Voter List Revision 2027: 6 राज्यों और UT में शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण, जानें पूरा शेड्यूल और जरूरी नियम
भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision-SSR) का कार्यक्रम घोषित किया है. इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल न हों.
आयोग ने इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की है. इसका मतलब है कि इस तारीख तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकेंगे. इसके अलावा, साल 2027 में आगे की तीन तिमाही अर्हता तिथियों पर 18 वर्ष के होने वाले युवाओं को भी अग्रिम आवेदन की सुविधा मिलेगी.
किन 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SSR?
चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, फिलहाल निम्नलिखित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जाएगा.
- अरुणाचल प्रदेश
- चंडीगढ़
- दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव
- मिजोरम
- ओडिशा
- सिक्किम
इन सभी जगहों पर मतदाता सूची की जांच और सुधार की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी. इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के साथ-साथ मतदाताओं के विवरण में सुधार और अपात्र नामों को हटाने जैसे काम भी शामिल होंगे.
18 साल के होने वाले युवाओं को मिलेगा नाम जुड़वाने का मौका
SSR 2027 में पहली बार मतदान करने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है. आयोग ने 1 जनवरी 2027 को मुख्य अर्हता तिथि बनाया है. इसके तहत इस तारीख तक 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवा मतदाता बनने के पात्र होंगे.
खास बात यह है कि अब युवाओं को साल की अगली अर्हता तिथियों का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी. जो युवा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की उम्र पूरी करेंगे, वे भी अग्रिम रूप से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ना और मतदान प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है.
इन राज्यों में बाद में घोषित होगा SSR का कार्यक्रम
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा.
इनमें आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं.
वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए पुनरीक्षण की तारीखें बाद में तय की जाएंगी. इसका मतलब है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SSR की प्रक्रिया एक साथ शुरू होना जरूरी नहीं है.
SSR 2027 का पूरा शेड्यूल क्या है?
चुनाव आयोग ने पुनरीक्षण की अलग-अलग गतिविधियों के लिए समयसीमा निर्धारित की है. इसके अनुसार प्रक्रिया नवंबर 2026 में शुरू होकर जनवरी 2027 में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ पूरी होगी.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद नागरिक अपने नाम और अन्य जानकारियों की जांच कर सकेंगे. यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या किसी विवरण में गलती है तो निर्धारित अवधि के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है.
अधिकारियों के लिए चुनाव आयोग के सख्त निर्देश
मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आयोग ने संबंधित अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं.
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत मतदाता सूची तैयार करने और पुनरीक्षण से जुड़े अधिकारी चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिकारी पुनरीक्षण का काम निष्पक्षता से करें.
आयोग ने मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पद खाली न रहें. इसके अलावा SSR की अवधि में आयोग की अनुमति के बिना संबंधित अधिकारियों का तबादला नहीं किया जाएगा.
ERO की जिम्मेदारी होगी कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटने न पाए और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न रहे.
मतदाताओं के लिए क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया?
मतदाता सूची में नाम होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की पहली शर्त है. इसलिए SSR के दौरान नागरिकों को अपनी जानकारी जरूर जांचनी चाहिए. खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं को समय रहते आवेदन करना चाहिए.
कुल मिलाकर, SSR 2027 का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अपडेटेड बनाना है. छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होने वाली यह प्रक्रिया नए मतदाताओं को जोड़ने के साथ पुराने रिकॉर्ड की गलतियां सुधारने का अवसर भी देगी.
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