Amit Shah मंगलवार को Chhattisgarh राज्योत्सव के समापन समारोह में होंगे शामिल
(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, तीन नवंबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुसार, राज्य के दौरे के दौरान वह रायपुर में ‘आर्टेमिस शांति अस्पताल’ का उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद वह नवा रायपुर अटल नगर में विकसित भारत संकल्प पार्क का उद्घाटन करेंगे।
छत्तीसगढ़ एक नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग होकर नया राज्य बना था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक नवंबर को कहा था कि राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर इस साल आयोजित राजोत्सव ऐतिहासिक और विशेष है क्योंकि माओवाद के खतरे से मुक्त होने के बाद राज्य का यह पहला स्थापना दिवस है। राज्य को 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया गया था।
इसके साथ ही क्षेत्र में चार दशक से जारी माओवादी विद्रोह का अंत हो गया। साय ने शनिवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में राज्य के लोगों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक नवंबर 2000 को राज्य के गठन के 26 साल पूरे होना सभी के लिए गर्व का क्षण है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस साल का राजोत्सव कई मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। यह पहला स्थापना दिवस है जब छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है।’’ उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के कारण ही छत्तीसगढ़ का गठन संभव हो पाया था।
Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में 120 किमी की रफ्तार से टकराया चक्रवात
अमरावती, तीन नवंबर गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने मंगलवार तड़के आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में भारी तबाही मचाई जहां हजारों पेड़ उखड़ गए, बिजली के सैकड़ों खंभे और मछुआरों की नौकाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। बापटला और प्रकाशम सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है और कई इलाके पानी में डूब गए हैं। प्रकाशम जिले के कोठापतनम के एक मछुआरे कृष्णम्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पिछले 14 वर्षों में हमने इतना खतरनाक चक्रवात नहीं देखा।
सरकार ने हमारी काफी मदद की और गांव के करीब 400 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने भी हमें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की।’’ उन्होंने कहा कि अब उन्हें जाकर देखना होगा कि उनकी नावों की क्या स्थिति है। एक अन्य स्थानीय निवासी मंगम्मा ने बताया कि पिछले चक्रवात के दौरान उनका घर तबाह हो गया था, लेकिन इस बार सरकार ने चक्रवात के तट से टकराने से पहले ही उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले चक्रवात में मैंने अपना घर खो दिया था और मेरा परिवार सड़क पर आ गया था। इस बार सरकार ने चक्रवात के तट से टकराने से पहले ही हमें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। हालांकि, मेरी तीन नौकाओं में से एक पूरी तरह नष्ट हो गई है।
मछली पकड़ना ही हमारी आजीविका का साधन है।’’ चक्रवात के प्रभाव से हजारों पेड़ उखड़ गए और बिजली के सैकड़ों खंभे टूट गए। इसके अलावा कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कों पर दूर तक देख पाना मुश्किल हो गया जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन फंस गए और चालकों को काफी परेशानी हुई।
खराब मौसम के कारण यातायात बाधित हुआ और कई स्थानों पर यात्री फंसे रहे। मौसम विभाग के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ मंगलवार तड़के सुबह साढ़े तीन बजे से साढ़े पांच बजे के बीच ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रही।
मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात के मंगलवार दोपहर तक धीरे-धीरे कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और आधी रात तक अवदाब के क्षेत्र में तब्दील होने के आसार हैं। मंगलवार को तटीय आंध्र प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश और छिटपुट स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।
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