Agnipath Scheme: 4 साल बाद अग्निवीरों को 2 साल का सेवा विस्तार, स्थायी भर्ती का खुला रास्ता
नयी दिल्ली, चार नवंबर ‘अग्निपथ’ योजना में बड़े बदलाव के तहत सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेना से सेवामुक्त होने वाले ‘अग्निवीरों’ को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। इसके बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने और व्यक्तिगत सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती की पेशकश की जाएगी। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने यह घोषणा केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सैन्य भर्ती योजना में तीनों सेनाओं की सिफारिशों के अनुरूप बदलावों को मंजूरी दिए जाने के तुरंत बाद की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कदम सशस्त्र बलों में किए जा रहे ‘दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ‘युवा, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सेना’ का निर्माण करना है। जून 2022 में शुरू की गई ‘अग्निपथ’ योजना के तहत सैनिकों की भर्ती चार साल के कार्यकाल के लिए की गई। इसमें कुल भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 प्रतिशत को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था।
योजना में ये बदलाव करीब 18,000 अग्निवीरों के सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने के तीन सप्ताह से कुछ अधिक समय पहले किए गए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीडीएस ने कहा, ‘‘आज भारतीय सशस्त्र बलों और अग्निवीरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। मंत्रिमंडल ने सभी अग्निवीरों के लिए सशस्त्र बलों में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है।’’ फिलहाल अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए तीन लाख से अधिक सैनिक सशस्त्र बलों में सेवा दे रहे हैं।
जनरल सुब्रमणि ने कहा, ‘‘मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित बलों में शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में सेवामुक्त हो जाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नए बदलावों के तहत इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि की पेशकश की जाएगी। इस विस्तारित अवधि के पूरा होने के बाद चयन मानदंडों को पूरा करने वाले और सेवा जारी रखने के इच्छुक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा।’’ सीडीएस ने कहा कि सरकार के इस फैसले से लगभग सभी अग्निवीरों के सशस्त्र बलों में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा। जनरल सुब्रमणि ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना जारी रहेगी और चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर नियमित सैनिकों के रूप में भर्ती किए जाने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों की वरिष्ठता, दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी करने के बाद नियमित बलों में शामिल होने वाले अग्निवीरों से अधिक होगी।
सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस योजना को लेकर सरकार को निशाने पर लिया था।
उन्होंने सवाल उठाया था कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद 75 प्रतिशत अग्निवीरों का क्या होगा, क्योंकि कुल भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 प्रतिशत को ही 15 साल के लिए नियमित सेवा में रखा जाएगा। केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों और विभागों ने पहले ही पूर्व अग्निवीरों की भर्ती की योजनाओं की घोषणा की थी। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सेवामुक्त होने वाले अग्निवीरों के लिए विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य सरकारों द्वारा घोषित योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर जनरल सुब्रमणि ने कहा कि अब उन प्रावधानों की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।
रक्षा मंत्री सिंह ने अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि को ‘सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी’ (सेवा का दूसरा कार्यकाल) बताया और इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘इससे चार या छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के रूप में शामिल करने का भी अवसर मिलेगा, जो चयन मानदंडों को पूरा करेंगे।’’
TVK विधायकों को खरीदने के लिए द्रमुक और AIADMK कर रहे 70 करोड़ तक की पेशकश, मंत्री आर निर्मल कुमार का दावा
मदुरै, चार नवंबर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु सरकार में मंत्री आर. निर्मल कुमार ने बुधवार को आरोप लगाया कि आगामी चुनावों से पहले विपक्षी दल- द्रमुक और अन्नाद्रमुक उनकी पार्टी के विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीवीके के विधायकों को न तो खरीदा जा सकेगा और न ही वे किसी दबाव में आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी दल विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त की कोशिशों के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं।
मंत्री ने आरोप लगाया, “उनमें से प्रत्येक के पास हजारों और लाखों करोड़ रुपये हैं, इसलिए वे ऐसी कोशिशें कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमारा कोई भी विधायक पैसे लेकर कहीं नहीं जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि विधायकों को 60 करोड़ से 70 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव दिए जा रहे हैं और इन कोशिशों से जुड़े कथित अवैध हवाला धन के लेन-देन के मामले बेंगलुरु में सामने आने लगे हैं। कुमार ने कहा, “बेंगलुरु में हवाला का पैसा पकड़ा जा रहा है। यह पता नहीं है कि उन्होंने बेंगलुरु से पैसा क्यों भेजा।
जांच जारी है।” टीटीवी दिनाकरन की राज्यपाल से मुलाकात समेत हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को खारिज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) गुप्त रूप से मिलकर काम कर रहे हैं। इस बैठक में कथित तौर पर टीवीके सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की गई थी। मंत्री ने पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि व्यापक जनसमर्थन के दम पर टीवीके आगामी सभी चुनावों, जिनमें निर्धारित उपचुनाव भी शामिल हैं, में 100 प्रतिशत जीत हासिल करेगी।
मंत्री ने कहा, “उन्हें जो करना है, करने दें। लेकिन शत प्रतिशत लोगों ने पक्का फैसला कर लिया है कि सिर्फ आज या अभी के लिए नहीं, बल्कि अगले 20-30 वर्षों तक यही सरकार बनी रहनी चाहिए। उन्होंने तय कर लिया है कि केवल (सी. जोसेफ) विजय ही मुख्यमंत्री होने चाहिए।
इस बारे में कोई दूसरा मत नहीं है।”
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