रोजी-रोटी की तलाश में आए थे मजदूर…लेकिन मिली मौत, गुरुग्राम हादसे ने खोली निर्माण व्यवस्था की पोल; उठे बड़े सवाल
Gurugram Accident: हरियाणा के गुरुग्राम में हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रोजी-रोटी की तलाश में आए मजदूर निर्माणाधीन सोसाइटी में काम कर रहे थे, लेकिन बेसमेंट की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से 9 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर बरती जा रही लापरवाही को उजागर कर दिया है. सुरक्षा नियमों की अनदेखी, निगरानी की कमी और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण मजदूरों की जान जोखिम में पड़ रही है, जिससे व्यवस्था की जिम्मेदारी पर भी बड़े सवाल उठने लगे हैं.
Swami Ramdev Health Tips: मोटापा, शुगर, बीपी और कैंसर जैसी बीमारियों से छुटकारा कैसे पाएं? जानिए स्वामी रामदेव से
Swami Ramdev Health Tips: आजकल लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां बहुत ज्यादा बढ़ गई है. इनमें बीपी, शुगर और कैंसर जैसी बीमारियां शामिल है. स्वामी रामदेव ने मंगलवार को अपने लाइव सेशन में बताया है पूरी दुनिया के लोग कैंसर से आतंकित है. यह इतनी खतरनाक बीमारी है कि सोचते-सोचते ही इंसान ज्यादा बीमार हो जाता है. ठीक वैसे रोग हाई-लो बीपी, शुगर का स्तर असंतुलित होना और पुरुषों से जुड़ी समस्या. आइए जानते हैं स्वामी रामदेव ने इसका क्या उपाय बताया है.
यहां देखें लाइव वीडियो
हर साल बदलता है शरीर!
फेसबुक लाइव सेशन में पतंजलि के संस्थापक स्वामी रामदेव ने कहा कि परेशान क्यों हो रहे हो, हमारा शरीर हर साल पूरी तरह बदल जाता है. वह कहते हैं कि हमारे शरीर के हर सैल की एक आयु होती है. इसे ऑटोनेमिक सिचुएशन कहते हैं. एक सेल की आयु 24 घंटे से ज्यादा नहीं है. हर वर्ष हमारी स्किन बदल जाती है. पूरी स्किन नई बन कर आती है. इसलिए, शरीर को सबसे शुद्ध रखने के लिए अच्छी खुली और लंबी सांसों को लेने की आदत बनानी चाहिए.
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वातावरण का असर सेहत पर
आज के लाइव वीडियो में स्वामी रामदेव कहते हैं कि हमारी सेहत इस बात पर निर्भर करती है कि हम कहां, कैसे और किसके साथ रह रहे हैं. वे कहते हैं कि आजकल पूरी दुनिया का वातावरण दूषित हो गया है इसलिए, प्रकृति भी नुकसान देने लगी है. हमारी संगत कैसी है, हम कैसे लोगों के साथ रहते हैं और उठते-बैठते हैं. इस बात का भी हमारी सेहत पर असर सीधा-सीधा पड़ता है. संगत और दोस्ती खराब तो उनका खराब आचरण हमारे ऊपर भी भारी पड़ेगा. दिमागी सोच का भी शरीर पर गहरा प्रभाव होता है. स्वामी रामदेव कहते हैं कि हम 1 सेकेंड में कितना कुछ सोच लेते हैं. अगर सही नहीं सोच रहे हैं तो उसका असर भी बॉडी को देखने को मिलता है. दिमाग में चल रही गतिविधियों का संबंध पूरे शरीर से होता है. इसलिए, मन के आचरण को भी शुद्ध रखना जरूरी है.
कैसे करें इनसे बचाव?
