Ola Electric ने देश में डीलर भागीदारों के लिए खोला अपना बिक्री और सेवा नेटवर्क
इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने देशभर में अपने बिक्री और सेवा नेटवर्क को डीलर भागीदारों के लिए खोलने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह कदम उसकी बाजार रणनीति में बड़ा बदलाव है। कंपनी ने पांच साल पहले अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किया था।
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कंपनी ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के परिपक्व होने और उपभोक्ताओं में स्वीकार्यता बढ़ने के साथ वह अब अपनी बिक्री रणनीति में बदलाव कर रही है। आने वाले महीनों में कंपनी के स्टोर ब्रांड और उत्पाद अनुभव केंद्रों के रूप में काम करेंगे, जबकि डीलर भागीदार देशभर में स्थानीय बिक्री, सेवा और विस्तार का मुख्य आधार बनेंगे। ओला इलेक्ट्रिक ने कहा कि यह कदम देशभर के डीलर के साथ एक महीने तक किए गए जमीनी स्तर के संवाद के बाद उठाया गया है।
कंपनी के अनुसार, डीलर ने उसके उत्पाद पोर्टफोलियो और अपने स्थानीय बाजार अनुभव के संयोजन से ओला की बिक्री तथा भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता की गति बढ़ाने में विश्वास जताया है। ओला इलेक्ट्रिक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक भविष अग्रवाल ने कहा, हमारे बाजार में उतरने के तरीके में यह एक बड़ा बदलाव है, जो यह दर्शाता है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमने पहले अपने खुद के स्टोर बनाए क्योंकि ईवी में विश्वास को हर स्टोर और शहर में हासिल करना जरूरी था।
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उन्होंने कहा कि अब इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के परिपक्व होने के साथ कंपनी का लक्ष्य देश के हर हिस्से तक इलेक्ट्रिक वाहन पहुंचाना है और डीलर भागीदार स्थानीय बाजार को बेहतर ढंग से समझते हैं। अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के स्टोर अब ग्राहकों को ब्रांड और उत्पाद का बेहतर अनुभव देने का काम करेंगे, जबकि डीलर भागीदार इस अनुभव को देश के हर कस्बे और मोहल्ले तक पहुंचाएंगे। कंपनी ने कहा कि डीलर भागीदारों को पांच साल में तैयार किए गए मजबूत ब्रांड, 10 लाख से अधिक ग्राहकों वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन आधार से मिलने वाले सेवा अवसर, स्कूटर, मोटरसाइकिल और ऊर्जा उत्पादों सहित विस्तृत पोर्टफोलियो तथा बेहतर लाभ मॉडल का फायदा मिलेगा।
Rammohan Naidu ने अरविंद केजरीवाल के दावे को बताया झूठा, विमान ईंधन में एथनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं
नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि विमान ईंधन (एटीएफ) में एथनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विमानन सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह चिंता पैदा होती है। नायडू ने यह बात दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार एटीएफ में एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है।
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केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘सूत्रों ने संकेत दिया है कि नरेन्द्र मोदी सरकार विमान ईंधन में एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।’’ इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नायडू ने कहा, ‘‘विमान ईंधन में एथनॉल मिलाने की योजना का दावा पूरी तरह झूठा और गैर-जिम्मेदाराना है। ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विमानन सुरक्षा को लेकर गलत सूचना फैलाने से केवल हवाई यात्रियों में अनावश्यक चिंता पैदा होती है।
यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’ मंत्री ने स्पष्ट किया कि एथनॉल और पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन पूरी तरह अलग-अलग हैं और दोनों को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘एसएएफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित विमानन ईंधन है, जिसे अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) ने मान्यता दी है। इसे दुनिया के कई देशों ने अपनाया है।
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यह कड़े परीक्षणों से गुजरता है और वैश्विक सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा है।
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