Responsive Scrollable Menu

'मिसिंग यू पापा', बेटे के साथ धर्मेंद्र के फार्महाउस पहुंचे सनी देओल, पिता को याद कर हुए इमोशनल

Sunny Deol Missing Dharmendra: बॉलीवुड एक्टर सनी देओल इन दिनों रामायण में हनुमान जी के रोल को लेकर चर्चा में हैं. इस बीच एक्टर अपने पिता को याद कर रहे हैं. हाल ही में वो अपने बेटे करण देओल के साथ धर्मेंद्र के फार्महाउस पहुंचे, जहां से उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया. इस वीडियो में फार्महाउस की झलक देखने को मिल रही है. वहीं, सनी ने वीडियो में अपने दिल की बात भी लिखी.

पिता के फार्महाउस पहुंचे सनी देओल

सनी देओल ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे करण देओल (Karan Deol) के साथ एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें वो  पिता धर्मेंद्र के फार्म हाउस पर पहुंचे हुए हैं. वीडियो में खेतों में फसलों से जुड़े काम होते दिख रहे हैं. वहीं, सनी अपने बेटे करण के साथ खड़े होकर इन कामों को देखते हुए नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए सनी ने एक इमोशनल नोट लिखा और बताया कि वो अपने पिता को याद कर रहे हैं. उन्होंने लिखा- 'पापा, आपकी याद आ रही है.'

बैकग्राउंड में बजा 'अपने' का गाना

वहीं, सनी देओल ने वीडियो में अपनी फिल्म 'अपने' का टाइटल ट्रैक भी लगाया है, जिससे ये पोस्ट और भी इमोशनल हो गया है. इस तरह उन्होंने अपने पिता को याद किया और उस फार्महाउस की झलक दिखाई, जिससे धर्मेंद्र की कई खास यादें जुड़ी हैं. इसके अलावा वीडियो में सनी  "पापा का फार्म" कहते हुए भी दिख रहे हैं. वहीं, अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और लोग इसे काफी पसंद भी कर रहे हैं. 

ये भी पढ़ें- Explainer: भगवान राम बनकर वाह-वाही लूट रहे रणबीर कपूर, पहले क्यों ठुकरा दिया था ऑफर? जानें

100 एकड़ में फैला है फार्महाउस

धर्मेंद्र के फार्महाउस की बात करें तो ये महाराष्ट्र के लोनावला में स्थित है, जो मुंबई की भीड़भाड़ से दूर हरियाली और पहाड़ियों के बीच बना है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका ये फार्महाउस करीब 100 एकड़ में फैला है और इसकी अनुमानित कीमत 120 से 150 करोड़ रुपये बताई जाती है. फार्महाउस की खास बात ये है कि यहां धर्मेंद्र ने आलीशान जिंदगी के बजाय खेती-किसानी और प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद किया था. यहां एक बड़ा बंगला, स्विमिंग पूल, रॉक गार्डन और घूमने के लिए लंबे रास्ते हैं. घर के अंदर लकड़ी और पत्थर से साज-सज्जा की गई है, जो इसे देसी और सुकून भरा लुक देती है. 

फार्महाउस में खेती करते थे धर्मेंद्र

धर्मेंद्र को खेती का काफी शौक था. वो अपने फार्महाउस में फल, सब्जियां और चावल उगाते थे। सोशल मीडिया पर भी वह कई बार पौधों को पानी देते, आम तोड़ते और खेतों में समय बिताते नजर आए थे. फार्म हाउस में गाय-भैंस भी पाली जाती थीं. फार्महाउस में एक छोटा तालाब भी है, जहां पशु पानी में नहाते थे. धर्मेंद्र के लिए ये जगह सिर्फ एक प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि उनके किसान वाले अंदाज और मिट्टी से जुड़ाव की पहचान थी. बता दें, धर्मेंद्र के निधन के बाद अब इस जगह कि देखभाल उनके बच्चे बॉबी और सनी करते हैं.

सनी देओल का वर्कप्रंट

सनी देओल हाल ही में लाहौर 1947 में नजर आए थे. वहीं, उनके पास 'गदर 2' और 'बॉर्डर 2' की सफलता के बाद कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं. वो फिल्म 'रामायण' में भगवान हनुमान के किरदार में नजर आने वाले हैं. इसके अलावा उनकी फिल्मों में 'सूर्या: अंत से आरंभ तक' शामिल है, जो 20 नवंबर 2026 को रिलीज होने वाली है. वहीं, 'गबरू', 'बाप' जैसे प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में हैं. 

ये भी पढ़ें- 'इतिहास की सबसे गलत समझी गई महिला', कैकेयी के किरदार को लेकर Lara Dutta ने कही ऐसी बात

Continue reading on the app

सोने और चांदी के लिए लंबी अवधि का आउटलुक सकारात्मक, गिरावट खरीदारी का मौका: रिपोर्ट

Gold Price: कैलेंडर वर्ष 2026 में काफी उतार-चढ़ाव रहने के बावजूद, मध्यम से लंबी अवधि में सोने और चांदी का आउटलुक सकारात्मक है. साथ ही, कोई भी गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी के मौका है. यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई. 

