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रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार 92.33 पर आया:मिडिल-ईस्ट युद्ध और कच्चा तेल महंगा होने से डॉलर मजबूत, विदेशी सामान महंगे होंगे

भारतीय रुपया आज 9 मार्च को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे गिरकर 92.33 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी और डॉलर के मजबूत होने की वजह से रुपए में यह बड़ी गिरावट आई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक युद्ध शांत नहीं होता, रुपए पर दबाव बना रह सकता है। इस साल रुपए में अब तक 2% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। इससे चलते यह 2026 में दुनिया के इमर्जिंग मार्केट्स की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी में से एक बन गई है। कच्चा तेल एक हफ्ते में 25% महंगा हुआ रुपए में आई इस रिकॉर्ड गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है। रुपया 92.19 पर खुला, लेकिन ट्रेडिंग शुरू होते ही गिरा रिजर्व बैंक ने पिछले गुरुवार की तरह ही सोमवार को भी बाजार खुलने से पहले हस्तक्षेप किया। इससे रुपया 92.19 के स्तर पर खुला, जो बाजार की उम्मीदों से थोड़ा बेहतर था। लेकिन, जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, निवेशकों और तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की खरीदारी तेज हो गई। एक बैंक के करेंसी ट्रेडर ने कहा, "RBI यह मैसेज दे रहा है कि वह बाजार पर नजर रखे हुए है, लेकिन तेल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए डॉलर-रुपए के जोड़े को नीचे धकेलना फिलहाल मुश्किल है।" विदेशी निवेशकों के लिए 'सेफ हेवन' बना डॉलर दुनियाभर के बाजारों में मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण अनिश्चितता का माहौल है। ऐसे में निवेशक जोखिम लेने के बजाय अपना पैसा 'सुरक्षित' माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर में लगा रहे हैं। बोफा (BofA) ग्लोबल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, "अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो उन देशों की करेंसी पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ेगा, जो तेल आयात पर निर्भर हैं। इसमें भारत (INR) और फिलीपींस (PHP) सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं।" आम आदमी पर क्या असर होगा? विदेश में पढ़ाई और घूमना महंगा: अगर आप विदेश जाने की योजना बना रहे हैं या आपका कोई बाहर पढ़ रहा है, तो आपको डॉलर खरीदने के लिए ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और कच्चे माल के दाम: मोबाइल, लैपटॉप और विदेश से आने वाले अन्य पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि कंपनियां इनका भुगतान डॉलर में करती हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें: अगर कच्चा तेल इसी तरह महंगा बना रहा, तो आने वाले समय में देश में पेट्रोल डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। पिछले महीने मिली राहत शॉर्ट-टर्म में खत्म पिछले महीने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के बाद लगा था कि रुपए की स्थिति सुधरेगी। उस समय विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा लगाना शुरू किया था और रुपए ने थोड़ी रिकवरी भी की, लेकिन मिडिल-ईस्ट में जैसे-जैसे लड़ाई बढ़ी, राहत कुछ दिन में ही खत्म हो गई। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर की तुलना में किसी भी अन्य करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना, टूटना, कमजोर होना कहते हैं। अंग्रेजी में करेंसी डेप्रिसिएशन कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे वह इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन करता है। फॉरेन रिजर्व के घटने और बढ़ने का असर करेंसी की कीमत पर दिखता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर, अमेरिका के रुपए के भंडार के बराबर होगा तो रुपए की कीमत स्थिर रहेगी। हमारे पास डॉलर घटे तो रुपया कमजोर होगा, बढ़े तो रुपया मजबूत होगा। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग से सेंसेक्स 1700 अंक गिरकर 77,200 पर आया: जापान, कोरिया के बाजार 7% टूटे; कच्चा तेल 10 दिन में 60% चढ़ा अमेरिका-इजराइल और ईरान के कारण शेयर बाजार में आज यानी 9 मार्च को बड़ी गिरावट है। सेंसेक्स करीब 1700 अंक (2.15%) नीचे 77,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 500 अंक (2.12%) की गिरावट है, ये 23,500 पर कारोबार कर रहा है। आज बैंक, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG शेयरों में ज्यादा बिकवाली है। जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है। पूरी खबर पढ़ें…

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भारत की जीत पर शुभमन गिल ने क्या दिया रिएक्शन, टी20 वर्ल्ड कप टीम से किया गया था बाहर

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप खेलने का सपना देख रहे शुभमन गिल को लगातार फ्लॉप होने के बाद चयनकर्ताओं ने टीम से बाहर कर दिया था. टूर्नामेंट से ठीक पहले उनको बाहर का रास्ता दिखाकर वापस से संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई थी. ईशान किशन को मौका दिया गया और दोनों ही खिलाड़ियों ने टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई.

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ICC से करोड़ों की कमाई कर गया पाकिस्तान, भारत से हारने पर खिलाड़ियों को लगा था 50-50 लाख का फाइन

Pakistan Cricket Team T20 World Cup 2026: पाकिस्तान क्रिकेट टीम भले ही टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में क्वालीफाई नहीं कर पाया, लेकिन फिर भी उसे आईसीसी से चार करोड़ 80 लाख रुपये मिले. लगातार दूसरी बार चैंपियन बनी भारतीय टीम के खाते में लगभग 25 करोड़ रुपये आए. इससे पहले पीसीबी ने अपने खिलाड़ियों पर 50-50 लाख का जुर्माना ठोका था. Wed, 11 Mar 2026 21:37:06 +0530

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