TVK विधायकों को खरीदने के लिए द्रमुक और AIADMK कर रहे 70 करोड़ तक की पेशकश, मंत्री आर निर्मल कुमार का दावा
मदुरै, चार नवंबर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु सरकार में मंत्री आर. निर्मल कुमार ने बुधवार को आरोप लगाया कि आगामी चुनावों से पहले विपक्षी दल- द्रमुक और अन्नाद्रमुक उनकी पार्टी के विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीवीके के विधायकों को न तो खरीदा जा सकेगा और न ही वे किसी दबाव में आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी दल विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त की कोशिशों के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं।
मंत्री ने आरोप लगाया, “उनमें से प्रत्येक के पास हजारों और लाखों करोड़ रुपये हैं, इसलिए वे ऐसी कोशिशें कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमारा कोई भी विधायक पैसे लेकर कहीं नहीं जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि विधायकों को 60 करोड़ से 70 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव दिए जा रहे हैं और इन कोशिशों से जुड़े कथित अवैध हवाला धन के लेन-देन के मामले बेंगलुरु में सामने आने लगे हैं। कुमार ने कहा, “बेंगलुरु में हवाला का पैसा पकड़ा जा रहा है। यह पता नहीं है कि उन्होंने बेंगलुरु से पैसा क्यों भेजा।
जांच जारी है।” टीटीवी दिनाकरन की राज्यपाल से मुलाकात समेत हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को खारिज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) गुप्त रूप से मिलकर काम कर रहे हैं। इस बैठक में कथित तौर पर टीवीके सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की गई थी। मंत्री ने पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि व्यापक जनसमर्थन के दम पर टीवीके आगामी सभी चुनावों, जिनमें निर्धारित उपचुनाव भी शामिल हैं, में 100 प्रतिशत जीत हासिल करेगी।
मंत्री ने कहा, “उन्हें जो करना है, करने दें। लेकिन शत प्रतिशत लोगों ने पक्का फैसला कर लिया है कि सिर्फ आज या अभी के लिए नहीं, बल्कि अगले 20-30 वर्षों तक यही सरकार बनी रहनी चाहिए। उन्होंने तय कर लिया है कि केवल (सी. जोसेफ) विजय ही मुख्यमंत्री होने चाहिए।
इस बारे में कोई दूसरा मत नहीं है।”
US Midterm Election Results: Donald Trump की हार के बाद Gyanesh Kumar पर बने मीम्स
नयी दिल्ली, चार नवंबर ‘‘ज्ञानेश कुमार, ट्रंप के साथ ऐसा कभी नहीं होने देते।’’ अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को करारी हार मिलने के बाद, बुधवार को सोशल मीडिया पर ‘मीम’ और व्यंग्यात्मक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संस्थापक अभिषेक दीपके, वकील एवं कार्यकर्ता प्रशांत भूषण तथा सोशल मीडिया के कई अन्य उपयोगकर्ताओं ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव परिणामों पर पोस्ट करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा। भारत में ‘वोट चोरी’ के आरोपों के केंद्र में ज्ञानेश कुमार हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज कसते हुए, भूषण ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मोदी: ‘माफ करना मेरे दोस्त, मैं ज्ञानेश को तुम्हारे पास नहीं भेज पाया! मुझे पहले अपना ध्यान रखना था। लेकिन अब यहाँ के लोगों ने उन्हें उनके घर के अंदर ही कैद कर दिया है!
अब तो वह मेरी मदद भी नहीं कर सकते!’’ वहीं, एक अन्य ‘एक्स’ हैंडल पर कहा गया कि ट्रंप को ‘‘सख्त तौर पर एक ज्ञानेश की जरूरत है’’। दीपके ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ज्ञानेश कुमार, ट्रंप के साथ ऐसा कभी नहीं होने देते।’’ उन्होंने हैशटैग ‘जस्ट सेइंग’ का इस्तेमाल किया। वहीं, एक अन्य ‘एक्स’ हैंडल पर एक मीम पोस्ट किया गया, जिसमें ट्रंप एक कमरे में प्रवेश करते दिख रहे हैं जहाँ प्रधानमंत्री मोदी इंतजार कर रहे हैं।
इस पर ‘कैप्शन’ लिखा है, ‘‘ब्रो, गिव मी ज्ञानेश (भाई मुझे ज्ञानेश दे दो)।’’ इस संबंध में एक व्यंग्य समाचार पोस्ट में लिखा गया, ‘‘ट्रंप के मध्यावधि चुनाव हारने की शुरुआत होते ही ज्ञानेश कुमार अमेरिका के लिए रवाना हो जाएंगे।’’ अमेरिकी मतदाताओं द्वारा विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी कांग्रेस का नियंत्रण सौंपे जाने और कई अहम राज्यों में गवर्नरों के पदों पर बदलाव किए जाने के बाद ‘मीम’ की बाढ़ आ गई। इन चुनावों पर सबकी नजरें थीं और इनके नतीजे अमेरिका के बाहर भी दूरगामी असर डालेंगे। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को टेक्सास, जॉर्जिया और आयोवा जैसे अपने मजबूत गढ़ों में करारी हार का सामना करना पड़ा, जहां उसे डेमोक्रेट्स के हाथों गवर्नर के पद गंवाने पड़े।
रिपब्लिकन पार्टी को टेक्सास, मेन, साउथ कैरोलिना, नॉर्थ कैरोलिना, कंसास और आयोवा में सीनेट चुनावों के दौरान भी करारी हार का सामना करना पड़ा। इन जगहों पर ट्रंप ने एक सीधा संदेश देते हुए प्रचार किया था। उन्होंने मतदाताओं से कहा था कि वे ऐसा मान लें कि वह (ट्रंप) खुद भी चुनाव मैदान में हैं।
इस हार का कारण ट्रंप की नीतियों के प्रति लोगों की नाराजगी को माना जा रहा है, जिसमें ईरान के खिलाफ छेड़ा गया युद्ध भी शामिल है। कहा जाता है कि ईरान युद्ध वजह से अमेरिका में जीवन-यापन का खर्च बढ़ गया और डीजल की कीमतें काफी ऊंची हो गईं। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों पर ‘मीम’ और चुटकुले ऐसे समय में सामने आए हैं, जब भारत में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है।
विपक्ष का आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार ने विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनावों में सत्ताधारी पार्टी के साथ मिलीभगत की। विपक्ष कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहा है। हालांकि, सत्ताधारी भाजपा ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और अपनी चुनावी हार के लिए बहाने बनाने का आरोप लगाया है।
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