हर वक्त क्लास और ट्यूशन क्यों? बच्चों को दें खाली वक्त भी, जानें स्लो पेरेंटिंग का महत्व! वरना इंसान नहीं, रोबोट बनेंगे बच्चे
Slow Parenting Benefits:सुबह स्कूल, दोपहर में ट्यूशन और शाम को कोई न कोई एक्स्ट्रा करिकुलर क्लास जैसे गिटार, कराटे या कोडिंग. मां-बाप को लगता है कि अगर बच्चा एक खाली पल भी बैठा है, तो वह पिछड़ जाएगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस 'टाइट शेड्यूल' का बच्चे के मानसिक विकास पर क्या असर पड़ रहा है? यहीं से जन्म होता है 'स्लो पेरेंटिंग' (Slow Parenting) के कॉन्सेप्ट का, जो आज के दौर की बड़ी जरूरत है.
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