Responsive Scrollable Menu

ये प्लेयर रहा T20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का साइलेंट मैच विनर! टीम इंडिया के लिए साबित हुआ 'ट्रंप कॉर्ड'

T20 World Cup 2026: टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर नया इतिहास बना दिया है. भारतीय टीम 3 बार टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई है. इतना ही नहीं भारत ने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को डिफेंड भी किया. इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में कोई टीम लगातार 2 बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत पाई है. टीम इंडिया के जीत में संजू सैमसन की भूमिका अहम रही, जिसकी खुब चर्चा भी हुई, लेकिन शिवम दुबे भी टीम इंडिया के लिए एक मैच विनर प्लेयर साबित हुए हैं. 

टीम इंडिया की जीत में शिवम दुबे की भी रही अहम भूमिका

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शिवम दुबे बल्ले और गेंद दोनों से टीम इंडिया के लिए अहम योगदान दिया. उन्होंने हर मैच में एक अच्छे फिनिशर की भूमिका निभाई. आखिरी के ओवरों में आकर शिवम दुबे ने विस्फोटक पारी खेली और टीम के स्कोर को बड़ा बनाया. इस टूर्नामेंट के सभी 9 मैचों में शिवम दुबे को टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में मौका मिला. दुबे ने इस मौके को अच्छे भुनाया और टीम के लिए अहम योगदान दिया. 

शिवम दुबे ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 9 मैचों की 8 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 235 रन बनाए. इस दौरान एक अर्धशतक लगाया. इसके अलावा दुबे ने कई पारियों में 300 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की. इस पूरे टूर्नामेंट में शिवम दुबे ने 39.16 की औसत और 169.06 की शानदार स्ट्राइट रेट से बल्लेबाजी की. 

शिवम दुबे ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में खेली 43 रनों की पारी

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड के खिलाफ शिवम दुबे ने 25 गेंदों पर 43 रनों की पारी खेली थी, जिसमें 1 चौका और 4 छक्का शामिल था. उनके इस पारी के दम पर टीम इंडिया ने 7 विकेट पर 253 रनों का स्कोर खड़ा किया था. न्यूजीलैंड इस मैच में सिर्फ 7 रन से हारी थी. ऐसे में शिवम दुबे की ये पारी टीम इंडिया के लिए अहम साबित हुई. 

फाइनल में शिवम दुबे ने खेली 8 गेंदों पर नाबाद 26 रनों की पारी

वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच में शिवम दुबे ने सिर्फ 8 गंदों पर 26 रनों की नाबाद तूफानी पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 3 चौका और 2 छक्का निकला. उनकी इस पारी के दम पर टीम इंडिया ने 5 विकेट पर 255 रनों का स्कोर विशाल स्कोर खड़ा किया. जो न्यूजीलैंड के लिए चेज करना आसान नहीं था और टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत मिली. दुबे की इन दोनों पारियों ने मैच का रुख पलट दिया था. 

यह भी पढ़ें:  4 भारतीय खिलाड़ियों ने बनाई ICC की टीम ऑफ द टूर्नामेंट में जगह, जानिए कौन-कौन है शामिल

T20 वर्ल्ड कप 2026 में शिवम दुबे ने गेंद से भी किया कमाल

इतना नहीं शिवम दुबे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गेंद से भी कमाल किया. कई मौके पर उन्होंने टीम इंडिया के लिए अहम विकेट निकाला. शिवम दुबे ने इस टूर्नामेंट में कुल 5 विकेट भी अपने नाम किए.  कुल 5 विकेट भी अपने नाम किए. 

यह भी पढ़ें:  ये हैं 2 बार T20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनने वाले 10 भारतीय खिलाड़ी, इस बार स्क्वाड में शामिल थे 9 प्लेयर्स

Continue reading on the app

मजबूत मानसिक स्वास्थ्य ढांचा और उन्नत उपचार पर पोस्ट-बजट वेबिनार 2026 में हुई चर्चा

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। सबका साथ, सबका विकास– जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति थीम पर आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार श्रृंखला के तहत एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में केंद्रीय बजट के पैरा 87 में की गई घोषणा पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य एनआईएमएएनएचएस-2 की स्थापना और देश के प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को उन्नत बनाकर मानसिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना है।

इस बैठक में देश के प्रमुख मेडिकल संस्थानों के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ, शोधकर्ता और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने मिलकर उन्नत न्यूरो-मनोचिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने और भारत की मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की रणनीतियों पर चर्चा की।

चर्चा के दौरान बताया गया कि भारत में मानसिक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है और बढ़ती स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए संस्थागत क्षमता बढ़ाना जरूरी है। यह भी बताया गया कि हर सात में से एक भारतीय किसी न किसी मानसिक समस्या से प्रभावित है, जबकि कई राज्यों में इलाज की कमी 70 से 90 प्रतिशत तक है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि देश में होने वाली 60 प्रतिशत से अधिक मौतें गैर-संचारी रोगों के कारण होती हैं और मानसिक व न्यूरोलॉजिकल बीमारियां विकलांगता के प्रमुख कारणों में शामिल हैं, इसलिए बड़े मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करना और विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार करना स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रमुख प्राथमिकता माना गया।

सत्र में यह भी बताया गया कि उत्तर भारत में उन्नत न्यूरो-मनोचिकित्सा सेवाओं की कमी है, खासकर उन्नत न्यूरोइमेजिंग, न्यूरो क्रिटिकल केयर और विशेष न्यूरोलॉजिकल उपचार जैसी सुविधाओं में। विशेषज्ञों का मानना है कि एनआईएमएएनएचएस-2 की स्थापना और मौजूदा मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण से उन्नत इलाज, प्रशिक्षण, शोध और न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में नवाचार को काफी बढ़ावा मिलेगा।