अच्छा लाइफस्टाइल अपनाएं और अभ्यास करें. स्वामी रामदेव कहते हैं कि हमारे जीवन को रोगों से बचाने के लिए जीवनशैली को सुधारना जरूरी है. योग करें, वे कहते हैं कि योगाभ्यास करने से सब कुछ बदल सकते हैं. आहार का सही होना भी जरूरी होता है. हम जो खाना खाते हैं वह हमारे शरीर के DNA में मौजूद रहता है. इसलिए, अच्छा भोजन नहीं किया तो शरीर बेसुध हो ही जाएगा. कपालभाति और प्राणायाम दो ऐसे अभ्यास है, जिसे हर किसी को करना चाहिए. पेट कम करने के लिए और मोटापा घटाने के लिए रोज सुबह योग करना चाहिए.
लिवर-किडनी-हार्ट को ऐसे बचाएं
स्वामी रामदेव कहते हैं कि सलीके से जिंदगी जिएंगे तो कोई भी अंग खराब नहीं होगा. शरीर के तीन सबसे जरूरी अंग लिवर, किडनी और हार्ट. इनसे किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए. ये कैसे होता है-जब हम अनहेल्दी खाते हैं, रोज एक्सरसाइज नहीं करते हैं या फिर धूप नहीं लेते. हानिकारक तेल से बने फूड्स खा रहे हैं, जो इन तीनों अंगों को बीमार करते हैं.
ओबेसिटी को कैसे ठीक करें?
पतंजलि वैलनेस में ओबेसिटी को लेकर इलाज किया जा रहा है. इसके लिए उनका हार्मोन टेस्ट, ब्लड टेस्ट, शुगर-बीपी और थायरॉइड टेस्ट करवाया जाएगा. उनका दावा है कि अगर उनकी बताई डाइट और योग कर लिया तो 1 महीने में 10 किलो वजन कम कर सकते हैं. एक दिन में पतंजलि 2 किलो वजन कम करवा सकता है. उनका कहना है कि लाइफस्टाइल डिजीज में सबसे आसाना है वजन को कम करना.
वजन कम करने के लिए जरूरी टिप्स
बाबा रामदेव कहते हैं कि वजन कम करने वाले लोगों को अश्वगंधा के पत्ते रोज खाने चाहिए. पतंजलि वैलनेस रोज ओबेसिटी के रोगियों को अश्वगंधा के पत्ते खिलाते हैं. वहीं, इन लोगों को हफ्ते भर के लिए जल उपवास, नारियल पानी के उपवास पर रखा जाता है. शुगर के मरीजों और थायरॉइड के रोगियों को मेथी का पानी दिया जाता है. पूरे शरीर को डिटॉक्स करने के लिए गोधन अर्क दिया जाता है. इसके साथ ही हार्मोनल बैलेंस को सही करने के लिए मेडिटेशन करवाया जाएगा. सप्ताह में 1 से 2 दिन तरबूज या अनानास ही खाने के लिए दिया जाएगा.
इंटीग्रेटेड ट्रीटमेंट क्या है?
दरअसल, यह कोई एक ट्रीटमेंट नहीं होता है. इसमें स्वामी रामदेव कहते हैं कि एक बीमारी का इलाज करने के लिए अलग-अलग तरह के इलाज पद्धतियों को अपनाया जाता है. ऐसा करने से जल्दी से जल्दी बीमारी की रोकथाम होती है. लाइव वीडियो में स्वामी रामदेव कहते हैं कि किडनी, लिवर, थायरॉइड, इनफर्टिलिटी और हार्ट डिजीजी से बचने के लिए इंटीग्रेटेड योगाभ्यास करवाया जाता है. इनमें ऐसे योगासनों को प्रमुख रूप से करवाया जाता है, जो एक साथ कई बीमारियों पर अटैक कर सकती है.
शुगर को भी आयुर्वेद से कंट्रोल करें
इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज के रोगियों को स्वामी रामदेव ने सलाह दी है कि वे पहले दिन से ऐलोपैथी दवा को छोड़ दें. पतंजलि की मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर सबसे कारगर दवा है. इसके साथ ही उन्हें खीरा-करेला का जूस दें. नीम करेला की थेरेपी करवाने से भी शुगर कंट्रोल हो जाती है. इसके साथ ही अपने अभ्यास को करने से बिल्कुल परहेज न करें.
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