कोच्चि बंदरगाह पर ईरानी युद्धपोत के डॉकिंग के लिए ईरान ने भारत का किया धन्यवाद : एस जयशंकर
नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस लवन को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी। इसे लेकर ईरान ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया है। ईरान ने भारत के इस कदम को मानवीय बताया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान इसकी जानकारी दी।
पश्चिम एशिया संघर्ष में बदलते हालात पर राज्यसभा में जयशंकर ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान के साथ उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखना मुश्किल रहा है, हालांकि मौजूद चैनलों के जरिए डिप्लोमैटिक बातचीत जारी है।
विदेश मंत्री ने कहा, “हालांकि कोशिशें की गई हैं, लेकिन इस समय नेतृत्व के स्तर पर ईरान के साथ संपर्क करना साफ तौर पर मुश्किल है। हालांकि, मैंने 20 फरवरी, 2026 और 5 मार्च, 2026 को विदेश मंत्री अराघची से बात की है। हम आने वाले दिनों में ये उच्च स्तरीय बातचीत जारी रखेंगे।”
इस दौरान उन्होंने कोच्चि में अभी डॉक किए गए ईरानी नेवी के जहाज का भी जिक्र किया। विदेश मंत्री ने उन हालातों के बारे में बताया जिनके तहत भारत ने जहाज को भारतीय पोर्ट में आने की इजाजत दी थी।
बता दें, यह तब हुआ जब श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना के डूबने की घटना घटी। लगभग उसी समय, एक और ईरानी नौसेना का जहाज इस इलाके में काम करते समय तकनीकी दिक्कतों का सामना करने के बाद मदद मांगने के लिए भारत से संपर्क कर चुका था।
ईएएम जयशंकर ने कहा, “ईरानी पक्ष ने 20 फरवरी, 2026 को इस इलाके के तीन जहाजों को हमारे पोर्ट पर डॉक करने की इजाजत मांगी थी। यह 1 मार्च, 2026 को मिल गई। आईआरआईएस लवन असल में 4 मार्च, 2026 को कोच्चि में डॉक हुआ। क्रू अभी भारतीय नौसेना फैसिलिटी में है। हमारा मानना है कि यह करना सही है। ईरानी विदेश मंत्री ने इस इंसानियत भरे काम के लिए हमारे देश का शुक्रिया अदा किया है।”
विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रही अस्थिरता के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं पर भी बात की और कहा कि हालात को मैनेज करते हुए, सरकार ने भारतीय कंज्यूमर्स के हितों को “सबसे जरूरी प्राथमिकता” के तौर पर रखा है।
उन्होंने कहा, “सबसे पहले, भारत शांति के पक्ष में है और बातचीत और डिप्लोमेसी पर लौटने की अपील करता है। हम तनाव कम करने, संयम बरतने और आम लोगों की सुरक्षा पक्का करने की वकालत करते हैं। दूसरी बात, इस इलाके में भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम इस दिशा में इलाके की सरकारों के साथ काम करते रहेंगे।”
राज्यसभा में अपने संबोधन के आखिर में ईएएम जयशंकर ने कहा, “आखिर में, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार सहित हमारा राष्ट्रीय हित हमेशा सबसे ऊपर रहेगा।”
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान: क्वेटा में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के एक कर्मचारी की गोली मारकर हत्या
क्वेटा, 9 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) में कार्यरत एक वरिष्ठ अफसर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्थानीय मीडिया ने बताया कि किल्ली इस्माइल इलाके की ये घटना है।
पाकिस्तान के जाने-माने अखबार डॉन ने पुलिस के हवाले से बताया कि इंस्पेक्टर मेथा खान हाल ही में सीटीडी का हिस्सा बने थे। उन्हें रविवार को हथियारबंद लोगों ने गोली मार दी। उस वक्त वो किल्ली इस्माइल इलाके से गुजर रहे थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार हथियारबंदों ने सीटीडी अधिकारी पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी ने आगे कहा कि घटना के बाद बंदूकधारी मौके से भाग गए। पुलिस ने इलाके को घेर लिया और हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
सेना या पुलिस से जुड़े कर्मियों और अफसरों की हत्या का ये मामला नया नहीं है। 4 मार्च को भी स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया था कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बाजौर जिले के वारा मामोंड तहसील में बदन पुलिस पोस्ट पर अज्ञात हमलावरों के स्नाइपर हमले में एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई), दौलत खान की मौत हो गई थी।
इससे पहले 26 फरवरी को, बाजौर में खार तहसील के नवा कलाय इलाके में अबाबील पुलिस पेट्रोल पर अनजान लोगों के हमले में चार पुलिसवाले मारे गए थे और दो घायल हो गए थे। 14 फरवरी को, वारा मामोंड पुलिस स्टेशन पर अनजान हथियारबंद लोगों के फायरिंग करने पर एडिशनल स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) गुल मनो दीन मारे गए।
इस बीच, इस्लामाबाद के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट से पता चला है कि फरवरी में सेना या पुलिस महकमे से जुड़े लोगों की मौत में इजाफा हुआ है। इसमें 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस दौर में आत्मघाती हमले भी बढ़े हैं।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) की एक रिपोर्ट से पता चला है कि फरवरी में 470 लोग मारे गए, वहीं 333 घायल हो गए। मरने वालों में 96 आम लोग, 80 सिक्योरिटी फोर्स के जवान और 294 मिलिटेंट शामिल रहे। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों में 259 आम लोग, 50 सिक्योरिटी फोर्स के जवान और 24 मिलिटेंट शामिल हैं।
यह आंकड़ा दिखाता है कि जनवरी की तुलना में सिक्योरिटी फोर्स के जवानों में 74 फीसदी, आम लोगों में 32 फीसदी और मिलिटेंट्स की मौत में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
फरवरी में खैबर पख्तूनख्वा में 53 सिक्योरिटी फोर्स के जवान और छह आम लोग मारे गए, जबकि 35 सिक्योरिटी फोर्स के जवान और 48 आम लोग घायल हुए। खैबर पख्तूनख्वा में तीन सुसाइड बॉम्बिंग की घटनाएं हुईं, जिसमें 14 सिक्योरिटी फोर्स के जवानों समेत 17 लोगों की जान चली गई और 20 लोग घायल हुए।
इस्लामाबाद में एक सुसाइड बॉम्बिंग की घटना में 34 लोग मारे गए और 165 अन्य घायल हुए। इसके अलावा, डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में एक सुसाइड बॉम्बिंग में दो पुलिस वाले मारे गए और चार अन्य घायल हो गए। इस साल जनवरी और फरवरी में रिपोर्ट किए गए आठ सुसाइड अटैक 2025 के कुल का लगभग आधा है, जब ऐसी 17 घटनाएं रिपोर्ट की गई थीं।
--आईएएनएस
केआर/
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