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North Korea Missile Test | उत्तर कोरिया के नए पैंतरे से दुनिया में हड़कंप! समुद्र में मिसाइल का बड़ा विस्फोट, कोरियाई प्रायद्वीप में गहराता नया संकट

दक्षिण कोरिया ने दावा किया कि उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र दागा। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने बताया कि यह प्रक्षेपास्त्र बुधवार को दागा गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उत्तर कोरिया ने किस प्रकार के हथियार का परीक्षण किया है। हाल के हफ्तों में उत्तर कोरिया ने अपने हथियारों के परीक्षण तेज कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा जताए जाने के बाद, इन परीक्षणों को अमेरिका के साथ संभावित वार्ता में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

1. अज्ञात प्रोजेक्टाइल का प्रक्षेपण और बढ़ता सैन्य तनाव

दक्षिण कोरिया की सेना ने जानकारी दी है कि उत्तर कोरिया ने बुधवार को समुद्र की ओर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (हथियार) दागा। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक, यह लॉन्च देश के पूर्वी तट के पास किया गया। हालांकि, शुरुआती दौर में इस बात की पुष्टि नहीं की गई कि यह किस प्रकार का हथियार था, लेकिन यह प्योंगयांग द्वारा हाल के दिनों में किए जा रहे सैन्य परीक्षणों की लंबी श्रृंखला का ही एक हिस्सा है।

हालिया हफ्तों में उत्तर कोरिया ने हथियारों के परीक्षणों में भारी तेजी दिखाई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन परीक्षणों के जरिए किम जोंग उन प्रशासन अमेरिका के साथ संभावित कूटनीति में अपना प्रभाव बढ़ाना और मजबूत स्थिति में बैठना चाहता है। यह स्थिति तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ कूटनीतिक संबंध फिर से बहाल करने की इच्छा व्यक्त की है।

2. 6 अरब डॉलर की विशाल क्रिप्टोकरेंसी चोरी और 'बाइनेंस' विवाद

यह ताजा सैन्य लॉन्च ऐसे समय में हुआ है, जब इसके ठीक एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज 'बाइनेंस' (Binance) में हुई इतिहास की सबसे बड़ी डिजिटल चोरी में अपना हाथ होने से साफ इनकार किया था।

घटना का दायरा: बाइनेंस ने शुक्रवार को खुलासा किया कि हैकर्स ने प्लेटफॉर्म से 6 अरब डॉलर से अधिक की रकम चुरा ली है। इसे अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी हेराफेरी माना जा रहा है।

एफबीआई (FBI) का दावा: अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने इस भीषण साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरियाई हैकर्स का हाथ होने का दावा किया है। एफबीआई के अनुसार, इस हमले को 'ट्रेडरट्रेटर' (TraderTraitor) नामक कुख्यात हैकिंग ग्रुप ने अंजाम दिया है। यही ग्रुप पिछले साल 'बायबिट' (Bybit) एक्सचेंज से 1.5 अरब डॉलर की हैकिंग के पीछे भी सक्रिय था।

प्योंगयांग की प्रतिक्रिया: उत्तर कोरिया ने इस अमेरिकी दावे को खारिज करते हुए इसे "एक मामूली उकसावे" की कार्रवाई करार दिया।

3. किम यो जोंग का कड़ा बयान और अमेरिका पर हमला

बुधवार को उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की प्रभावशाली और शक्तिशाली बहन किम यो जोंग ने एफबीआई के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एक आक्रामक बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्योंगयांग इसे उत्तर कोरिया के खिलाफ वाशिंगटन की "हमेशा से चली आ रही शत्रुतापूर्ण नीति का ही एक हिस्सा" मानता है।

किम यो जोंग ने दो टूक अंदाज में कहा: "हमारा स्पष्ट रुख यह है कि हमें ऐसे अविश्वसनीय और शत्रुतापूर्ण लोगों के साथ आमने-सामने बैठकर बात करने की कोई जरूरत नहीं है।"

उन्होंने आगे जोड़ा, "शांति के विकल्पों में बातचीत शामिल हो सकती है, लेकिन हमारे लिए इसका मतलब हमेशा राष्ट्रीय हितों से जुड़ा हो, ऐसा जरूरी नहीं है।" उनके इस बयान से यह साफ जाहिर होता है कि फिलहाल अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच किसी भी सार्थक कूटनीतिक बातचीत की गुंजाइश बेहद कम है।

4. आधुनिक हथियारों का खतरनाक प्रदर्शन

उत्तर कोरिया का सैन्य शस्त्रागार लगातार आधुनिक और खतरनाक होता जा रहा है। हालिया हफ्तों में प्योंगयांग द्वारा किए गए परीक्षणों में शामिल हैं:

पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें (SLBM)

अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइलें

घातक अटैक ड्रोन

बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए ले जाए जाने वाले क्लस्टर बम

इसके अलावा, उत्तर कोरिया ने मंगलवार को यह दावा किया कि उसने एक दिन पहले ही रणनीतिक क्रूज मिसाइलों के लिए एक नए 'क्लस्टर वारहेड' का परीक्षण किया है। प्योंगयांग का दावा है कि यह हथियार "अत्यधिक शक्तिशाली क्षमता" के साथ 5 से 6 हेक्टेयर (यानी लगभग 12 से 15 एकड़) के विशाल इलाके को पूरी तरह तबाह करने की ताकत रखता है।

5. सीमा विवाद और प्रोपगैंडा युद्ध की वापसी

सितंबर के महीने में दोनों कोरियाई देशों की सीमा पर हुए बारूदी सुरंग (माइन) विस्फोटों ने द्विपक्षीय संबंधों में बची-खुची कड़वाहट को और गहरा कर दिया है। इन विस्फोटों में तीन दक्षिण कोरियाई सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

सियोल का आरोप: दक्षिण कोरिया ने सीधे तौर पर उत्तर कोरिया पर आरोप लगाया कि उसने सैन्य सीमा रेखा के दक्षिण में जानबूझकर बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, और इसके लिए सियोल ने प्योंगयांग से सार्वजनिक माफी की मांग की।

उत्तर कोरिया का रुख: प्योंगयांग ने इन विस्फोटों की जिम्मेदारी लेने से पूरी तरह इनकार कर दिया है और चेतावनी दी है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार से उकसाया गया, तो वे इसका कड़ा और विनाशकारी जवाब देंगे।

तनाव को और बढ़ाने वाले कदम के तहत, उत्तर कोरिया ने बाद में यह धमकी भी दी कि वह सीमा पर लाउडस्पीकर के जरिए मनोवैज्ञानिक प्रचार (प्रोपगैंडा) का दौर फिर से शुरू करेगा और सीमावर्ती इलाकों में नए अत्याधुनिक हथियार तैनात करेगा।

निष्कर्ष

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में अब तक की सबसे बड़ी चोरी के आरोपों से लेकर अत्याधुनिक मिसाइल परीक्षणों तक, उत्तर कोरिया का यह आक्रामक रवैया अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। एक तरफ जहां अमेरिका के साथ कूटनीतिक रास्ते खोलने की संभावनाओं पर चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि कोरियाई प्रायद्वीप एक बार फिर शीत युद्ध के दौर जैसी अविश्वास और टकराव की स्थिति की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

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Explainer: सीनियर होने के बावजूद मोहम्मद सिराज को क्यों नहीं मिला रहा है प्लेइंग-11 में मौका, जानिए इसकी वजह

Mohammed Siraj : इंंडियन क्रिकेट में कॉम्पटिशन काफी ज्यादा हो गया है. अभी एक स्थान के लिए कम से कम चार से पांच खिलाड़ी लाइन में बैठे हुए हैं. टीम इंडिया का कोई भी खिलाड़ी बस गलती कर दे, उसको रिप्लेस करने के तमाम खिलाड़ियों की लाइन लग जाती है. आईपीएल ने भारत को एक से बढ़कर एक खिलाड़ी दिए हैं. लेकिन टीम के कई सीनियर खिलाड़ी हैं, जिनमें मोहम्मद सिराज का नाम भी आता है. सिराज ने भारत के लिए साल 2017 में भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था. तब से वो लगातार टीम इंडिया के साथ बने रहे हैं. उन्होंने भारत के टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट खेले हैं. 

इस समय मोहम्मद सिराज भारतीय क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे पर हैं, जहां वो वनडे टीम का हिस्सा हैं. न्यूजीलैंड के ऑकलैंड के ईडन पार्क में आज यानी 4 अक्टूबर (बुधवार) को शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया मिचेल सेंटरन की कप्तानी वाली न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के साथ पहला वनडे मैच खेल रही है. इस मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. इस मुकाबले में अभी न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है.

 पहले वनडे से मोहम्मद सिराज को किया बाहर

शुभमन गिल ने टॉस जीतकर जब गेंदबाजी चुनी तो उन्होंने अपनी प्लेइंग-11 से मोहम्मद सिराज को बाहर रखा और उनसे ऊपर अंशुल कंबोज की तरजीह दी, जो कि इंडियन क्रिकेट फैंस और सिराज के फैंस के लिए एक निराश कर देने वाली खबर थी. इस मैच से मोहम्मद सिराज का बाहर होना सवाल उठाता है कि, इंडियन क्रिकेट टीम के सीनियर तेज गेंदबाज होने के नाते आखिर मोहम्मद सिराज को बाहर क्यों किया जा रहा है. उन्हें अक्सर प्लेइंग-11 से बाहर ही क्यों बैठना पड़ा रहा है, जबकि उनके पास अनुभव हैं. 

ये पहली बार नहीं है, जब मोहम्म्द सिराज प्लेइंग-11 से बाहर कर नए और युवा तेज गेंदबाज को मौका दिया गया है. इससे पहले भारत और वेस्टइंडीज के बीच सितंबर से अक्टूबर के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी मोहम्मद सिराज को पहले दो मुकाबले से बाहर रखा और अंतिम वनडे में उनको मौका मिला. ऐसे में सवाल उठता है कि, वनडे वर्ल्ड कप 2027 काफी करीब है. यहां से आपको अपने अनुभवी और उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए, जिनको आप वनडे वर्ल्ड कप में खिलाने वाले हैं. ऐसे में सिराज को बार-बार प्लेइंग-11 से बाहर करना और नए खिलाड़ियों को मौका देने की वजह क्या है. आइए जानते हैं. 

क्या थी सिराज को पहले वनडे से बाहर करने की वजह

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा पहले वनडे मैच से मोहम्मद सिराज के बाहर होने की वजह इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेला गया दूसरा अनऑफिशियल टेस्ट मैच है. इस मैच में सिराज ने हिस्सा लिया था, ये मुकाबला 3 नवंबर को खत्म हुआ और इसके बाद सिराज टीम इंडिया से जुड़े तो, उनको रेस्ट नहीं मिल पाना और ट्रेविलिंग करने की वजह से शायद पहले वनडे मैच से बाहर रखा गया होगा. लेकिन क्या ये उन्हें प्लेइंग-11 से बाहर करने की असली वजह होगी, अगर आपके मन में भी सवाल है कि, नहीं है. तो आज हम आपको कुछ ऐसी वजहों के बारे में बताने वाले है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी कि, सीनियर तेज गेंदबाज होने के बावजूद भी मोहम्मद सिराज को अक्सर प्लेइंग-11 से बाहर क्यों रखा जाता है.

वनडे क्रिकेट में सिराज के निराशाजनक आंकड़े

मोहम्मद सिराज को रेड बॉल का अच्छा गेंदबाज माना जाता है. उनको व्हाइट बॉल क्रिकेट का उतना अच्छा गेंदबाज नहीं माना जाता है. मोहम्मद सिराज ने वनडे क्रिकेट में 51 मैच खेले हैं. इस दौरान 50 मैचों में उन्होंने 77 विकेट निकाले हैं. इस दौरान उनका इकोनमी 5.16 और औसत 25.7 का रहा है. सिराज ने 17 टी20 में टीम इंडिया के लिए सिर्फ 17 विकेट हासिल किए हैं. वहीं सिराज ने 48 टेस्ट मैचों की 90 पारियों में 144 विकेट निकाले हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 29.6 का और इकोनमी 3.48 का रहा है.  

सिराज से पहले अन्य प्लेयर्स को प्राथमिकता

बीसीसीआई और चयनकर्ता वनडे क्रिकेट में मोहम्मद सिराज से पहले अन्य खिलाड़ियों को प्रथामिकता दे रहे हैं. इसलिए सिराज को प्लेइंग-11 से ज्यादातर समय बाहर रखा जाता है. वनडे में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, दाएं हाथ के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अंशुल कंबोज, आकिब नबी जैसे गेंदबाजों को मौका देने के चलते सिराज को मौका नहीं मिल पा रहा है. 

मौका नहीं देने की वर्कलोड मैनेजमेंट वजह

मोहम्मद सिराज भारत के लिए लगातार लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं. वो टेस्ट और वनडे क्रिकेट रोहित शर्मा की कप्तानी तक लगातार खेल रहे थे. जब से गिल आए उन्होंने गंभीर के साथ मिलकर नए गेंदबाजों को मौका दिया. सिराज को बाहर करने पर चयनकर्ता, बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट ने कहा कि वो, उनका वर्कलोड मैनेज करना चाहते हैं. ताकि आगामी टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें पूरी तरह फिट रखा जा सके.

टीम कॉम्बिनेशन में फिट बैठाना चुनौती

भारतीय क्रिकेट टीम को वनडे में ऐसे गेंदबाजों की जरूरत होती है, जो पावरप्ले, मिडिल ओवर्स और डेथ ओवर्स में प्रभाव छोड़ सकें. अर्शदीप की बाएं हाथ की गेंदबाजी और दूसरे गेंदबाजों के विकल्पों को देखते हुए सिराज को प्लेइंग-11 में फिट करना टीम मैनेजमेंट के लिए चयन का सवाल बन सकता है. ऐसे में अक्सर कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर सिराज को प्लेइंग-11 से बाहर करने का फैसला लेते हैं.

ये भी पढ़ें : IND VS NZ Toss Update: शुभमन गिल ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, 4 तेज गेंदबाजों के साथ उतरा भारत, ऐसी है दोनों टीमों की प्लेइंग-11

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