आशुतोष बोले-हार में नरोत्तम कितने जिम्मेदार, जांच समिति तय करेगी:कांग्रेस के षड्यंत्र को समझ नहीं पाए; मुलाकात पर कहा- ये केवल शिष्टाचार
दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने हार के लिए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर गोल-मोल जवाब दिया है। दैनिक भास्कर के सवाल पर तिवारी ने कहा- यह जांच समिति तय करेगी। गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पहुंचे तिवारी ने कहा- कांग्रेस ने षड्यंत्र किया और उसे हम समझ नहीं पाए। इस षड्यंत्र का पार्ट अनजाने में भी कुछ लोग रहे हैं तो उनको समझने का प्रयास मैं करूंगा। बता दें कि दतिया सीट पर हाल ही में हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने आशुतोष तिवारी को 6016 वोटों से हराया है। ये सीट तत्कालीन कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को फ्रॉड मामले में 2 साल की सजा मिलने के बाद खाली हुई थी। सिलसिलेवार पढ़िए, भास्कर के सवाल और आशुतोष के जवाब सवाल: इस हार के लिए किसे जिम्मेदार मानते हैं? जवाब: कांग्रेस ने षड्यंत्र किया और हम उसे समझ नहीं पाए। ऐसी और कौन-कौन सी बातें रहीं, उन्हें संज्ञान में लेकर सुधार करेंगे। सबका साथ मिला है। हमें पहले से अधिक वोट प्रतिशत मिला है। 2023 में हम हारे थे, उस हार का अंतर भी इस बार कम हुआ है। यह हमारे लिए सकारात्मक बात है। जिन लोगों का आशीर्वाद मुझे मिला है, उनके बीच रहकर मैं सेवा के अपने संकल्प को आगे भी पूरा करता रहूंगा। सवाल: क्या आप 2028 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे? जवाब: मैं एक साधारण कार्यकर्ता की भूमिका में रहूंगा। पार्टी नेतृत्व जो भी जिम्मेदारी देगा, उसका पूरी निष्ठा के साथ पालन करूंगा। सवाल: इस हार के लिए डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कितना जिम्मेदार मानते हैं? जवाब: इसका निर्णय जांच समिति करेगी। वही समीक्षा करेगी कि किस व्यक्ति के बारे में क्या मत है और जो भी विषय सामने आएंगे, उन्हें संज्ञान में लिया जाएगा। सवाल: आपका व्यक्तिगत मत क्या है? जवाब: मैंने पहले भी कहा कि कहीं न कहीं ऐसी रिक्तता रही, जिसके कारण हम कांग्रेस के षड्यंत्र को समझ नहीं पाए। अगर कांग्रेस के षड्यंत्र का कोई हिस्सा कुछ लोग रहे हैं, तो उसे भी समझने का प्रयास करूंगा। सवाल: भाजपा के दतिया जिला अध्यक्ष रहे रघुवीर शरण कुशवाह का कहना है कि सबको हटाने के बजाय सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी? जवाब: सबका अपना-अपना मत हो सकता है, लेकिन पार्टी में निर्णय नेतृत्व का होता है। नेतृत्व के फैसले को सभी कार्यकर्ता समर्पण, निष्ठा और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ स्वीकार करते हैं। सवाल: क्या चुनाव में भीतरघात हुआ? जवाब: कोई न कोई चूक जरूर हुई है। उसकी समीक्षा होगी। उसके बाद ही अधिकृत रूप से कुछ कहा जा सकेगा। अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। सवाल: आपने अपनी रिपोर्ट में संगठन को क्या बताया है? जवाब: हमने कोई अलग से रिपोर्ट नहीं दी है। मैं केवल उन सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने आया था, जिन्होंने मेहनत की, आशीर्वाद दिया और क्षेत्र में समय देकर हमारा सहयोग किया। सवाल: क्या आपको दतिया का जिला अध्यक्ष बनाया जा रहा है? जवाब: यह पूरी तरह काल्पनिक सवाल है, जिसका कोई जवाब नहीं है। सवाल: अगर पार्टी यह जिम्मेदारी देती है तो? जवाब: दतिया का हर कार्यकर्ता इस जिम्मेदारी को निभाने में सक्षम है। उसकी निष्ठा, ईमानदारी, विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्र व पार्टी सर्वोपरि हैं। कार्यकर्ताओं में से ही कोई भी यह जिम्मेदारी निभा सकता है। सवाल: कल डॉ. नरोत्तम मिश्रा से आपकी मुलाकात हुई थी। इसके राजनीतिक मायने क्या हैं? जवाब: इसके कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं। सार्वजनिक जीवन में कुछ शिष्टाचार होते हैं। यह उसी तरह की एक सामान्य सौजन्य मुलाकात थी। नरोत्तम पहुंचे हरिद्वार, दिल्ली जाने की चर्चा थी जहां आशुतोष तिवारी भोपाल में बीजेपी के नेताओं से मेल-मुलाकात कर रहे हैं, वहीं नरोत्तम मिश्रा भोपाल से बुधवार रात को ट्रेन से अचानक दिल्ली के लिए रवाना हुए। भास्कर ने उनसे दिल्ली जाने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा- मैं हरिद्वार आया हूं। राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली तक आया था। हार के बाद प्रदेश संगठन ने मांगी रिपोर्ट भाजपा ने हार के कारणों की जांच के लिए प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और चंबल संभाग के पूर्व संगठन मंत्री अंबाराम कराड़ा की दो सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर दतिया की पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। आगे की कार्रवाई समिति की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद होगी। