LEAP India IPO GMP: लॉजिस्टिक्स सेक्टर का दमदार खिलाड़ी, लेकिन क्या वैल्यूएशन जायज है?
LEAP India IPO का GMP इनदिनों लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन सेक्टर में चर्चा का विषय बना हुआ है. भारत के सबसे बड़े एसेट पूलिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर कंपनी ने एक ऐसे खास सेक्टर में मजबूत पकड़ बनाई है, जहां ग्रोथ की काफी गुंजाइश है. इसकी वजह वेयरहाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, FMCG और ई-कॉमर्स में बढ़ती मांग है. हालांकि कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस मजबूत है. लेकिन इसके प्रीमियम वैल्यूएशन और सीमित GMP ने निवेशकों के मन में सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.
LEAP India करती क्या है?
LEAP India देश के सबसे बड़े सप्लाई चेन एसेट पूलिंग बिजनेस में से एक चलाती है. आसान शब्दों में कहें तो, कंपनियां पैलेट, क्रेट और फोर्कलिफ्ट खुद खरीदने के बजाय LEAP से किराए पर लेती हैं. इससे उनका कैपिटल खर्च कम होता है और ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़ती है. इसकी सेवाओं का इस्तेमाल FMCG कंपनियां लॉजिस्टिक्स फर्म, मैन्युफैक्चरर, रिटेलर और ई-कॉमर्स कंपनियां करती हैं. कंपनी के 1,000 से ज्यादा क्लाइंट्स में हिंदुस्तान कोका-कोला, मैरिको, पैनासोनिक और डाइकिन जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. 2023 में ग्लोबल इंवेस्टमेंट फर्म KKR ने कंपनी में मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदी, जिसने इसकी विश्वसनियता को और मजबूत किया.
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कंपनी के पॉजिटिव प्वॉइंट्स क्या हैं?
1. LEAP India एक ऐसे सेक्टर में मार्केट लीडर है, जहां नई कंपनियों के लिए एंट्री करना मुश्किल है. भारी निवेश, बड़ा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, ग्राहकों के साथ लंबे समय से चले आ रहे रिलेशनशिप और ऑपरेशनल एक्सपर्टाइज जैसी बातें मिलकर इस बिजनेस को एक मजबूत कॉम्पिटिटिव एडवांटेज देती हैं.
2. सेक्टर के लिए फायदेमंद चीजों की बात करें तो ई-कॉमर्स का बढ़ना, वेयरहाउसिंग की बढ़ती मांग, FMCG का विस्तार, मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी और सप्लाई चेन का मॉडर्नाइजेशन मिलकर LEAP India के बिजनेस के लिए लंबे समय तक ग्रोथ का रास्ता बनाते हैं.
3. फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर आएं तो FY26 में कंपनी ने FY25 के मुकाबले 54% रेवेन्यू ग्रोथ और 66% PAT ग्रोथ दर्ज की. 50.7 % का EBITDA मार्जिन एसेट-रेंटल बिजनेस मॉडल की स्केलेबिलिटी को दर्शाता है. IPO से मिलने वाली फ्रेश इश्यू की राशि में से करीब 360 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने में जाएंगे, जिससे ब्याज खर्च घटेगा, प्रॉफिटेबिलिटी सुधरेगी और बैलेंस शीट मजबूत होगी.
रिस्क कहां है?
सबसे बड़ी चिंता वैल्यूएशन की है. IPO के बाद, कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 112x के P/E रेशियो और 6.5x के प्राइस-टू-बुक रेशियो पर है. ये आंकड़े कई लिस्टेड लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं. निवेशक भविष्य की ग्रोथ के लिए प्रीमियम चुका रहे हैं, जिससे काम को अंजाम देने में लगती की कोई गुंजाइश नहीं बचती. OFS का बड़ा साइज भी एक सवाल खड़ा करता है. कुल इश्यू में ₹2,000 करोड़ का OFS और सिर्फ ₹480 करोड़ का नया इश्यू शामिल हैं. दूसरे शब्दों में, इश्यू का लगभग 81% हिस्सा OFS है, जिसका मतलब है कि मौजूदा शेयरहोल्डर अपने हिस्से बेचकर पैसे निकाल रहे हैं. न कि बिजनेस विस्तार के लिए फंड जुटाया जा रहा है. हालांकि ऐसा होना आम बात है, लेकिन OFS का इतना बड़ा हिस्सा कुछ निवेशकों को सतर्क कर सकता है.
GMP क्या कह रहा है?