2026 में सोने की कीमतों में दिखा भारी बदलाव

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया है, "2025 में देखी गई काफी हद तक एकतरफा तेजी के विपरीत, 2026 में कीमती धातुओं में कहीं अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. इसकी वजह अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें, लगातार बनी हुई महंगाई, बॉन्ड यील्ड का ऊंचे स्तर पर रहना और भू-राजनीतिक घटनाक्रम हैं."

सोने में निवेश को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटीज रिसर्च के प्रमुख नवनीत दमानी ने कहा कि सोने की निकट अवधि की चाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति, महंगाई के रुझान, अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव और वास्तविक बॉन्ड यील्ड पर निर्भर करेगी. दमानी ने आगे कहा कि केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने निवेश में विविधता लाने, लगातार बनी हुई निवेश मांग और वित्तीय अनिश्चितताओं के कारण सोने को एक मजबूत आधार मिल रहा है.

गिरावट के दौरान सोना खरीदने का शानदार मौका

रिपोर्ट में सोने के लिए 'गिरावट पर खरीदारी' की रणनीति अपनाने का सुझाव दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, 3,800-3,900 डॉलर प्रति औंस के दायरे को खरीदारी के लिए एक अच्छा स्तर माना गया है, जिसमें अल्पकालिक लक्ष्य 4,200 डॉलर और मध्यम अवधि का लक्ष्य 4,500-4,700 डॉलर तय किया गया है. भारत में 1,35,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को खरीदारी के लिए उपयुक्त माना गया है. इसके लिए अल्पकालिक लक्ष्य 1,48,000 रुपए और मध्यम अवधि का लक्ष्य 1,60,000-1,68,000 रुपए निर्धारित किया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, ऊंची कीमतों के बावजूद सोने में निवेश की मांग मजबूत बनी हुई है. अगस्त और सितंबर 2026 के दौरान वैश्विक गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग्स में लगभग 187 टन की वृद्धि हुई, जिससे यह 4,256 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. वहीं, तीसरी तिमाही में इसमें 31 अरब डॉलर का रिकॉर्ड निवेश (इनफ्लो) आया. भारत में, सितंबर महीने में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 71 ​​प्रतिशत बढ़कर 44.5 अरब रुपए हो गया, जबकि सिल्वर ईटीएफ में 19.7 अरब रुपए का निवेश आया.

जनवरी में ऑलटाइम हाई पर पहुंचे थे सोने के दाम

जनवरी 2026 में सोने की कीमत लगभग 5,600 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जिसके बाद इसमें गिरावट आई और कीमत 4,000 डॉलर से नीचे चली गई, हालांकि बाद में इसमें फिर से सुधार देखने को मिला. चांदी की कीमत भी 100 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई थी, जिसके बाद इसमें और भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई.

रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में दीपावली और धनतेरस कीमती धातुओं की खरीदारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से हैं. इस दौरान पारंपरिक खरीदारी के तरीकों, शादी-विवाह के सीजन और सोने-चांदी के सांस्कृतिक महत्व के कारण इनकी मांग काफी बढ़ जाती है. ऐतिहासिक प्रदर्शन से भी पता चलता है कि दीपावली से पहले के 30 दिनों में, दीपावली के बाद के 30 दिनों की तुलना में, सोने ने आमतौर पर बेहतर रिटर्न दिया है.

स्रोत- आईएएनएस

Continue reading on the app

  Sports

'सर, मैं टेस्ट क्रिकेट छोड़ रहा हूं...' कोच बदरुद्दीन का खुलासा, मटन बिरयानी की वह शर्त जिसने बदल दी शमी की किस्मत

Mohammed Shami coach Badruddin Siddique: यूपी के छोटे से कस्बे सहसपुर से ताल्लुक रखने वाले मोहम्मद शमी को जब उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में नजरअंदाज किया गया, तब उनके कोच बदरुद्दीन ने कोलकाता के कोच अब्दुल मोनायेम से संपर्क किया. इसके बाद शमी बंगाल के टाउन क्लब से जुड़े, जहां क्लब के तत्कालीन सचिव देब्रत दास ने उन्हें संरक्षण दिया. मटन बिरयानी के शौकीन शमी ने अपनी शानदार सीम पोजीशन, बैकस्पिन और रिवर्स स्विंग के दम पर न सिर्फ बंगाल क्रिकेट में अपनी जगह बनाई, बल्कि अपनी असाधारण गेंदबाजी से भारतीय क्रिकेट जगत में एक खास मुकाम हासिल किया. Sat, 7 Nov 2026 22:17:52 +0530

  Videos
See all

Desh Ki Pathshala : POK में विद्रोह, बलूचिस्तान में बगावत | #shorts #viralvideo #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-07T17:45:47+00:00

Akhilesh Yadav Ayodhya Visit: पहली बार राम मंदिर क्यों जा रहे हैं अखिलेश ?  | Ram Mandir | Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-07T17:47:13+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers