IND vs SL: प्रैक्टिस सेशन के दौरान इंजर्ड हुए भारतीय कप्तान शुभमन गिल, उंगली पर लगी चोट
IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है, जो टीम की मुश्किलें बढ़ा सकती है. दरअसल, प्रैक्टिस सेशन के दौरान शुभमन गिल चोटिल हो गए थे. नेट्स पर तेज गेंदबाजों का सामना करते हुए उनकी उंगली पर दो बार गेंद लगी. हालांकि, राहत की बात यह है कि उन्होंने दोबारा प्रैक्टिस शुरू कर दिया, लेकिन उनकी चोट कितनी गंभीर है, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
शुभमन गिल को प्रैक्टिस के दौरान 2 बार लगी चोट
शुभमन गिल को सिर्फ बल्लेबाजी प्रैक्टिस के दौरान ही चोट नहीं लगी, बल्कि उन्हें फील्डिंग प्रैक्टिस के दौरान भी उंगली पर ही चोट लगी. वो कैच पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन फिर गेंद उनके दाहिने हाथ में जा लगी, जिसके बाद टीम के फिजियो तुरंत बर्फ की पट्टी लेकर आए और गिल का इलाज किया. हालांकि गिल की इंजरी कितनी गंभीर है, यह स्पष्ट नहीं है. वहीं टीम इंडिया के नए फील्डिंग कोच शुभदीप घोष स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए थे. टीम इंडिया और फैंस चाहेंगे कि गिल को यह इंजरी गंभीर ना हो, क्योंकि यह टेस्ट सीरीज टीम इंडिया के लिए बेहद ही अहम है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की रेस में बने रहना है तो टीम इंडिया को हर हाल में यह मैच जीतना होगा.
???? SHUBMAN GILL INJURED ???? (Anoan Kar)
— VIKAS (@Vikas662005) August 6, 2026
- Injury in his right thumb while batting.
- Again ball hit in his right thumb in slip practice. pic.twitter.com/goMcdTMg2w
वार्म-अप मैच के लिए भारत और श्रीलंका का स्क्वाड
भारत का स्क्वाड - शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उप-कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन, आकिब नबी.
श्रीलंका का स्क्वाड - निशान मदुश्का, रविन्दु रशंथा, पसिंदु सोरियाबंदरा, पवन रथनायके, अहान विक्रमसिंघे, सोनल दिनुशा (कप्तान), अंजला बंदरा (विकेटकीपर) निपुण धनंजय, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो, असांका मनोज, इसिता विजेसुंदरा, रमेश मेंडिस, केसरा नुवांथा, दिलुम सुदीरा.
एटीएफ में इथेनॉल मिलाने की कोई योजना नहीं, मंत्री राम मोहन नायडू ने भ्रामक दावों को किया खारिज
Ram Mohan Naidu: केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने गुरुवार को विमान ईंधन (एविएशन टरबाइन फ्यूल या एटीएफ) में इथेनॉल मिलाने की खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. उन्होंने विमानन सुरक्षा से जुड़े मामलों पर भ्रामक जानकारी फैलाने के खिलाफ भी आगाह किया.
एटीएफ में इथेनॉल मिलाने संबंधी दावे पूरी तरह गलत- राम मोहन नायडू
केंद्रीय मंत्री की यह प्रतिक्रिया उस समय आई है, जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि सरकार विमान ईंधन में इथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है. उन्होंने इस कदम को उड़ानों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताया था. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए राम मोहन नायडू ने कहा कि एटीएफ में इथेनॉल मिलाने संबंधी दावे पूरी तरह गलत और गैर-जिम्मेदाराना हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. विमानन सुरक्षा से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने से केवल हवाई यात्रियों के बीच अनावश्यक चिंता पैदा होती है. यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है."
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इथेनॉल और एसएएफ दोनों अलग-अलग प्रकार के ईंधन
नायडू ने आगे स्पष्ट किया कि इथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) दो अलग-अलग प्रकार के ईंधन हैं और इन्हें लेकर किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि एसएएफ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित विमानन ईंधन है, जिसे अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) की मान्यता प्राप्त है. दुनिया के कई देश विमानन क्षेत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एसएएफ को विमान संचालन में उपयोग की मंजूरी मिलने से पहले कठोर परीक्षणों और वैश्विक सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है. इसकी गुणवत्ता और प्रदर्शन की व्यापक जांच की जाती है, जिसके बाद ही इसे विमान ईंधन के रूप में उपयोग के लिए स्वीकृति दी जाती है.
वार्षिक यात्री संचालन क्षमता अब 58 करोड़ यात्रियों से अधिक
इस बीच, केंद्र सरकार ने इसी सप्ताह संसद को जानकारी दी थी कि भारत के हवाई अड्डा बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और देश की कुल वार्षिक यात्री संचालन क्षमता अब 58 करोड़ यात्रियों से अधिक हो गई है. सरकार के अनुसार, यह बढ़ोतरी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा संचालकों द्वारा लगातार किए जा रहे विस्तार और आधुनिकीकरण कार्यों का परिणाम है. सरकार ने यह भी बताया कि हवाई अड्डों से जुड़ी नई परियोजनाएं यात्री यातायात वृद्धि, परिचालन आवश्यकताओं, एयरलाइनों की मांग, वित्तीय व्यवहार्यता और तकनीकी-आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखकर लागू की जा रही हैं.
INPUT- IANS
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