरी होता है. अगर आप इस डेडलाइन को मिस करते हैं, तो आपको न केवल टैक्स देना होगा, बल्कि उस पर भारी जुर्माना और ब्याज भी भरना पड़ सकता है.
किसे देना होता है एडवांस टैक्स?
एडवांस टैक्स का नियम मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू होता है जिनकी आय के स्रोत केवल सैलरी तक सीमित नहीं हैं. फ्रीलांसर, बिजनेसमैन और वे सैलरीड प्रोफेशनल जिनकी रेंट, ब्याज या कैपिटल गेन से अतिरिक्त कमाई होती है, उन्हें यह टैक्स देना पड़ता है. हालांकि, कानून में कुछ रियायतें भी दी गई हैं. जैसे, 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन्स, जिनका बिजनेस या प्रोफेशन से कोई इनकम नहीं है, उन्हें एडवांस टैक्स देने की जरूरत नहीं होती है.
आमतौर पर सैलरीड क्लास के मामले में एम्प्लॉयर ही सैलरी से टैक्स काटकर जमा कर देता है. लेकिन अगर आपकी बैंक एफडी (FD) से मिलने वाला ब्याज या अन्य निवेश से होने वाली आय इतनी है कि कुल टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से ऊपर जा रही है, तो आपको खुद से एडवांस टैक्स कैलकुलेट कर जमा करना होगा.
किस्तों में भुगतान का गणित?
एडवांस टैक्स का भुगतान साल में चार किस्तों में किया जाता है. इसकी पहली किस्त 15 जून तक (15%), दूसरी 15 सितंबर तक (45%), तीसरी 15 दिसंबर तक (75%) और आखिरी किस्त 15 मार्च तक (100%) जमा करनी होती है. जो लोग प्रिजंप्टिव टैक्सेशन स्कीम का विकल्प चुनते हैं, उनके पास पूरी राशि एक ही किस्त में 15 मार्च तक जमा करने की सुविधा होती है.
डेडलाइन मिस की तो लगेगा जुर्माना
अगर आप 15 मार्च तक अपना एडवांस टैक्स जमा नहीं करते हैं, तो आयकर विभाग सेक्शन 234B और 234C के तहत जुर्माना वसूलता है. इसके तहत 1 पर्सेंट प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज लगाया जाता है. यह जुर्माना तब लागू होता है जब आपने कुल टैक्स लायबिलिटी का 90 पर्सेंट हिस्सा एडवांस टैक्स के रूप में जमा न किया हो या फिर हर तिमाही की किस्तों के भुगतान में देरी की हो.
भुगतान करने का आसान तरीका
एडवांस टैक्स का भुगतान करना अब बेहद आसान हो गया है. टैक्सपेयर्स आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं. इसके लिए नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, यूपीआई (UPI), आरटीजीएस (RTGS) और क्रेडिट कार्ड जैसे कई विकल्प मौजूद हैं. जो लोग ऑनलाइन भुगतान नहीं करना चाहते, वे बैंक चालान के जरिए ऑफलाइन मोड में भी टैक्स जमा कर सकते हैं. समय पर टैक्स भरकर आप पेनल्टी से बच सकते हैं और अपनी वित्तीय प्रोफाइल को बेहतर रख सकते हैं.
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LPG Cylinder: गैस की टंकी को लेकर हो रही परेशानी, इन नंबरों पर करें शिकायत
LPG Cylinder: मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ने लगी है. हालांकि सरकार की ओर से लगातार सप्लाई को लेकर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. यही नहीं इसकी आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने साफ कहा है कि किसी भी तरह से ये बाधित नहीं होगी. बावजूद इसके कई उपभोक्ताओं को डर है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर कहीं रसोई गैस की उपलब्धता पर न पड़ जाए.
सरकार का कहना है कि देश में घरेलू रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी स्थिति में आम उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होने दी जाएगी. इसके बाद भी अगर आपको गैस सिलेंडर को लेकर कोई परेशानी आ रही है या फिर आपको लगता है कि बुकिंग के बाद भी टंकी घर नहीं आ रही है तो आप कुछ नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
सरकार ने दी लोगों को भरोसा
अधिकारियों के मुताबिक, ऊर्जा आपूर्ति को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है. घरेलू गैस यानी एलपीजी को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है ताकि लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित न हों.
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर जमा करने की कोशिश न करें. इससे सप्लाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.
कई शहरों से देरी की शिकायतें
हालांकि सरकार के आश्वासन के बावजूद कुछ शहरों से शिकायतें सामने आई हैं कि गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं हो रही है. कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ डीलर अतिरिक्त पैसे की मांग कर रहे हैं या डिलीवरी में अनावश्यक देरी कर रहे हैं.
ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे सीधे अपनी गैस कंपनी की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समस्या का जल्द समाधान हो सके.
बुकिंग अवधि बढ़ाकर 25 दिन की गई
हाल ही में सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. इसका मतलब है कि एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग के लिए उपभोक्ताओं को अब 25 दिन का इंतजार करना होगा.
इस बदलाव के बाद कुछ जगहों पर डिलीवरी में देरी की शिकायतें बढ़ी हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य सप्लाई को बेहतर तरीके से संतुलित करना है.
डीलर की मनमानी पर तुरंत करें शिकायत
अगर गैस सिलेंडर बुक होने के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं मिलती है या डीलर ज्यादा पैसे मांगता है, तो उपभोक्ता सीधे गैस कंपनी से शिकायत कर सकते हैं.
Indane गैस के उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा एलपीजी बुकिंग और शिकायत के लिए 7718955555 नंबर भी उपलब्ध है.
Bharatgas के ग्राहक 1800-22-4344 पर कॉल करके अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं. एलपीजी बुकिंग के लिए 7715012345 नंबर जारी किया गया है.
वहीं HP Gas के उपभोक्ता 1800-2333-555 टोल फ्री नंबर या 9493602222 (HP Anytime LPG) पर शिकायत कर सकते हैं.
जागरूक रहें, घबराने की जरूरत नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि देश में फिलहाल एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
अगर कहीं डिलीवरी से जुड़ी समस्या आती है, तो उपभोक्ताओं को घबराने की बजाय अपने अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहिए और कंपनी की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए. इससे समस्या का समाधान जल्दी हो सकता है और डीलरों की मनमानी पर भी रोक लगाई जा सकती है.
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