बढ़ते सड़क हादसों को लेकर लोगों में आक्रोश, किया चक्का जाम, सरकार को भेजा शिकायत पत्र, आंदोलन की चेतावनी
जबलपुर-भोपाल के बीच शहपुरा का ब्रिज टूटने के बाद ट्रैफिक को पाटन होते हुए डायवर्ट किया कर दिया गया है। पाटन-जबलपुर रोड पर भारी वाहनों का बोझ पड़ने पर लोगों को पिछले 6 महीने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दावा किया जा रहा है कि बीते 6 माह के अंदर 40 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें लोगों की जान चली गई है। इसको लेकर गुरुवार को सैकड़ो लोगों ने पाटन चौराहे पहुंचकर चक्का जाम कर दिया।
नाराज स्थानीय लोगों ने वाहनों को भी सड़क पर खड़ा कर दिया, जिसके चलते जबलपुर,कटंगी, दमोह ,शहपुरा रोड पर काफी देर तक जाम लग गया। जानकारी लगते ही पाटन थाना पुलिस का अमला मौके पर पहुंचा और जाम हटाने की कवायद में जुटा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ो रुपए खर्च करने के बाद शहपुरा में फ्लाईओवर ब्रिज बनाया गया। लेकिन यह कुछ ही महीने में ही टूट गया। जिसके कारण भोपाल से जबलपुर आने वाले बड़े वाहनों को पाटन क्षेत्र से गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में 24 घंटे बड़े वाहनों की आवाजाही से स्थानीय लोग तो परेशान है, ही इसके साथ ही लगातार सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
सरकार को 18 अगस्त का अल्टिमेटम, आंदोलन की चेतवानी
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ठाकुर उदय भान सिंह के नेतृत्व में आज सैकड़ो लोग पाटन चौराहा पहुंचे और जाम लगा दिया। उदय भान सिंह ने कहा कि, “जबलपुर पाटन फोर लाइन स्वीकृत हो चुका है, इसका बजट भी सेंशन हो चुका है। इसके बावजूद निर्माण की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है।” उन्होंने कहा कि, “इससे पहले भी कई बार स्थानीय प्रशासन से शिकायत की गई है। लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया गया है। अब 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर इसके बावजूद भी हमारी मांगों पर सरकार विचार नहीं करती है, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।”
फाॅर लेन स्वीकृत, लेकिन निर्माण कार्य में देरी
उदयभान सिंह का कहना है कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को भी यह जानकारी है कि फाॅर लेन स्वीकृत हो गया है और उन्हें इस रोड पर जल्द से जल्द काम लगवाना भी चाहिए, लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसकी वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भी कई बार इसकी मांग की लेकिन उनकी बातों में भी ध्यान नहीं दिया गया। यही वजह है कि अब जनता सड़क पर उतरने को मजबूर है। लोगों का कहना है कि जबलपुर पाटन रोड में भारी वाहन चल रहे हैं। जिसके चलते परिवार वाले भी हमेशा यह सोचते रहते हैं कि जिस तेजी से ट्रैफिक चल रहा है। उसको देखते हुए हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
एसडीएम ने क्या कहा?
पाटन चौराहे पर जाम की स्थिति की जानकारी लगते ही एसडीएम मानवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए उनका कहना है कि स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन के दौरान मांग की है कि शहपुरा का ब्रिज टूटने के बाद ट्रैफिक को पाटन शहर कस्बे के बीच से डायवर्ट किया गया है। उसको लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। स्थानीय लोगों की शिकायत पत्र को लेने के बाद वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकार को भेजा जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- हमारे सहयोगी दल या विपक्ष की सरकार हो हम विद्यार्थियों के साथ, अमित शाह पर किया हमला
पेपर लीक का मुद्दा देश का मुद्दा बन चुका है, NEET का पेपर लीक होने के बाद दिल्ली में छात्र आंदोलन देखने को मिला इस बीच पंजाब, कर्नाटक, झारखंड से भी पेपर लीक की ख़बरें आई, विद्यार्थियों ने इसके विरोध में आवाज उठाई लेकिन उन्हें ना तो दिल्ली में आंदोलन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन मिला और ना ही कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों का, सवाल उठने लगे कि ये सभी सिलेक्टिव सियासत कर रहे हैं, लेकिन अब इसपर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बयान दिया है।
संसद के मानसून सत्र में गतिरोध बना हुआ है, दोनों सदनों में दिल्ली छात्र आंदोलन में पुलिस लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष आक्रोशित है, पैलेट गन, आंसू गैस छोड़ने के आदेश किसने दिए ये सवाल विपक्ष पूछ रहा है और सदन नहीं चलने दे रहा, कांग्रेस की मांग है कि सरकार इसपर स्थिति स्पष्ट करे, दिल्ली पुलिस गृह मंत्री अमित शाह के मंत्रालय के अधीन काम करती है वो सदन में आकर बयान क्यों नहीं देते , वे आखिर गायब क्यों हैं ?