ग्रे मार्केट में फिलहाल LEAP India का GMP सिर्फ 3 रुपये है. अनुमानित लिस्टिंग प्राइस 162 रुपये के करीब है, जो करीब 1.9% की लिस्टिंग गेन का संकेत देता है. यह बहुत कम है और बताता है कि मार्केट को फिलहाल बड़े लिस्टिंग गेन की उम्मीद नहीं है. हालांकि GMP अनऑफिशियल होता है और लिस्टिंग से पहले काफी बदल सकता है, इसलिए इसे गारंटीड इंडिकेटर नहीं मानना चाहिए.
निवेश से पहले क्या देखें?
QIB सब्सक्रिप्शन पर नजर रखें. संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी आमतौर पर कंपनी के लॉन्ग टर्म पर भरोसे का संकेत होती है. रिटेल, NII और QIB तीनों कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन की मांग देखें. सभी कैटेगरी में अच्छी बिडिंग एक पॉजिटिव संकेत होती है. सब्सक्रिप्शन अवधि के दौरान GMP का रुझान भी बताएगा कि मार्केट सेंटीमेंट किस तरफ जा रहा है.
हाई क्वालिटी बिजनेस, लेकिन कीमत भी हाई है
LEAP India भारत के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन इकोसिस्टम में एक तेजी से बढ़ते निच सेक्टर में हाई-क्वालिटी बिजनेस चलाती है. मार्केट लीडरशिप, डायवर्सिफाइड कस्टमर बेस और शानदार फाइनेंशियल ग्रोथ इसे एक आकर्षक लॉन्ग टर्म स्टोरी बनाते हैं. लेकिन IPO आक्रामक तरीके से प्राइस किया गया है और GMP सीमित लिस्टिंग की उम्मीद की तरफ इशारा कर रहा है, जो निवेशक जल्दी लिस्टिंग गेन चाहते हैं उनके लिए अपसाइड सीमित दिखता है. लेकिन जो 3 से 5 साल की लॉन्ग टर्म नजर से देख रहे हैं और एक मार्केट लीडर के लिए प्रीमियम चुकाने को तैयार हैं, वे इस IPO पर विचार कर सकते हैं. QIB की मजबूत भागीदारी और सब्सक्रिप्शन अवधि में बेहतर होता मार्केट सेंटीमेंट निवेश की कहानी को और मजबूत करेगा.
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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
IND vs SL: प्रैक्टिस सेशन के दौरान इंजर्ड हुए भारतीय कप्तान शुभमन गिल, उंगली पर लगी चोट
IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है, जो टीम की मुश्किलें बढ़ा सकती है. दरअसल, प्रैक्टिस सेशन के दौरान शुभमन गिल चोटिल हो गए थे. नेट्स पर तेज गेंदबाजों का सामना करते हुए उनकी उंगली पर दो बार गेंद लगी. हालांकि, राहत की बात यह है कि उन्होंने दोबारा प्रैक्टिस शुरू कर दिया, लेकिन उनकी चोट कितनी गंभीर है, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
शुभमन गिल को प्रैक्टिस के दौरान 2 बार लगी चोट
शुभमन गिल को सिर्फ बल्लेबाजी प्रैक्टिस के दौरान ही चोट नहीं लगी, बल्कि उन्हें फील्डिंग प्रैक्टिस के दौरान भी उंगली पर ही चोट लगी. वो कैच पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फिर गेंद उनके दाहिने हाथ में जा लगी, जिसके बाद टीम के फिजियो तुरंत बर्फ की पट्टी लेकर आए और गिल का इलाज किया. हालांकि गिल की इंजरी कितनी गंभीर है, यह स्पष्ट नहीं है. वहीं टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच शुभदीप घोष स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए थे. टीम इंडिया और फैंस चाहेंगे कि गिल को यह इंजरी गंभीर ना हो, क्योंकि यह टेस्ट सीरीज टीम इंडिया के लिए बेहद ही अहम है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की रेस में बने रहना है तो टीम इंडिया को हर हाल में यह मैच जीतना होगा.
???? SHUBMAN GILL INJURED ???? (Anoan Kar)
— VIKAS (@Vikas662005) August 6, 2026
- Injury in his right thumb while batting.
- Again ball hit in his right thumb in slip practice. pic.twitter.com/goMcdTMg2w
वार्म-अप मैच के लिए भारत और श्रीलंका का स्क्वाड
भारत का स्क्वाड - शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी.
श्रीलंका का स्क्वाड - निशान मदुश्का, रविन्दु रशंथा, पसिंदु सोरियाबंदरा, पवन रथनायके, अहान विक्रमसिंघे, सोनल दिनुशा (कप्तान), अंजला बंदरा (विकेटकीपर) निपुण धनंजय, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो, असांका मनोज, इसिता विजेसुंदरा, रमेश मेंडिस, केसरा नुवांथा, दिलुम सुदीरा.
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