बाहें खोलकर बुलाती है स्वर्ग सी गुफा, कदम रखते ही मिलती है दूसरी दुनिया, शीशे सा शहर पर लौटने की नहीं है गारंटी
Mysterious Crystal Clear Cave in Mexico: एक ऐसी गुफा, जहां की दीवारें पत्थरों से नहीं, बल्कि विशाल चमकदार क्रिस्टलों से बनी हैं. इनकी लंबाई किसी इमारत की कई मंजिलों जितनी है. देखने में यह जगह किसी दूसरी दुनिया का हिस्सा लगती है, लेकिन इसकी खूबसूरती के पीछे एक खतरनाक रहस्य छिपा है. चलिए आपको बताते हैं क्यों इसे इतना रहस्यमयी और खास है.
फ्लाइट-कागजी कार्रवाई में लग रहे थे 24 घंटे:अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटे 49 पाकिस्तानी श्रद्धालु, केंद्र सरकार ने दी अनुमति
अमृतसर में अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते 49 पाकिस्तानी सिख श्रद्धालु अपनी करीब एक महीने की धार्मिक यात्रा पूरी करने के बाद वतन लौट गए। ये श्रद्धालु पाकिस्तान के ननकाना साहिब और आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। भारत में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने श्री हेमकुंट साहिब, श्री आनंदपुर साहिब, सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब और दिल्ली के विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेका। यात्रा पूरी करने के बाद अटारी बॉर्डर पर इमिग्रेशन और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें पाकिस्तान रवाना किया गया। दरअसल, इन श्रद्धालुओं को वापसी के लिए हवाई मार्ग से जाना था। इस प्रक्रिया में कनेक्टिंग फ्लाइट और कागजी कार्रवाई के कारण करीब 22 से 24 घंटे का समय लग रहा था। इससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हो रही थी। उनकी इस समस्या को देखते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने केंद्र सरकार से सड़क मार्ग से वापसी की अनुमति देने की अपील की थी। केंद्र सरकार ने दी सड़क मार्ग से लौटने की अनुमति श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और उनकी परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान लौटने की अनुमति दे दी। इसके बाद सभी 49 श्रद्धालु सड़क मार्ग से सुरक्षित अपने देश पहुंच गए। जत्थे में शामिल ननकाना साहिब के श्रद्धालु भूपिंदर सिंह ने बताया कि वे 30 दिन के वीजा पर भारत आए थे। इस दौरान श्री हेमकुंट साहिब और श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन करना उनके जीवन का यादगार अनुभव रहा। उन्होंने यात्रा के दौरान किए गए प्रबंधों के लिए भारत सरकार, पाकिस्तान सरकार और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का धन्यवाद किया। वहीं, वतन लौटते समय श्रद्धालुओं ने दोनों देशों की सरकारों से अपील की कि धार्मिक यात्राओं के लिए दोनों तरफ के रास्ते आसान किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिस तरह करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए भारतीय श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन करते हैं, उसी तरह पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को भी भारत के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने की सुविधा मिलनी चाहिए। दोनों देशों में अमन-शांति की अपील श्रद्धालुओं ने कहा कि इस तरह की पहल से दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी भाईचारा और संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने दोनों देशों में अमन-शांति बनाए रखने की भी अपील की।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18







