News Ki Pathshala: दिवाली से पहले क्यों गिर रही हैं सोने-चांदी की कीमत ? | Gold-Silver Rate
News Ki Pathshala: दीपावली और धनतेरस से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों है? #newskipathshala #diwali2026 #goldrate #silverrate #goldsilverpricedrop #timesnownavbharat #hindinews #aajkitazakhabar #latestnews You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
पाकिस्तान की नई चाल बेनकाब, अफगानिस्तान ने लगाया सीमा पार आतंकी घुसपैठ कराने का बड़ा आरोप
Afghanistan News: अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर सीमा पार घुसपैठ करने वाले समूहों को समर्थन और प्रशिक्षण देने का आरोप लगाया है. इससे पहले भारत, ईरान और कई पश्चिमी देशों ने भी पाकिस्तान स्थित तत्वों पर आतंकवादी समूहों को समर्थन देने और क्षेत्र में हिंसा तथा अस्थिरता फैलाने के आरोप लगाए हैं. यह जानकारी एक रिपोर्ट में सामने आई है.
नूरिस्तान में बड़ा सैन्य अभियान
दक्षिण अफ्रीका स्थित मीडिया संस्थान 'इंडिपेंडेंट ऑनलाइन' (आईओएल) की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान का दावा है कि अफगान बलों ने नूरिस्तान प्रांत में 41 लड़ाकों को मार गिराया और 62 अन्य को गिरफ्तार किया. तालिबान के अनुसार, ये सभी कथित तौर पर आईएसआईएस से जुड़े समूहों से संबंधित थे और उन्हें पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था.
पाकिस्तानी सेना पर सीधे आरोप
'अफगानिस्तान इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, 29 सितंबर को जारी एक बयान में तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नूरिस्तान के कामदेश जिले में सशस्त्र विरोधियों के खिलाफ उसका अभियान पूरा हो गया है. इस अभियान में 41 लोगों के मारे जाने और 62 लोगों की गिरफ्तारी की बात कही गई. अफगानिस्तान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान का दावा है कि ये लड़ाके पाकिस्तान की सीमा पार से आए थे और उन्हें वहां की सैन्य व्यवस्था का समर्थन प्राप्त था.
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि घुसपैठ की यह कथित कोशिश पाकिस्तानी सेना के 'सीधे मार्गदर्शन और सहयोग' में की गई थी. तालिबान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपने यहां लड़ाकों की भर्ती और उन्हें हथियार उपलब्ध कराकर अफगानिस्तान में अस्थिरता बढ़ा रहा है.
रिपोर्ट में याद दिलाया गया है कि पहले भी पाकिस्तान पर हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे समूहों को पनाह देने और उन्हें सक्रिय रहने की अनुमति देने के आरोप लगते रहे हैं. ये आरोप खास तौर पर उस समय लगाए गए थे जब अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना तैनात थी.
अमेरिकी संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के तत्कालीन अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलन ने एक बार कहा था, "हक्कानी नेटवर्क, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का एक वास्तविक हिस्सा जैसा काम करता है."
पड़ोसी देशों का पुराना दर्द
भारत भी लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने, जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराने और देश में हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों का समर्थन करने के आरोप लगाता रहा है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने ऐसे सबूत पेश करने का भी दावा किया है जो पाकिस्तानी सरकारी तत्वों की कथित भूमिका की ओर इशारा करते हैं.
इसी तरह, ईरान ने भी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) पर आतंकियों को समर्थन देने के आरोप लगाए हैं. ईरान का कहना है कि उसके पास ऐसे सबूत हैं जो आईएसआई की कथित भूमिका को दिखाते हैं. ईरान ने पाकिस्तान से अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है.
ईरान ने भी दी थी चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने यह चेतावनी भी दी थी कि अगर पाकिस्तान ने जैश अल-अदल नामक संगठन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वह खुद कदम उठा सकता है. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर मोहम्मद अली जाफरी के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार जानती है कि ये समूह कहां सक्रिय हैं और उन्हें पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों का समर्थन मिल रहा है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यूरोपीय देशों के अधिकारियों ने भी समय-समय पर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनने को लेकर चिंता जताई है.
खुद के बुने जाल में फंसा पाकिस्तान
रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि विडंबना यह है कि पाकिस्तान अब उन आरोपों का सामना कर रहा है, जिनका आरोप वह पहले अफगानिस्तान पर लगाता था. रिपोर्ट के मुताबिक, आलोचकों का मानना है कि पाकिस्तान ने वर्षों तक चरमपंथी समूहों को पड़ोसी देशों के खिलाफ रणनीतिक साधन के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन समय के साथ यही नेटवर्क उसके लिए भी चुनौती बन गया.
DISCLAIMER: पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.
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