मधुबनी में ASI ने सर्विस रिवॉल्वर से चलाई गोली, एक व्यक्ति की मौत और तीन घायल
मधुबनी, तीन नवंबर बिहार के मधुबनी जिले में एक सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) ने कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल से गोलीबारी कर एक व्यक्ति की हत्या कर दी और तीन अन्य को घायल कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मृतक की पहचान अशोक यादव (50) के रूप में हुई है।
आरोपी एएसआई की पहचान चंद्र मोहन के रूप में हुई है, जो बाबूबरही इलाके में स्थित एक पुलिस चौकी पर तैनात था। घटना के बाद से वह फरार है। जिला पुलिस की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, घटना सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात करीब एक बजे बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ गांव में हुई।
कथित तौर पर एएसआई को ग्रामीणों ने एक महिला के घर के अंदर पकड़ा और एक कमरे में बंद कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, कमरे से निकलकर भागने की कोशिश के दौरान एएसआई ने अपनी सर्विस पिस्टल से चार गोलियां चलाईं, जिससे चार लोग घायल हो गए। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, अशोक यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य घायलों का उपचार जारी है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने आरोपी एएसआई को निलंबित कर उसकी गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि फरार एएसआई को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
'एक महीने में 14,000 करोड़ का भारी नुकसान': व्यापारी संगठन CTI ने दिल्ली पुलिस से की 11 नवंबर तक रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग
त्योहारों के इस मुख्य सीजन के दौरान राजधानी दिल्ली के व्यापारिक क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि 11 नवंबर तक दिल्ली के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में किसी भी प्रकार की रैलियों, धरनों, विरोध प्रदर्शनों या मार्चों की अनुमति न दी जाए। व्यापारी संगठन के अनुसार, पिछले एक महीने में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के कारण दिल्ली के बाजारों को लगभग 14,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
INDIA गठबंधन की 1 नवंबर की रैली के कारण व्यापारिक संगठनों को 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान
CTI ने पहले कहा था कि रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की 1 नवंबर की रैली के कारण थोक और खुदरा बाजारों पर बहुत बुरा असर पड़ा है, और उन्हें दिवाली से ठीक पहले लगभग 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। कारोबारी समुदाय ने विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति गहरी नाराजगी जताई है। खबरों के अनुसार, CTI ने 24 अक्टूबर, 27 अक्टूबर, 28 अक्टूबर और 1 नवंबर को राहुल गांधी को चार अलग-अलग पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वे त्योहारों के दौरान व्यापार को बचाने के लिए रैली को स्थगित कर दें या उसकी जगह बदल दें। इसके बावजूद, रैली तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित हुई।
व्यापार संगठन के अनुसार, रैली के कारण रविवार, 1 नवंबर को 25 प्रमुख थोक और खुदरा बाजारों में मौजूद 3 लाख दुकानों में से लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं। संगठन का दावा है कि चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख बाजार इस दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जबकि यह त्योहारों से ठीक पहले खरीदारी का सबसे व्यस्त समय होता है।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने ANI को बताया, "दीवाली के पीक सीजन के दौरान, इन बाजारों में कुल मिलाकर लगभग 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। जिन जगहों पर दुकानें खुली भी रहीं, वहां भी बिक्री न के बराबर रही; ग्राहक बिल्कुल नहीं थे। नतीजतन, दिल्ली के व्यापार क्षेत्र को लगभग 10,000 से 11,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अब सवाल यह उठता है कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा—क्या आयोजक इसकी भरपाई करेंगे? यह एक बहुत बड़ा नुकसान है, खासकर तब जब दीवाली का पीक सीजन चल रहा हो और धनतेरस की खरीदारी में बस चार दिन ही बचे हों।"
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









