T20 World Cup: ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंची टीम, TMC को क्यों तकलीफ! | T20 World Cup | TMC | Mamata
T20 World Cup: ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंची टीम, TMC को क्यों तकलीफ! | T20 World Cup | TMC | Mamata T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद ट्रॉफी के साथ हनुमान मंदिर जाने पर टीएमसी (TMC) ने धर्म और खेल के मेल पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का तर्क है कि यह धर्मनिरपेक्षता (secularism) के खिलाफ है और पूछा है कि क्या ऐसी जीतें किसी अन्य धार्मिक स्थल पर भी ले जाई जाती हैं। #t20worldcupfinal #t20worldcup2026 #teamindia #hanumanmandir #gautamgambhir #suryakumaryadav #jayshah #tmc #mamtabanerjee ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदेगा इंडोनेशिया:$200 मिलियन से $350 मिलियन की डील पर बातचीत जारी; इससे पहले फिलीपींस ने खरीदी थी
इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के लिए भारत के साथ एक एग्रीमेंट किया है। इंडोनेशिया डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन रिको रिकार्डो सिरैत ने सोमवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को ये जानकारी दी। भारत और रूस की को-ओनरशिप वाली कंपनी ब्रह्मोस ने रॉयटर्स को बताया कि वह जकार्ता के साथ $200 मिलियन से $350 मिलियन की डील पर एडवांस्ड बातचीत कर रही है। रिको ने कहा कि यह एग्रीमेंट मिलिट्री हार्डवेयर और डिफेंस कैपेबिलिटीज़ के मॉडर्नाइजेशन का हिस्सा है। इससे पहले फिलीपींस ने भी ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदा था। 19 अप्रैल 2024: भारत ने फिलीपींस को भेजी थी ब्रह्मोस मिसालइ की पहली खेप, 3130 करोड़ में डील भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की पहली खेप 19 अप्रैल 2024 को सौंपी थी। ब्रह्मोस पाने वाला फिलीपींस पहला बाहरी देश है। भारत ने जनवरी 2022 में फिलीपींस से ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री के लिए 375 मिलियन डॉलर (3130 करोड़ रुपए) की डील की थी। इंडियन एयरफोर्स ने C-17 ग्लोब मास्टर विमान के जरिए इन मिसाइलों को फिलीपींस मरीन कॉर्प्स को सौंपा। इन मिसाइलों की स्पीड 2.8 मैक और मारक क्षमता 290 किमी है। एक मैक ध्वनि की गति 332 मीटर प्रति सेकेंड होती है। फिलीपींस को उस समय मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी मिली है, जब उसके और चीन के बीच साउथ चाइना सी में तनाव बढ़ा हुआ है। फिलीपींस ब्रह्मोस के 3 मिसाइल सिस्टम को तटीय इलाकों (साउथ चाइना सी) में तैनात करेगा, ताकि चीन के खतरे से निपटा जा सके। ब्रह्मोस के हर एक सिस्टम में दो मिसाइल लॉन्चर, एक रडार और एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर होता है। इसके जरिए सबमरीन, शिप, एयक्राफ्ट से दो ब्रह्मोस मिसाइलें 10 सेकेंड के अंदर दुश्मन पर दागी जा सकती है। इसके अलावा भारत फिलीपींस को मिसाइल ऑपरेट करने की भी ट्रेनिंग देगा। पूरी खबर पढ़ें… कैसे नाम पड़ा ब्रह्मोस? ब्रह्मोस को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के फेडरल स्टेट यूनिटरी इंटरप्राइज NPOM के बीच साझा समझौते के तहत विकसित किया गया है। ब्रह्मोस एक मध्यम श्रेणी की स्टील्थ रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इस मिसाइल को जहाज, पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट या फिर धरती से लॉन्च किया जा सकता है। रक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ब्रह्मोस का नाम भगवान ब्रह्मा के ताकतवर शस्त्र ब्रह्मास्त्र के नाम पर दिया गया। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि इस मिसाइल का नाम दो नदियों भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि ये एंटी-शिप क्रूज मिसाइल के रूप में दुनिया में सबसे तेज है। ब्रह्मोस पर एक नजर ------------- ये खबर भी पढ़ें… भारत बना रहा बेबी ब्रह्मोस, 20 गुना कम कीमत:भविष्य की जंग की तैयारी, सुरक्षा का नया फॉर्मूला रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों ने साफ कर दिया है कि भविष्य की जंग अब महीनों और सालों खिंचेगी। इस हकीकत को देख भारत भी तैयारी में जुट गया है। हाल ही में पिनाका रॉकेट सिस्टम के ‘हवाई संस्करण’ के परीक्षण को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। दरअसल, ब्रह्मोस जैसी अचूक सटीकता और मारक क्षमता के कारण इसे ‘बेबी ब्रह्मोस’ भी कहा जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
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