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CJP ने गठित की National Working Committee, जानें किसे मिला कौन सा पद

अपनी राष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने के मकसद से, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को 14 सदस्यों वाली एक राष्ट्रीय कार्य समिति के गठन की घोषणा की। यह घोषणा CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके के उस बयान के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका संगठन अगले महीने 'क्या बोलती पब्लिक' कैंपेन शुरू करेगा। इस कैंपेन का मकसद देश भर के लोगों से बातचीत करना और उनकी शिकायतों को समझना है। गौरतलब है कि पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की वजह बने छात्र विरोध-प्रदर्शनों की अगुवाई करके यह संगठन चर्चा में आया था।
 

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हाल ही में मंज़ूर की गई नेशनल वर्किंग कमिटी में मुख्य कामकाज संभालने वाले केंद्रीय पदाधिकारी शामिल हैं:
- संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक: अभिजीत दिपके (30)
- सह-संयोजक: आशुतोष रांका (30), सौरव दास (27)
- राष्ट्रीय संगठन प्रभारी: अजिंक्य शिंदे (35)
- संगठन सह-प्रभारी: दीपक बालियान (26)
- राष्ट्रीय सचिव: आफ़रीन नवाज़ (34)
- मीडिया प्रमुख: विजय रेड्डी मल्लंगी (30)
- कानूनी मामलों की प्रमुख: रत्ना सिंह (31)
- रिसर्च और पॉलिसी प्रमुख: वैष्णवी गौर (29)
- टेक्नोलॉजी प्रमुख: रोहन देशपांडे (31)
- फाइनेंस प्रमुख: योगेश इंगले (33)
 

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ज़ोनल लीडरशिप और देशव्यापी रोडमैप
- उत्तरी क्षेत्र: दीपक बालियान (26)
- दक्षिण क्षेत्र: विजय रेड्डी मल्लांगी (30)
- पूर्व और उत्तर पूर्व क्षेत्र: अंकित भारद्वाज (35)
- पश्चिम क्षेत्र: योगेश इंगले (33)

अगले छह महीनों में, पार्टी का लक्ष्य देश भर में लोकसभा और शहर-स्तरीय इकाइयों के साथ-साथ राज्य समन्वय समितियां बनाना है। CJP ने पुष्टि की कि हाल ही में मंज़ूर हुई NWC के अलावा पार्टी में किसी और व्यक्ति के पास कोई आधिकारिक पद नहीं है। मुख्य रूप से एक स्वतंत्र दबाव समूह के तौर पर काम करते हुए, CJP संस्थागत जवाबदेही, शिक्षा में सुधार और युवाओं की वकालत पर ध्यान देना जारी रखेगा। नई नियुक्त लीडरशिप राज्य-स्तर पर होने वाले आगामी अभियानों में तालमेल बिठाएगी, छात्र कार्यकर्ताओं को कानूनी मदद देगी और सरकारी भर्ती व गवर्नेंस के ढांचे में बड़े नीतिगत बदलावों के लिए ज़ोर देगी।
 
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Tarun Tejpal को दुष्कर्म केस में 10 साल की सजा, पूर्व संपादक बोले- जाएंगे Supreme Court

पणजी, छह अगस्त ‘तहलका’ पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने बृहस्पतिवार को बंबई उच्च न्यायालय द्वारा 2013 के दुष्कर्म मामले में 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद कहा कि वह राजनीति का शिकार है और उसे गत 13 सालों से उसकी पत्रकारिता की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। तेजपाल ने यह भी आरोप लगाया कि उसका करियर और उसकी किताबों की छपाई भी रोक दी गई है। उसने फैसला आने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वह बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगा और साथ ही भरोसा जताया कि अंतत: सच सामने आएगा।

तेजपाल ने कहा, ‘‘हम इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। हमें लगता है कि यह आदेश गलत है। हम इस आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में जाएंगे।’’ तेजपाल ने आरोप लगाया कि उसे ‘तहलका’ के लिए गए काम की वजह से निशाना बनाया गया है।

उसने कहा, ‘‘हम निश्चित रूप से उच्चतम न्यायालय जाएंगे। हमें कोई शक नहीं है कि पिछले 13 सालों से ‘तहलका’ में मेरे काम की वजह से ही वे मेरे पीछे पड़े हैं। सुनवाई अदालत में सात साल तक मुकदमा लड़ने के बाद हम बरी हो गए थे, लेकिन वे फिर से हमारे पीछे पड़ गए हैं।’’ ‘तहलका’ के पूर्व संपादक ने दावा किया कि सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफबोलने या लिखने वालों को निशाना बनाया जा रहा था।

उसने कहा, ‘‘जो लोग उनके साथ हैं, वे बरी हो जाते हैं, लेकिन जिन लोगों ने उनके खिलाफ पत्रकारिता की है या उनके खिलाफ कुछ कहा है, वे ऐसे लोगों के पीछे पड़ जाते हैं। पिछले 12 सालों में ऐसे कई मामले देखे जा सकते हैं जिनमें उन्होंने अपने विरोधियों को फंसाया है। उमर खालिद पिछले छह सालों से जेल में हैं, और हमारे जैसे कई और लोग भी हैं।’’ तेजपाल ने आरोप लगाया कि इस मामले ने वास्तव में उसके पत्रकारिता करियर को खत्म कर दिया।

उसने कहा, ‘‘उन्होंने मेरी पत्रकारिता रोक दी, उन्होंने ‘तहलका’ को रोक दिया, उन्होंने मेरी किताबों के छपने पर रोक लगा दी। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इतनी बड़ी न्यायपालिका में ऐसे न्यायाधीश ज़रूर होंगे जो मेरा सच देखेंगे।

सच सामने आएगा।’’ तेजपाल को झटका देते हुए बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने बृहस्पतिवार को उसे 2013 में अपनी एक पूर्व कनिष्ठ सहयोगी के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराया। अदालत ने 2021 में गोवा के सत्र न्यायालय द्वारा उसे बरी किए जाने के फैसले को पलटते हुए 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तेजपाल ने यह कहते हुए नरमी की गुहार लगाई कि वह ‘‘राजनीति का शिकार’’ हैं और दो बेटियों का पिता है।

वहीं, गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अधिकतम सजा देने का अनुरोध किया ताकि यह कड़ा संदेश दिया जा सके कि ‘‘ना का मतलब ना ही होता है’’।

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'पति परमेश्वर... ओजी.. या सुनिए जी?' अनुष्का शर्मा के फोन में किस नाम से सेव है विराट कोहली का नंबर, सुनकर आप भी कहेंगे WOW

Virat Kohli-Anushka Sharma news: विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने बेंगलुरु के एक इवेंट में मजेदार अंदाज ने सभी का दिल जीत लिया था. 'गलत जवाब' देने के इस फनी गेम में जब अनुष्का से पूछा गया कि उन्होंने विराट का नंबर फोन में किस नाम से सेव किया है, तो उन्होंने 'पति परमेश्वर' और 'ओजी' बताया. वहीं विराट ने खुद को 'गजोधर' कहा. अनुष्का द्वारा 'बैंड बाजा बारात' का डायलॉग बोलने पर विराट ने रणवीर सिंह के अंदाज में झटपट जवाब दिया था. Fri, 7 Aug 2026 16:14:24 +0530

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