गृह मंत्री सदन का अपमान कर रहे हैं
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, पिछले 15 दिनों से पूरा विपक्ष लगातार यह मांग कर रहा है कि छात्रों पर हुई बर्बरता को लेकर सदन में केंद्रीय गृह मंत्री बयान दें। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार लापता हैं। जिस तरह से विद्यार्थियों को पीटा गया, उनके ऊपर पैलेट गन चलाई गई, आंसू गैस चलाई गई, यह सब किसके इशारे पर हुआ। इस पर सरकार को खुद बयान देना चाहिए था। लेकिन गृह मंत्री दिल्ली में रह कर भी सदन में न आकर लोकतंत्र के मंदिर का लगातार अपमान कर रहे हैं। जवाबदेही से बच रहे हैं।
जवाब देना होगा कि बर्बरता किसके कहने पर हुई
खड़गे ने कहा आज राज्य सभा के सभापति ने संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजूजू को निर्देश दिया है कि वो विपक्ष की भावनाओं से गृहमंत्री को अवगत कराएं। उनसे सदन में आने को कहें, हम इसके लिए सभापति को धन्यवाद देते हैं लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए। मगर सरकार को यह जवाब देना होगा कि छात्रों के साथ बर्बरता किसके कहने पर की गई, हम पूछ रहे हैं कि ये सब किसके कहने पर हुआ, बैरिकेड पर करंट क्यों दौड़ाया गया, कीलें लगी लाठी से बच्चों पर प्रहार क्यों हुए?
गृह मंत्री जिम्मेदारी लें और देश से माफ़ी मांगें
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा देश जानना चाहता हैं कि सादे कपड़ों में छात्रों को पीटने वाले लोग कौन थे? CRPF की RAF को लाठी चलाने का आदेश किसने दिया है। आंदोलन वापस लेने के बाद भी बच्चों को भाजपा और संघ के लोग प्रताड़ित कर रहे हैं। बच्चों को और उनके परिवार के लोगों को धमका रहे हैं। ये सारी बातें सदन में गृह मंत्री ही साफ कर सकते हैं। उनको सदन में आकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए और देश से माफी माँगनी चाहिए।
सरकार कोई भी हो कांग्रेस विद्यार्थियों के साथ है
मीडिया ने जब खड़गे से सवाल किया कि आप लोग सिर्फ दिल्ली में आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं झारखंड सहित अन्य राज्यों में भी पेपर लीक हुए छात्र परेशान हो रहे हैं, झारखंड में तो छात्र आंदोलन कर रहे हैं लेकिन आप वहां क्यों नहीं जा रहे छात्रों का समर्थन क्यों नहीं कर रहे? इस सवाल का जवाब देते हुए खड़गे ने कहा कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों के साथ है। झारखंड हो, पंजाब हो, दिल्ली हो, कहीं भी हो, हम सब, राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी हमारे विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। हम पूछेंगे यदि हमसे भी कोई गलती हुई होगी तो क्यों हुई ? चाहे हमारा सहयोगी दल हो या विपक्ष हो, हम विद्यार्थियों व युवकों के साथ हैं। उनकी समस्या को हल करने के लिए हम लड़ते रहेंगे।
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