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी भीतरघात करने वालों को कारण बताओ नोटिस देने, निलंबन और निष्कासन जैसी कार्रवाई करेगी। वहीं, चुनाव में अच्छा काम करने वाले को पार्टी संगठन में दोबारा मौका दिया जाएगा। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… दतिया उपचुनाव हार के बाद भाजपा जिला कार्यकारिणी भंग दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। पार्टी नेतृत्व ने जिला कार्यकारिणी समेत दतिया के सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयों को भंग कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने ये एक्शन हार की समीक्षा के लिए बनाई गई विशेष समिति की रिपोर्ट पर लिया है। पढे़ं पूरी खबर…
मध्यप्रदेश कांग्रेस की PAC बैठक 11 अगस्त को, जनआंदोलनों और स्थानीय मुद्दों पर बनेगी रणनीति
मध्यप्रदेश कांग्रेस ने 11 अगस्त को भोपाल में होने वाली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत पीएसी के सभी वरिष्ठ सदस्य शामिल होंगे। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, जनआंदोलनों की रूपरेखा तय करने और स्थानीय मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति बनाई जाएगी।
मुकेश नायक ने कहा कि कांग्रेस अब राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के मुद्दों के साथ-साथ गांव से लेकर शहर तक के स्थानीय जनसरोकारों को भी प्रमुखता से जनता के बीच ले जाएगी। इसके लिए जिला कांग्रेस अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दों की पहचान कर संगठन के माध्यम से उन्हें उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल में होगी पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, सहकारी बैंक, मंडी समितियों और अन्य स्वायत्त संस्थाओं पर राजनीतिक नियंत्रण स्थापित किया गया है। उनका आरोप है कि सहकारी बैंकों में कानून में संशोधन कर निर्वाचित व्यवस्था समाप्त कर अध्यक्षों की नामित नियुक्ति का प्रावधान किया गया, जिससे सहकारिता की मूल भावना प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रदेश की मंडियों में किसानों को अव्यवस्था का सामना करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसान कई दिनों तक अपनी उपज लेकर मंडियों में इंतजार करने को मजबूर हैं, जबकि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद उनसे मंडी शुल्क वसूला जा रहा है।
सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरा
मुकेश नायक ने नगर निगमों और नगर पालिकाओं में भ्रष्टाचार तथा पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर लोगों को दूषित पानी मिल रहा है और सरकार की गंभीर विफलता है। उन्होंने खेल संगठनों और अन्य स्वायत्त संस्थाओं के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, कई संस्थाओं में अनुभव के बजाय राजनीतिक प्रभाव के आधार पर नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर 11 अगस्त की पीएसी बैठक में विस्तार से चर्चा होगी और विपक्ष की भूमिका को और प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी।
मुकेश नायक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रतिशोध की राजनीति समाप्त करने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, उनके सहयोगियों और कांग्रेस नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूछताछ, मुकदमों और अन्य कार्रवाई के जरिए विपक्ष पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस इससे पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने इंदौर पुलिस प्रशासन से भी निष्पक्ष तरीके से काम करने की अपील की और कहा कि प्रशासन को किसी राजनीतिक दल के दबाव में नहीं आना चाहिए।
जनआंदोलनों को लेकर बनेगी रणनीति
इसके साथ ही उन्होंने भोपाल के मास्टर प्लान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 1995 का मास्टर प्लान 2005 तक के लिए था, लेकिन दो दशक बाद भी नया मास्टर प्लान प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सका। उनके अनुसार, इसके कारण राजधानी के सुनियोजित विकास में बाधाएं आ रही हैं। मुकेश नायक ने कहा कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और 11 अगस्त की पीएसी बैठक के बाद संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनआंदोलनों की आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी।
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