Khyber Pakhtunkhwa में Polio सुरक्षा दल पर हमला, 2 पुलिसकर्मियों की मौत
पेशावर, तीन नवंबर पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मंगलवार को पोलियो रोधी टीकाकरण दल की सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मियों की अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) रजा खान के अनुसार, पुलिस का एक दल टीकाकरण कर्मियों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए अपनी चौकी से यख डंड गांव की ओर जा रहा था, तभी अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मोहम्मंद जिले की पिंडियाली तहसील में हथियारबंद हमलावरों ने उस पर घात लगाकर हमला कर दिया।
डीपीओ खान ने बताया कि हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गया। इस हमले की जिम्मेदारी किसी व्यक्ति या संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उससे जुड़े गुट पहले भी प्रांत में पोलियो टीकाकरण दलों को निशाना बना चुके हैं।
ये घटनाएं 27 प्रांतीय जिलों में पांच साल से कम उम्र के 48 लाख बच्चों को लक्षित कर चलाए जा रहे चार दिवसीय समन्वित पोलियो रोधी अभियान के पहले दिन हुईं। एक नवंबर को राष्ट्रीय पोलियो उन्मूलन आपात अभियान केंद्र (एनईओसी) ने खैबर जिले से पोलियो का एक नया मामला सामने आने की पुष्टि की थी। इसके साथ ही इस साल देश में इस बीमारी के कुल मामलों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। एक अन्य घटना में, प्रांत के टैंक जिले में मंगलवार को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने पोलियो टीकाकरण दल के चार सदस्यों का अपहरण कर लिया। डीपीओ अब्दुल समद खान ने बताया कि बंदूकधारियों ने टीकाकरणकर्मियों को हथियारों के बल पर अपने कब्जे में ले लिया और उसके बाद उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गए।
पुलिस और सुरक्षा बलों ने उनका पता लगाने और उन्हें छुड़ाने के लिए आसपास के इलाकों में अभियान शुरू कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल फैसल करीम कुंडी ने दोनों घटनाओं की निंदा की और पुलिसकर्मियों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपहृत स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अग्रिम मोर्चे पर तैनात टीकाकरणकर्मी बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में 2020 से अब तक पोलियो टीकाकरण कर्मियों को निशाना बनाकर कम से कम 47 हमले किए गए हैं, जिनमें नौ लोगों की मौत हुई, सात घायल हुए और 15 से अधिक लोगों का अपहरण किया गया। प्रांतीय आपात अभियान केंद्र के अनुसार, पूरे प्रांत में चलाए जा रहे इस अभियान के लिए टीकाकरण की 20,772 टीमें तैनात की गई थीं, जिन्हें लगभग 30,000 सुरक्षाकर्मियों का सहयोग प्राप्त था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पाकिस्तान और अफगानिस्तान दुनिया के एकमात्र ऐसे देश हैं, जहां पोलियो अब भी स्थानिक बीमारी है।
एक लॉन्चर दो प्रहार-प्रलय क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल की सॉल्वो टेस्टिंग:500km दूर 2 टारगेट तबाह; पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात होगी
DRDO ने मंगलवार को ओडिशा के चांदीपुर ITR / डॉ. APJ अब्दुल कलाम आइलैंड से प्रलय मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। ये वही मिसाइल है जिसे क्वासी बैलेस्टिक कहा जाता है। इस टेस्टिंग की खासियत इसका एक ही लॉन्चर से 2 मिसाइल लॉन्च की गईं। DRDO की बनाई यह मिसाइल 500km तक की दूरी पर अलग-अलग लक्ष्यों के खिलाफ कई तरह के वॉरहेड ले जाने में सक्षम है। टेस्टिंग से पहले 595km के दायरे का 'नोटम' (NOTAM) जारी किया गया था। साथ ही टेस्ट रेंज के 2km के दायरे में रहने वाले लोगों को वहां से हटा दिया गया था। क्वासी बैलिस्टिक मिसाइल क्या है आम बैलिस्टिक मिसाइल सीधे ऊपर जाकर फिर नीचे आती है, रास्ता पहले से पता चल जाता है। प्रलय लो-ट्रेजेक्टरी पर जाती है, बीच में ही दिशा बदल सकती है, टर्मिनल फेज में मैन्युवर करती है। इसलिए दुश्मन का एयर डिफेंस इसे इंटरसेप्ट नहीं कर पाता। इसे आर्मी और एयरफोर्स दोनों में शामिल किया जाना है। पाकिस्तान के साथ LoC पर ऐसे शॉर्ट रेंज, हाई प्रिसीजन हथियार गेम-चेंजर माने जा रहे हैं। 3 पॉइंट में समझें साल्वो टेस्टिंग सेना के लिए अहम क्यों पाकिस्तान बॉर्डर कनेक्शन सेना ने इसे खास तौर पर पश्चिमी और उत्तरी बॉर्डर के लिए मांगा था। DAC ने 120 मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी दे दी है। आने वाले दिनों में इसे नई रॉकेट फोर्स में शामिल किया जाएगा, जिसका काम दुश्मन के एयरबेस, फ्यूल डिपो और कमांड सेंटर को पहले 30 मिनट में तबाह करना होगा। 24 घंटे में दूसरी सफलता कल ही DRDO ने इसी रेंज से VSHORADS (वैरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस) के 3 सक्सेसफुल टेस्ट किए थे, जो 6 KM दूर ड्रोन और हेलिकॉप्टर को मार गिरा सकता है। सोर्स के मुताबिक, प्रलय के बाद अब इसका एयरफोर्स वर्जन ‘प्रलय-ALBM’ और लंबी रेंज वाले प्रलय-2 पर काम चल रहा है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण किया: डिजिटल कंट्रोल सिस्टम से लैस, 4000km की रेंज तक निशाना लगा सकती है भारत ने ओडिशा के चांदीपुर के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल टेस्ट किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस मिसाइल के सभी ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स को चेक किया गया, जो पूरी तरह सफल रहे। यह टेस्ट स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड की निगरानी में किया गया। इसमें एडवांस्ड एवियोनिक्स और डिजिटल कंट्रोल सिस्टम हैं, जिनकी मदद से यह हाई एक्युरेसी के साथ 4000 KM की रेंज तक निशाना लगा सकती है। यह भारत में बनी एक मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है। पढ़ें पूरी खबर…
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