नेतन्याहू के नहले पर ईरान का दहला, चीन की करा दी एंट्री, फंस गए ट्रंप!
ईरान पर न्यूक्लियर हमलों की तैयारी की खबरों को सुनते ही चीन ने एंट्री मार दी है। मिडिल ईस्ट में जारी उस भीषण तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान के आखिरी बचे न्यूक्लियर ठिकानों को महज 10 मिनट के भीतर तबाह करने की चेतावनी दी जा रही है। तो वहीं दूसरी तरफ मशहूर अमेरिकी टीवी होस्ट टकर कार्लसन के उस सनसनीखेज दावे ने तहलका मचा दिया जिसमें कहा गया कि इसरली प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के दबाव में आकर वाशिंगटन ईरान पर परमाणु हमला तक करने पर विचार कर सकता है। उसके पिकैक्स माउंटेन पर इसी भयानक खतरे और अमेरिका के परमाणु हमले की आहट के बीच ईरान ने तुरंत सुरक्षा वार्ता के लिए बीजिंग का रुख कर दिया।
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ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डेपुटी सेक्रेटरी अली बाघेरी ने बीजिंग पहुंचकर चीन के विदेश मंत्री वांग ई के साथ हाई लेवल मीटिंग की। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात, ईरानी संप्रभुता और अमेरिका की धमकियों से पैदा हुई सुरक्षा चुनौतियों पर बेहद गंभीर चर्चा हुई। चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने इस मीटिंग के दौरान अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए साफ शब्दों में कहा कि बातचीत और कूटनीति ही इस पूरे संकट का इकलौता हल है। चीन ने किसी भी नए सैन्य टकराव के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की और तेहरान को उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने पूरे समर्थन का भरोसा भी दे दिया। बीजिंग ने सिर्फ बयान ही नहीं दिया बल्कि पूरे खाड़ी में शांति कायम करने के लिए अपना दूत तुरंत ईरान, ओमान और सऊदी अरब भेजने का ऐलान भी कर दिया। लेकिन आखिर अचानक चीन को इस तरह खुलकर बीच में क्यों आना पड़ा? इसके पीछे छिपा है वो भयानक डर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वो बयान जो उन्होंने मारे लागू से दिया था।
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ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान के सैंड और न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया है। लेकिन अब भी ईरान के पिकिकासक्स पर्वत के पास एक दो ऐसे ठिकान बचे हैं जिन्हें अमेरिकी सेना महज 10 मिनट के भीतर मिसाइलों से उड़ा सकती है। पिकिकास पर्वत जो नतांज के पास करीब 300 फीट गहरी ग्रेनाइट की चट्टानों के नीचे दफन है। अमेरिका और इसराइल के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी बना हुआ है। इजरायली खुफिया एजेंसियों का दावा है कि ईरान ने इस अभैध्य किले में यूरेनियम संवर्धन दोबारा शुरू किया है।कि क्योंकि अमेरिका का कोई भी पारंपरिक या बंकर बस्टिंग बम 300 फीट मोटी ग्रेनाइट चट्टान को भेद नहीं सकता। इसलिए वाशिंगटन में इस बात की चर्चा गरम है कि पिकैक्स माउंटेन को बचाने के लिए केवल न्यूक्लियर स्ट्राइक ही एकमात्र विकल्प हो सकता है। टकर कालसन के दावों के मुताबिक हालिया इसरलीय चुनाव में 61 सीटों का बहुमत ना मिलने के कारण अपनी राजनीतिक कुर्सी गवाने के डर से जूझ रहे नेतन्याहू रोज ट्रंप को फोन कर रहे हैं। वे ट्रंप पर दबाव बना रहे हैं कि वे ईरान पर बड़ा हमला करें ताकि इसराइल की राजनीति में ट्रंप की सीधी एंट्री हो सके और नित नेतन्याहू की सत्ता बच जाए।
न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में किन भारतीय गेंदबाजों ने लिया है सबसे ज्यादा ODI विकेट, इस बार एक भी नहीं आएंगे नजर
IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का आगाज होने जा रहा है. न्यूजीलैंड की सरजमीं और खासकर ऑकलैंड का ईडन पार्क मैदान हमेशा से भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है. इस मैदान की छोटी बाउंड्री और अनोखा आकार बल्लेबाजों को बड़े-बड़े शॉट लगाने में मदद करता है, वहीं गेंदबाजों के लिए यहां रन रोकना और विकेट निकालना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता. इसके बावजूद कुछ भारतीय गेंदबाजों ने वनडे क्रिकेट में ऑकलैंड की इस पिच पर अपनी स्विंग और रफ्तार का ऐसा जादू बिखेरा कि कीवी बल्लेबाज सरेंडर करने पर मजबूर हो गए. हालांकि दिलचस्प बात यह है कि ऑकलैंड में सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले भारत के टॉप-5 गेंदबाजों में से एक भी इस बार खेलते नजर नहीं आएंगे. इनमें से कुछ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को बहुत पहले अलविदा कह चुके हैं, तो कुछ मौजूदा टीम से बाहर हैं. तो ऑकलैंड में सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले टॉप-5 गेंदबाजों के बारे में जानते हैं.
नंबर-1 पर हैं जवागल श्रीनाथ
ऑकलैंड के ईडन पार्क मैदान पर भारत की ओर से सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने का रिकॉर्ड पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ के नाम दर्ज है. श्रीनाथ ने इस मैदान पर खेले 4 मैचों में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 12 विकेट अपने नाम किए हैं. इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन देकर 3 विकेट रहा. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जहां इस मैदान पर रन रोकना बेहद मुश्किल होता है, वहां श्रीनाथ का इकॉनमी रेट महज 2.56 का रहा है.
दूसरे नंबर पर हैं मोहम्मद शमी
इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम आता है. शमी ने ऑकलैंड में सिर्फ 2 वनडे मैच खेले हैं और इनमें उन्होंने 5 विकेट चटकाए हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 55 रन देकर 3 विकेट रहा है. हालांकि, मौजूदा टीम में शामिल न होने के कारण फैंस इस बार शमी की सीम और सटीक यॉर्कर को मिस करेंगे.
नंबर-3 पर हैं राजेश चौहान
भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर राजेश चौहान इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं. उन्होंने ऑकलैंड के इस मैदान पर सिर्फ 1 वनडे मैच खेला और उसी मुकाबले में 43 रन देकर 3 विकेट झटके हैं. ईडन पार्क की छोटी बाउंड्री पर एक स्पिनर के रूप में ऐसा प्रदर्शन वाकई काबिलेतारीफ था.
चौथे नंबर पर हैं आशीष नेहरा
भारत के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा इस लिस्ट में चौथे स्थान पर काबिज हैं. नेहरा ने ऑकलैंड में 2 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने कुल 3 विकेट चटकाए हैं. इस पिच पर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 43 रन देकर 2 विकेट रहा है और उनका इकॉनमी रेट 4.34 का था.
टॉप-5 में युजवेंद्र चहल मौजूद
भारत के चतुर लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं. चहल ने ऑकलैंड में 2 वनडे मैचों में खेलते हुए 3 विकेट हासिल किए हैं. इस मैदान पर उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 58 रन देकर 3 विकेट रहा है. चहल भी इस बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलते नजर नहीं आएंगे, क्योंकि उन्हें टीम में चुना नहीं गया है. वो लंबे समय से वनडे टीम से बाहर चल रहे हैं.
ऑकलैंड में सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज
• 1. जवागल श्रीनाथ: 4 मैचों में 12 विकेट
• 2. मोहम्मद शमी: 2 मैचों में 5 विकेट
• 3. राजेश चौहान: 1 मैच में 3 विकेट
• 4. आशीष नेहरा: 2 मैचों में 3 विकेट
• 5. युजवेंद्र चहल: 2 मैचों में 3 विकेट
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