न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में किन भारतीय गेंदबाजों ने लिया है सबसे ज्यादा ODI विकेट, इस बार एक भी नहीं आएंगे नजर
IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का आगाज होने जा रहा है. न्यूजीलैंड की सरजमीं और खासकर ऑकलैंड का ईडन पार्क मैदान हमेशा से भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है. इस मैदान की छोटी बाउंड्री और अनोखा आकार बल्लेबाजों को बड़े-बड़े शॉट लगाने में मदद करता है, वहीं गेंदबाजों के लिए यहां रन रोकना और विकेट निकालना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता. इसके बावजूद कुछ भारतीय गेंदबाजों ने वनडे क्रिकेट में ऑकलैंड की इस पिच पर अपनी स्विंग और रफ्तार का ऐसा जादू बिखेरा कि कीवी बल्लेबाज सरेंडर करने पर मजबूर हो गए. हालांकि दिलचस्प बात यह है कि ऑकलैंड में सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले भारत के टॉप-5 गेंदबाजों में से एक भी इस बार खेलते नजर नहीं आएंगे. इनमें से कुछ खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को बहुत पहले अलविदा कह चुके हैं, तो कुछ मौजूदा टीम से बाहर हैं. तो ऑकलैंड में सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले टॉप-5 गेंदबाजों के बारे में जानते हैं.
नंबर-1 पर हैं जवागल श्रीनाथ
ऑकलैंड के ईडन पार्क मैदान पर भारत की ओर से सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने का रिकॉर्ड पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ के नाम दर्ज है. श्रीनाथ ने इस मैदान पर खेले 4 मैचों में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 12 विकेट अपने नाम किए हैं. इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 13 रन देकर 3 विकेट रहा. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जहां इस मैदान पर रन रोकना बेहद मुश्किल होता है, वहां श्रीनाथ का इकॉनमी रेट महज 2.56 का रहा है.
दूसरे नंबर पर हैं मोहम्मद शमी
इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम आता है. शमी ने ऑकलैंड में सिर्फ 2 वनडे मैच खेले हैं और इनमें उन्होंने 5 विकेट चटकाए हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 55 रन देकर 3 विकेट रहा है. हालांकि, मौजूदा टीम में शामिल न होने के कारण फैंस इस बार शमी की सीम और सटीक यॉर्कर को मिस करेंगे.
नंबर-3 पर हैं राजेश चौहान
भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर राजेश चौहान इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं. उन्होंने ऑकलैंड के इस मैदान पर सिर्फ 1 वनडे मैच खेला और उसी मुकाबले में 43 रन देकर 3 विकेट झटके हैं. ईडन पार्क की छोटी बाउंड्री पर एक स्पिनर के रूप में ऐसा प्रदर्शन वाकई काबिलेतारीफ था.
चौथे नंबर पर हैं आशीष नेहरा
भारत के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा इस लिस्ट में चौथे स्थान पर काबिज हैं. नेहरा ने ऑकलैंड में 2 मुकाबले खेले हैं, जिसमें उन्होंने कुल 3 विकेट चटकाए हैं. इस पिच पर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 43 रन देकर 2 विकेट रहा है और उनका इकॉनमी रेट 4.34 का था.
टॉप-5 में युजवेंद्र चहल मौजूद
भारत के चतुर लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं. चहल ने ऑकलैंड में 2 वनडे मैचों में खेलते हुए 3 विकेट हासिल किए हैं. इस मैदान पर उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 58 रन देकर 3 विकेट रहा है. चहल भी इस बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज खेलते नजर नहीं आएंगे, क्योंकि उन्हें टीम में चुना नहीं गया है. वो लंबे समय से वनडे टीम से बाहर चल रहे हैं.
ऑकलैंड में सबसे ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज
• 1. जवागल श्रीनाथ: 4 मैचों में 12 विकेट
• 2. मोहम्मद शमी: 2 मैचों में 5 विकेट
• 3. राजेश चौहान: 1 मैच में 3 विकेट
• 4. आशीष नेहरा: 2 मैचों में 3 विकेट
• 5. युजवेंद्र चहल: 2 मैचों में 3 विकेट
अंतरराष्ट्रीय विस्तार के बावजूद इंडिगो का ध्यान छोटी दूरी की उड़ानों पर ही केंद्रित रहेगा: सीईओ
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजनाओं को आगे बढ़ाने के बावजूद अपनी शॉर्ट-हॉल (कम दूरी) उड़ान सेवाओं पर मुख्य फोकस बनाए रखेगी। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विली वॉल्श ने मंगलवार को कहा कि एयरलाइन की भविष्य की विकास रणनीति उसकी मजबूत और लागत-कुशल घरेलू तथा क्षेत्रीय परिचालन क्षमता पर आधारित रहेगी।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026 सम्मेलन में बोलते हुए वॉल्श ने बताया कि इंडिगो के बेड़े में फिलहाल चार एयरबस ए321एक्सएलआर विमान शामिल हैं और 2027 के अंत तक इनकी संख्या बढ़कर 14 हो जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार जरूर कर रही है, लेकिन इससे उसके मौजूदा शॉर्ट-हॉल बिजनेस मॉडल पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य के अवसरों की तैयारी करते हुए भी हमारी अत्यधिक दक्ष शॉर्ट-हॉल परिचालन क्षमता पर से ध्यान न हटे।
वॉल्श ने यह भी जानकारी दी कि इंडिगो एयरबस ए350-900 वाइड-बॉडी विमानों को अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रही है। इन विमानों की डिलीवरी 2028 की दूसरी तिमाही से शुरू होने की संभावना है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस नए विमान प्रकार के परिचालन से पहले एयरलाइन को व्यापक तैयारी और बुनियादी ढांचा विकास करना होगा।
इंडिगो का मानना है कि उसकी सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी ताकत उसकी कम लागत वाली परिचालन संरचना है और यही आगे की वृद्धि का आधार बनी रहेगी। वॉल्श ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विस्तार के साथ भी इस लागत दक्षता को बनाए रखना कंपनी की प्राथमिकता रहेगी।
उन्होंने एयरलाइंस और एयरपोर्ट संचालकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, एयरपोर्ट कंपनियों को निवेश संबंधी फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए ताकि अत्यधिक लागत का बोझ एयरलाइंस और यात्रियों पर न पड़े।
वर्तमान में इंडिगो के बेड़े में 440 से अधिक विमान शामिल हैं। कंपनी ने 2030 तक अपने बेड़े को बढ़ाकर लगभग 600 विमानों तक पहुंचाने की योजना बनाई है। यह विस्तार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में उसकी उपस्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।
गौरतलब है कि विली वॉल्श ने इस वर्ष इंटरग्लोब एविएशन द्वारा नियुक्त किए जाने के बाद इंडिगो के सीईओ का पद संभाला था। उन्होंने पीटर एल्बर्स की जगह ली, जिनके कार्यकाल में एयरलाइन ने घरेलू और वैश्विक नेटवर्क में तेजी से विस्तार किया था।
--आईएएनएस
डीबीपी
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