मिडिल ईस्ट संकट पर भारत-इटली की प्राथमिकता एक, तनाव कम कर शांति बहाल हो: राजदूत बार्टोली
नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में मंगलवार को 40वां अंतरराष्ट्रीय आहार मेला शुरू हो गया। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस पांच दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली भी इस मेले में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट में जारी हमले को रोकने की अपील की।
आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली ने कहा, यह बहुत सम्मान की बात है क्योंकि यह पहली बार है कि इतने जरूरी और मशहूर मेले में कोई पार्टनर देश है। यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है कि पहला पार्टनर देश इटली है।
मुझे लगता है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं है, क्योंकि एक बड़े प्रोड्यूसर होने के अलावा हम खाद्य उद्योग के लिए भी एक छवि हैं। मुझे आपकी जनता को यह याद दिलाते हुए खुशी हो रही है कि दिसंबर में दिल्ली में, यूनेस्को ने इटली के खाने को वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल करने का फैसला किया था तो इटली का खाना इंसानियत की विरासत है। मुझे लगता है कि दो चीजें जरूरी हैं। पहली यह कि भारत की तरह, खाना भी एक संस्कृति का बिजनेस कार्ड है। तो यह इतिहास और भूगोल है, यह हमारे इलाकों की छवि है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ खाना और खाने का प्रोडक्शन ही नहीं है जो इस मेले के आयोजन के पीछे है, यह एक पूरी इंडस्ट्री है, जिसका मतलब है मशीनरी, सस्टेनेबल पैकेजिंग, और कोल्ड चेन। इसलिए इटली इसमें सहयोग करने के लिए तैयार और उत्सुक है। भारत के साथ, भारत में और वर्ल्ड मार्केट के लिए भी प्रोडक्शन करने के लिए। बेशक इसका असर इंटरनल मार्केट, कंज्यूमर्स, ज्यादा कीमतों, ट्रांसपोर्टेशन, ज्यादा बीमा नीति, और हर चीज की ज्यादा कीमतों पर पड़ता है तो यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए हमें उम्मीद है कि यह युद्ध जल्द से जल्द खत्म हो जाएगा और हम व्यापार और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा पाएंगे। हमें यूरोप और भारत के बीच एफटीए पर पूरा भरोसा है कि यह व्यापार और यहां निवेश को बढ़ावा देगा।
मध्य पूर्व में इस वक्त भारी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बीते कई दिनों से हमले जारी हैं। मिडिल ईस्ट में हमले रोकने की अपील करते हुए इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली ने कहा, इस युद्ध में इटली और भारत की एक ही प्राथमिकताएं हैं, यानी दोनों पक्षों को तनाव कम करने, डिप्लोमैटिक बातचीत और शांति के लिए बढ़ावा देना, ताकि युद्ध को जल्द से जल्द रोका जा सके। हम खाड़ी क्षेत्र और विदेशों में इटली के हजारों नागरिकों का ध्यान रख रहे हैं। उदाहरण के लिए, 1,500 पर्यटक मालदीव में फंस गए थे तो हम सिर्फ युद्ध के मैदान की बात नहीं कर रहे हैं। इसे जल्द से जल्द खत्म करना जरूरी है ताकि सही कीमतों पर एनर्जी की रेगुलरिटी और स्थिरता बनी रहे। हम नहीं चाहते कि तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाए।
भारत की कूटनीति को लेकर उन्होंने कहा, एक देश के तौर पर भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा वजन हासिल कर रहा है। न सिर्फ अर्थव्यवस्था और डेमोग्राफी के लिए, बल्कि सभी हालात में एक स्थिर और समझदार अभिनेता के तौर पर अंतरराष्ट्रीय भूमिका के लिए भी। इसलिए हमें लगता है कि भारत एक भरोसेमंद और फ्रेंडली पार्टनर है। न सिर्फ ज्यादा से ज्यादा इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन के लिए, बल्कि जियोपॉलिटिक्स में भी करीबी बातचीत के लिए। यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि कल शाम हमारे दो विदेश मंत्रियों ने मिडिल ईस्ट में इस संकट पर बातचीत की।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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अब पाकिस्तानी मंत्रियों को नहीं मिलेगी सैलरी, सासंदों के वेतन में भारी कटौती; मिडिल ईस्ट तनाव की वजह से शहबाज सरकार का फैसला
अमेरिका और इस्राइल संयुक्त रूप से ईरान पर ताबड़तोड़ अटैक कर रहे हैं. दोनों देशों के हमलों से ईरान को भारी नुकसान हुआ है. हालांकि, ईरान भी मुंहतोड़ जवाब देने में जुटा हुआ है. ईरान लगातार सऊदी अरब, यूएई सहित विभिन्न देशों में मौजूद अमेरिका-इस्राइल के ठिकानों को निशाना बना रहा है. मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की वजह से तेलों की कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
स्कूल दो सप्ताह के लिए बंद
तेलों की कीमतें बढ़ने की वजह से पाकिस्तान सरकार ने बड़ा फैसला किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को बढ़ती कीमतों की वजह से खर्चों में कटौती करने का फैसला किया है. पाकिस्तान सरकार के फैसले के तहत सरकारी दफ्तर सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही खुलेंगे. आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे. स्कूल इस सप्ताह के अंत से दो सप्ताह के लिए बंद रहेंगे.
पाकिस्तान मंत्रियों की सैलरी काटी
पाकिस्तानी न्यूज चैनल के अनुसार, पाकिस्तानी सरकार ने अपने मंत्रियों और सलाहकारों के विदेशी दौरों को रोक दिया है. मंत्री दो महीने तक वेतन भी नहीं लेंगे. इसके अलावा, सरकार ने सांसदों की सैलरी में 25 प्रतिशत की कटौती करने का आदेश दिया है. इसके अलावा, सरकार ने फैसले किया है कि अब पाकिस्तान में दो महीने तक सरकारी गाड़ियों को 50 प्रतिशत कम ईंधन मिलेगा. 60 फीसद सरकारी वाहन नहीं चलेंगे. सभी सरकारी विभागों को अपने खर्चों में 20 प्रतिशत कटौती करने के लिए कहा गया है.
इस वजह से लिया फैसला
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साफ कहा कि अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है. इस वजह से ऐसे कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुआ इजाफा
पाकिस्तानी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत का इजाफा किया है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोत्तरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल 335.86 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल की कीमत 321.17 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
जैसे ही पाकिस्तानी आवाम को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर मिली, वैसे ही लाहौर, कराची जैसे अन्य बड़े शहरों के पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ जमा हो गई. लोग घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते हुए दिखाई दिए. लोगों को डर सता रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में कहीं तेल की किल्लत न शुरू हो जाए.
पेट्रोल-डीजल की कीमतें भारत में फिलहाल स्थिर
सरकारी सूत्रों की मानें तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत में फिलहाल नहीं बढ़ेंगे. अधिकारियों का कहना है कि जब तक इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 130 रुपये प्रति बैरल के पार नहीं हो जाती है, तब तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर ही रहेंगी. कच्चा तेल वर्तमान में 100 रुपये प्रति बैरल के आसपास ही रहने की उम्मीद है.
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