Kal Ka Mausam: दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश से मचेगी तबाही! IMD ने जारी किया अलर्ट
Kal Ka Mausam: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई राज्यों में भारी तबाही मचा रहा है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, असम, केरल और गुजरात में भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई. भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने असम और केरल में 100 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है, जबकि 1.25 लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं. इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर से देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की मानें तो भारी बारिश का ये दौर सोमवार यानी 10 अगस्त तक जारी रहेगा. इस दौरान भारी बारिश के साथ-साथ कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान से भी भारी तबाही मच सकती है.
इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान
भारत मौसम विभाग विभाग (IMD) के मुताबिक, कल यानी शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, यूपी- बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, असम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के अधिकांश राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमान है. जिसके लिए मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर ऑरेंज तो अधिकांश इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.
दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम का हाल?
दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है. इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर से राजधानी दिल्ली के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली के सभी जिलों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.
जम्मू-कश्मीर-हिमाचल के इन जिलों में होगी भारी बारिश
मौसम विभाग की मानें तो कल यानी शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, डोडा, उधमपुरनगर, कठुआ, सांबा, जम्मू, मीरपुर, राजौरी और पुंछ जिलों में भारी बारिश का अनुमान है. जिसके लिए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा हिमाचल के कांगड़ा, बिलासपुर में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
उत्तराखंड के 12 जिलों में तबाही मचाएगी बारिश!
इसके साथ ही आईएमडी ने उत्तराखंड के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार यानी 7 अगस्त को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी बारिश का अनुमान है. जिसके लिए विभाग ने इन सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.
यूपी-हरियाणा के इन जिलों में होगी भारी बारिश का अनुमान
वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में हल्की बारिश का अनुमान है. जबकि हरियाणा के यमुनानगर, सोनीपत, झज्जर, भिवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी में भी भारी बारिश का अनुमान है. इन सभी जिलों के लिए भी मौसम विभाग ने कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.
लोकसभा में 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज अमेंडमेंट बिल' पास, ग्लोबल ट्रेड व सप्लाई चेन की दिक्कतों को ऐसे करेगा दूर
लोकसभा ने गुरुवार को 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026' को जारी कर दिया गया है. इस बिल का उद्देश्य पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट, 2007, इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 और फाइनेंस एक्ट, 2026 में बदलाव करना है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश किए गए इस बिल को बिना किसी चर्चा के ध्वनि मत से पास कर दिया गया. इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया. इस बिल में निवेश को बढ़ावा देने, मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करने और टैक्स से जुड़ी निश्चितता प्रदान करने को लेकर कई टैक्स बदलावों का प्रस्ताव सामने आया है. यह इनकम-टैक्स (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026 की जगह लेगा.
टैक्स से जुड़ी निश्चितता भी मिलेगी
यह बिल बदलते जियो-पॉलिटिकल हालात और ग्लोबल ट्रेड व सप्लाई चेन आ रही समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था. सरकार के अनुसार, इन बदलावों का लक्ष्य बाहरी आर्थिक झटकों को कम करना, घरेलू आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और मौजूदा ग्लोबल हालात से प्रभावित सेक्टर के सहायता देना है. इसके साथ ही, इससे 'ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस' (कारोबार करने में आसानी) और टैक्स से जुड़ी निश्चितता भी मिलेगी.
बिल में टैक्स से जुड़े अहम प्रस्ताव तय किए गए हैं. इसमें एक है योग्य ऑफ़शोर इन्वेस्टमेंट फंड और योग्य फंड मैनेजरों से जुड़ी शर्तों को तर्कसंगत बनाना. बिल का मकसद भारत में फंड मैनेजमेंट गतिविधियों को बढ़ावा देना और ग्लोबल निवेशकों को टैक्स से जुड़ी अधिक निश्चितता देना है. इसके लिए, मुख्य सुरक्षा उपायों को बनाए रखते हुए अनुपालन (compliance) की शर्तों को कम करके इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के ढांचे को आसान बनाने का प्रस्ताव है.
टैक्स छूट को बढ़ाना भी है
इस बिल में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए टैक्स इंसेंटिव (टैक्स में छूट या प्रोत्साहन) को बढ़ाने का प्रस्ताव है. इसका लक्ष्य उन विदेशी कंपनियों को मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाना भी है. खास इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए भारतीय कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को कैपिटल गुड्स, इक्विपमेंट या टूलिंग सप्लाई भी करती है.
इलेक्ट्रॉनिक सामानों की परिभाषा का दायरा बढ़ाया
यह छूट पहले 2030-31 में खत्म होने वाली थी. मगर अब इसे 31 मार्च, 2041 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही इसमें खास इलेक्ट्रॉनिक सामानों की परिभाषा का दायरा बढ़ाया जाएगा. इससे लैपटॉप, टैबलेट, सर्वर, हियरेबल्स, वियरेबल्स और उनसे जुड़े एक्सेसरीज जैसे प्रोडक्ट्स को शामिल किया जा जाएगा.
कैपिटल गेन्स पर टैक्स छूट का प्रस्ताव
इस बिल में एक और अहम प्रस्ताव सरकारी सिक्योरिटीज में विदेशी निवेशकों को लेकर नई टैक्स छूट देना है. बिल में विदेश संस्थागत निवेशकों (FIIs) और 'बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स' को लेकर सरकारी सिक्योरिटीज की बिक्री, एक्सचेंज या ट्रांसफर से होने वाले ब्याज आय और कैपिटल गेन्स पर टैक्स छूट का प्रस्ताव है. चाहे वे तय रिपोर्टिंग नियमों का पालन करें.
2041 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव
ग्लोबल डायमंड ट्रेड में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए, बिल में योग्य विदेशी डायमंड माइनिंग कंपनियों, साइट होल्डर्स, ब्रोकर्स, एग्रीगेटर्स और नीलामी करने वाली संस्थाओं को 31 मार्च, 2041 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव है. यह छूट नोटिफाइड स्पेशल जोन के माध्य से कच्चे हीरों (रफ़ डायमंड्स) की बिक्री से होने वाली आय पर मिलेगी. बिजनेस ट्रस्ट के केस में, बिल एक मौजूदा पाबंदी को हटाने का प्रस्ताव करता है. इस पाबंदी के तहत यूनिट होल्डर्स को मिलने वाले डिविडेंड पर टैक्स छूट नहीं मिलती थी, अगर स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) ने नई टैक्स व्यवस्था को चुना हो.
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