पैनल के विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए समग्र और बहु-स्तरीय रणनीति अपनाने की जरूरत है। इसमें बेहतर क्रिटिकल केयर सेवाएं, प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना, शोध और नवाचार को बढ़ावा देना, समुदाय तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और संस्थागत ढांचे का विस्तार शामिल होना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों सहित दूरदराज और कम सुविधाओं वाले क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचा, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की तैनाती के जरिए सेवाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म के साथ हब-एंड-स्पोक मॉडल अपनाना जरूरी है। इस मॉडल के तहत बड़े और उन्नत अस्पताल (हब) जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को तकनीकी मार्गदर्शन, विशेषज्ञ परामर्श और क्लिनिकल सहायता दे सकेंगे। इससे रेफरल प्रणाली मजबूत होगी और दूरदराज तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।

पैनलिस्टों ने यह भी जोर दिया कि टेली-मानस सेवाओं को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (एनआईएमएएनएचएस) के मौजूदा और नए कैंपस से जोड़ा जाए, ताकि पूरे देश में एक मजबूत टेली-मेंटल हेल्थ नेटवर्क बनाया जा सके। इससे लोगों को समय पर काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहायता और विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी। साथ ही विशेषज्ञों ने डिजिटल फॉलो-अप सिस्टम और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया। यह व्यवस्था आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और आभा आईडी के तहत बनाई जा सकती है, जिससे मरीजों के इलाज की निरंतरता बनी रहे, उनकी बेहतर निगरानी हो सके और उपचार के परिणाम बेहतर हों।

बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नेशनल ब्रेन-माइंड क्लाउड नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। इस नेटवर्क के जरिए एम्स, राज्य के मेडिकल कॉलेजों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा सकेगा। इससे पूरे देश में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध होंगे, एआई आधारित स्क्रीनिंग टूल्स का उपयोग हो सकेगा और डॉक्टरों को डेटा के आधार पर बेहतर इलाज के फैसले लेने में मदद मिलेगी। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर टेली-न्यूरो-मनोचिकित्सा केंद्र बनाए जा सकेंगे, जिससे बीमारियों की जल्दी पहचान, समय पर इलाज और बेहतर समन्वित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

पैनल चर्चा में मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में संस्थागत ढांचे को मजबूत करने, विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने और शोध सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई संभावित परिणामों पर भी बात की गई।

चर्चा में यह भी कहा गया कि जिला स्तर से बड़े संस्थानों तक एक व्यवस्थित रेफरल प्रणाली बनाई जानी चाहिए, जिससे जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को शीर्ष संस्थानों से जोड़ा जा सके।

इसके अलावा लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेन्टल हेल्थ और सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ साइकाइट्री, रांची को क्षेत्रीय स्तर के शीर्ष मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इससे देश के अलग-अलग क्षेत्रों में उन्नत इलाज, शिक्षा और शोध की सुविधाएं मजबूत होंगी।

बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि स्ट्रोक, आत्महत्या, न्यूरोट्रॉमा और गंभीर मानसिक बीमारियों से संबंधित राष्ट्रीय रजिस्ट्रियां बनाई जाएं और एक समन्वित राष्ट्रीय शोध नेटवर्क तैयार किया जाए। इससे साक्ष्यों के आधार पर बेहतर नीतियां बनाने, बड़े स्तर पर शोध करने और विभिन्न शोध संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।

चर्चा के दौरान एक दीर्घकालिक योजना (रोडमैप) भी सामने रखी गई, जिसका उद्देश्य भारत के तीन प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के मॉडल को दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए प्रशिक्षण, शोध और क्षमता निर्माण का क्षेत्रीय उत्कृष्ट केंद्र बनाना है। यह योजना विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के अनुरूप होगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

क्यों 140 करोड़ फैंस आंख मूंदकर करते हैं भरोसा, कैसे हारी हुआ बाजी को पलभर में पलट देते हैं जसप्रीत बुमराह?

भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी मात दी. खिताबी मुकाबले में जसप्रीत बुमराह अपने शानदार प्रदर्शन से छाए रहे. उन्होंने 4 ओवर के स्पेल में सिर्फ 15 रन देकर 4 बड़े विकेट चटकाए. बुमराह ने मिचेल सैंटनर और रचिन रविंद्र जैसे खतरनाक बल्लेबाजों को आउट किया. इसके अलावा जेम्स नीशम और मैट हेनरी भी बुमराह का बड़ा शिकार बने. बुमराह टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में 4 विकेट लेने वाले महज तीसरे बॉलर बने. Tue, 10 Mar 2026 02:25:26 +0530

  Videos
See all

Viral Video: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में हंगामा #BankeBihariTempleScuffle #vrindavan #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-09T21:30:06+00:00

Iran America War Update: 3 बजते ही ईरान के परमाणु ठिकानों पर US ने बरसाए बम? | Trump | Netanyahu #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-09T21:30:08+00:00

Surat Viral Video: कलयुगी बेटे की क्रूरता, मां पर बरसी मार #shortvideo #viralvideo #ShockingIncident #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-09T22:00:41+00:00

Nishant joins JDU :CM पद को लेकर नीतीश का बड़ा फैसला! Bihar New CM Face Update | BJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-03-09T22:00:10+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers