उत्तरकाशी केदारताल ट्रैक पर 5 लोगों की मौत:7 दिन से लापता 3 लोगों की खोज जारी; ITBP हेलिकॉप्टर से चला रही सर्च ऑपरेशन
उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन और बर्फबारी की चपेट में आने से लापता 8 लोगों में से अब तक 5 की मौत हो चुकी है। बुधवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान तीन और शव बरामद किए गए। इससे पहले मंगलवार को भी दो शव मिले थे। बाकी 3 लापता लोगों की तलाश जारी है। सर्च ऑपरेशन में ITBP को भी शामिल किया गया है। ITBP की टीम स्पेशल हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान चला रही है। वहीं, NDRF, SDRF, उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) की टीमें भी लगातार तलाशी में जुटी हैं। बरामद किए गए पांचों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया जा रहा है। 29 अक्टूबर को भोजखड़क और कच्ची ढांग के पास हिमस्खलन और बर्फबारी की चपेट में आने से 8 लोग लापता हो गए थे। इससे पहले रेस्क्यू टीमों को घटनास्थल के पास कुछ सामान भी मिला था। लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के 5 ट्रैकर, उत्तर प्रदेश की 2 ट्रैकर और उत्तरकाशी के स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा शामिल हैं। खराब मौसम और लगातार बर्फबारी के कारण तलाशी अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। तस्वीरें देखिए- अब पढ़िए पूरी खबर… 1. 27 अक्टूबर को 13 सदस्यीय दल ट्रैकिंग पर निकला था- पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के 7 ट्रैकर, उत्तरकाशी के स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा और 5 सपोर्टिंग स्टाफ समेत कुल 13 लोगों का दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था। वापसी के दौरान भोजखड़क और कच्ची ढांग के पास अचानक हिमस्खलन और बर्फबारी हुई। इसकी चपेट में आने से 8 लोग लापता हो गए, जबकि बाकी सदस्य सुरक्षित लौट आए। 2. 30 अक्टूबर को 4 सदस्य सुरक्षित पहुंचे थे गंगोत्री- 30 अक्टूबर को दल के 4 सदस्य (3 नेपाली पोर्टर और कुक रोहन राणा) सुरक्षित गंगोत्री पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को 8 लोगों के लापता होने की जानकारी दी। इसके बाद 31 अक्टूबर से SDRF, NDRF, पुलिस और वन विभाग की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मंगलवार को 2 शव बरामद किए गए थे। वहीं, बुधवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान 3 और शव मिले। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 की तलाश जारी है। 3. लापता लोगों में पश्चिम बंगाल के 5 ट्रैकर शामिल- लापता लोगों में उत्तरकाशी के 25 वर्षीय गाइड सिद्धार्थ राणा, उत्तर प्रदेश की वर्तिका वर्मा (28), दीपिका वर्मा (29) और पश्चिम बंगाल के बांकुरा निवासी तापस बाउरी (30), रतन घोष (23), मनोज खोवास (39), रिंटू मंडल (40) और उदय घोष (30) शामिल हैं। 4. लखनऊ की दो सगी बहनें भी लापता- लापता लोगों में लखनऊ के गायत्रीपुरम निवासी वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा भी शामिल हैं। दोनों बहनों को ट्रेकिंग का शौक था। वे उत्तराखंड और नेपाल के कई दुर्गम ट्रैक पूरे कर चुकी थीं। करीब दो महीने पहले ही दोनों फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की ट्रेकिंग करके लौटी थीं। उनके भाई अतुल वर्मा परिजनों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे हैं। उन्होंने ट्रेकिंग एजेंसी पर घटना की जानकारी समय पर नहीं देने और लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार को दोनों बहनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद है। 5. बंगाल के CM ने केंद्र से मांगी रिपोर्ट- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बांकुरा के पांच युवकों के लापता होने पर चिंता जताई है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार और SDRF से युवकों को जल्द सुरक्षित तलाशने की अपील की है। साथ ही केंद्र सरकार से भी घटना की रिपोर्ट मांगी है। 6. परिजनों ने सेना और एयरफोर्स की मदद मांगी- लापता गाइड सिद्धार्थ राणा के पिता मोहन राणा और अन्य ग्रामीणों ने उत्तरकाशी कलेक्ट्रेट पहुंचकर DM प्रशांत कुमार आर्य से मुलाकात की। उन्होंने खोज अभियान तेज करने की मांग की। परिजनों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना और एयरफोर्स के एडवांस्ड हेलिकॉप्टरों को शामिल करने की मांग भी की है। प्रशासन के मुताबिक, लगातार बर्फबारी और कम विजिबिलिटी के कारण सर्च ऑपरेशन में बाधाएं आ रही हैं। इसके बावजूद NDRF, SDRF, ITBP और अन्य एजेंसियों की टीमें बाकी 3 लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर PM मोदी को पत्र:बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिलने के बाद फिल्म संगठन AICWA ने जताई चिंता
अमिताभ बच्चन रविवार यानी 1 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर जलसा के बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिले। जिसके बाद अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अभिनेता, फिल्ममेकर्स और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की। AICWA ने अमिताभ बच्चन की लंबे समय से चली आ रही रविवार को फैंस से मिलने की परंपरा का भी जिक्र किया। इस दिन फैंस उन्हें देखने के लिए एक्टर के घर जलसा के बाहर जुटते हैं। एसोसिएशन ने पत्र में लिखा, “चार दशक से ज्यादा समय से वह हर रविवार वहां फैंस से मिलते हैं। उन्हें देखने के लिए भारत और विदेशों से लोग आते हैं। 84 साल की उम्र में उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें अपने ही शहर में इस तरह खुद को बचाना पड़ेगा। उनके बेटे अभिषेक बच्चन, जो बहुत कम बाहर आते हैं, अपने पिता की सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़े रहे।” AICWA ने पत्र में लिखा, “लोगों ने बुलेटप्रूफ कारों के बारे में सुना है। इससे पहले किसी सुपरस्टार को अपने घर से बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे उन लोगों से मिलने के लिए निकलते नहीं देखा गया, जो उनसे प्यार करते हैं। यह तस्वीर भारतीय सिनेमा के इतिहास में याद रखी जाएगी और इससे पूरी इंडस्ट्री हिल गई।” फिल्मी हस्तियों पर हमलों का जिक्र प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में AICWA ने कई प्रमुख हस्तियों से जुड़े मामलों का जिक्र किया। इनमें बांद्रा में बाबा सिद्दीकी की हत्या, सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी और सैफ अली खान पर घर में हुआ चाकू से हमला शामिल है। संगठन ने फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी का भी हवाला दिया। पत्र में कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे को निशाना बनाकर हुई गोलीबारी की कई घटनाओं का भी जिक्र है। इसमें हाल ही में जुहू में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना भी शामिल है। AICWA ने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना पर चिंता जताई। संगठन ने कहा कि यह घटना एक व्यस्त इलाके में हुई, जहां कई लोग मौजूद थे। पत्र में लिखा गया, “टाइगर श्रॉफ पर जुहू में बड़ी भीड़ की मौजूदगी में गोली चलाई गई। यह मुंबई के सबसे प्रमुख VIP इलाकों में से एक है। दो लोगों को गोलियां लगीं। टाइगर श्रॉफ का कोई विवाद या किसी से दुश्मनी सामने नहीं आई है।” AICWA ने यह भी कहा कि इन घटनाओं के पीछे रंगदारी एक आम वजह हो सकती है। संगठन के मुताबिक, अपराधी गिरोह बॉलीवुड की लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय पहचान के कारण फिल्मी हस्तियों को निशाना बना रहे हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि मशहूर अभिनेताओं और फिल्ममेकर्स पर हमले डर फैलाने, पहचान बनाने और बड़ी रकम वसूलने के लिए किए जा रहे हैं। पत्र में तुषार कपूर से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपए की मांग करने के लिए धमकियां मिलने की खबरों का भी जिक्र है। AICWA ने अपनी स्थिति बताते हुए लिखा, “इन सभी हमलों का मकसद रंगदारी वसूलना लगता है। गैंगस्टर जानते हैं कि बॉलीवुड सबसे आसान निशाना है और पूरी दुनिया में जाना जाता है। मशहूर फिल्मी हस्तियों पर हमला करके वे अपना नाम बनाना और बड़े स्तर पर पैसे वसूलना चाहते हैं।” मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सवाल AICWA ने फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा के साथ मुंबई की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि अगर बड़े नामों पर ऐसे हमले हो सकते हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा भी चिंता का विषय है। एसोसिएशन ने सिर्फ भरोसा दिलाने के बजाय ठोस सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की। पत्र में कहा गया, “आज मुंबई में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। अगर टाइगर श्रॉफ शहर के बीचोंबीच सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मुंबईकर भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता। 2026 में अंडरवर्ल्ड का वह खौफ, जिसे खत्म माना जा रहा था, मुंबई की सड़कों पर लौट आया है। सिर्फ बातें काफी नहीं हैं। बॉलीवुड को असली और साफ दिखाई देने वाली सुरक्षा चाहिए।” ____________________ यह खबर भी पढ़ें… धमकी के बाद बुलेटप्रूफ केबिन में दिखे अमिताभ बच्चन:संडे दर्शन में जलसा के बाहर सुरक्षा बढ़ी; बम से उड़ाने की धमकी मिली थी बम से उड़ाने की धमकी और घर की रेकी के बाद अमिताभ बच्चन की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बिग बी फैंस से मिलने के लिए बुलेटप्रूफ कांच के केबिन में पहुंचे थे। दरअसल, हाल ही में अमिताभ के बंगले को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। वहीं, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में पता चला कि हमलावरों ने अमिताभ के दोनों घरों जलसा और प्रतीक्षा की रेकी भी की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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