IND vs NZ: वरुण चक्रवर्ती का प्लेइंग-11 से कटेगा पत्ता! जानें भारत-न्यूजीलैंड फाइनल में किसे मिलेगा खेलने का मौका
IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल की प्लेइंग-11 में इंडियन क्रिकेट टीम बदलाव करेगी या नहीं करेगी. इसको लेकर सवाल जस के तस बना हुआ है. इस दौरान कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में बदलाव होगा. तो वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्लेइंग-11 में कोई बदलाव नहीं होगा. लेकिन अब हम आपको बातने वाले हैं कि भारत की प्लेइंग-11 न्यूजीलैंड के खिलाफ कैसी होने वाली है.
भारत की प्लेइंग-11 में हो सकता है कौन सा बदलाव
दरअसल, तमाम मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वरुण चक्रवर्ती को बाहर कर कुलदीप यादव को टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में शामिल करने का दावा किया गया है. क्योंकि वरुण लगातार गेंद के साथ निराशाजनक प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने सेमीफाइनल में जमकर रन लुटाए. वरुण के बेरंग नजर आने के चलते खिताबी मुकाबले में कुलदीप यादव को मौका देने की बात कही गई है.
A journey of grit and character ????
— BCCI (@BCCI) March 8, 2026
???? Here's a look at #TeamIndia’s Road to the #Final in the #T20WorldCup ????#MenInBlue pic.twitter.com/ZmenwYFeb3
क्या वरुण की जगह कुलदीप को मिलेगा मौका
वहीं कुलदीप यादव इस पूर्व वर्ल्ड कप बैंच पर बैठे रहे हैं. उनको सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एक मैच खेलने को मिला है, वो मैच भी कुलदीप ने भारत में नहीं बल्कि श्रीलंका में खेला था, जहां उन्हें कोलंबो के आर. प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ 15 फरवरी को खेले गए मैच की प्लेइंग-11 में शामिल किया गया था.
इस मैच में कुलदीप यादव गेंद के साथ उतने खतरनाक साबित नहीं हो पाए थे. वो लगातार प्लेइंग-11 से बाहर थे ऐसे में उस मैच में कुलदीप की गेंदबाज में मैच प्रैक्टिस की साफ कमी दिखी थी. अब अचानक कुलदीप यादव को अगर वरुण चक्रवर्ती की जगह फाइनल में मौका दिया गया तो क्या वो बैंच से सीधे उठकर टीम इंडिया के लिए मैच विनिंग प्रदर्शन कर पाएंगे.
इसको लेकर सवाल बना हुआ है. अब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर को फैसला लेना होगा कि वो सेफ साइड रखकर इन फॉर्म वरुण चक्रवर्ती को ही फाइनल में मौका देंगे या फिर रिस्क लेकर कुलदीप यादव को खिताबी मुकाबले में उतरेंगे.
— BCCI (@BCCI) March 8, 2026
न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भारत की संभावित प्लेइंग-11
सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन (विकेट कीपर), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती/ कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत का स्क्वाड
अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव
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'खामेनेई घातक हथियारों को भूमिगत कर रहे थे', ईरान पर हमले को लेकर इजरायल के PM नेतान्याहू का बड़ा दावा
अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी से युद्ध जारी है. इस बीच दोनों पक्षों की ओर से भारी तबाही की खबरें आ रही हैं. बताया जा रहा है कि युद्ध में अब एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं सैंकड़ों लोग घायल हो गए. इस दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर हिब्रू भाषा में एक वीडियो संदेश दिया है. इसमें संयुक्त अभियानों की सफलता की जानकारी दी. उन्होंने कहा, "हमने तेहरान के आसामान पर करीब-करीब पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है."
"We achieved almost complete control over skies of Tehran": Israeli PM Netanyahu declares total dominance in Op Rising Lion
— ANI Digital (@ani_digital) March 8, 2026
Read @ANI Story I https://t.co/w9U1ZqzOE9#IsraeliPM #Netanyahu #OperationRisingLion #Iran #WestAsiaConflict pic.twitter.com/54sSnKfJal
जोखिम उठाने की आवश्यकता थी: नेतन्याहू
नेतन्याहू ने कहा कि यह संयुक्त अभियान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को होने वाले खतरे की गंभीरता को समझते हुए चलाया गया था. इस दौरान उन्होंने 2023 में इजरायल पर हमास के हमले का सीधा संदर्भ भी दिया. नेतन्याहू ने कहा कि वर्तमान आक्रमण उनके प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य था. हमने इजराइल को एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है. इसके लिए साहस, पहल और जोखिम उठाने की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा कि 2023 में हमास की अगुवाई में हुए सात अक्टूबर के नरसंहार के बाद उनकी सरकार का लक्ष्य था कि मिडिल ईस्ट में शक्ति संतुलन को संभालना था.
शक्ति संतुलन को नाटकीय रूप से बदला
नेतन्याहू ने कहा,' जैसा की उन्होंने सात अक्टूबर के दो दिन बाद वादा किया था कि हम मध्य पूर्व का चेहरा बदल रहे हैं, मगर हमने सिर्फ मध्य पूर्व को ही नहीं बदला. सबसे पहले हमने खुद को बदला है. 7 अक्टूबर की भीषण आपदा बाद मैंने एक ध्रुवीय बदलाव की अगुवाई का निर्णय लिया. एक के बाद एक शक्तिशाली कार्रवाई, सक्रिय और आश्चर्यजनक कार्रवाई की. ऐसी कार्रवाई जो हमारे और हमारे दुश्मनों के बीच शक्ति संतुलन को नाटकीय रूप से बदल देती है.'
खतरे को दूर करने की प्राथमिकता थी
नेतन्याहू ने चेताया कि इजराइल ईरानी शासन से एक गंभीर और तत्काल खतरे का सामना कर रहा है. इसने इजराइल और अन्य देशों पर हमला करने को लेकर अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करने का प्रयास किया है. नेतन्याहू के अनुसार, 'हम एक अत्यंत दुष्ट शासन का सामना कर रहे हैं, ये परमाणु बमों और हजारों मिसाइलों से हमें नष्ट करने की साजिश रच रहा है.” अमेरिकी समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए, पीएम ने मिशन के दौरान अपने मजबूत नेतृत्व के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा, 'मैं अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप को उनके द्वारा दिखाए जा रहे नेतृत्व को लेकर आभार व्यक्त करना चाहता हूं.' इसे लेकर संयुक्त प्रयास, जिसे 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' नाम दिया गया है. इजरायल के लिए तत्काल खतरे को दूर करने की प्राथमिकता थी.
सैन्य संपत्तियों को किलेबंद करने की थी तैयारी
नेतन्याहू ने कहा, 'ऑपरेशन राइजिंग लायन में, हमने इजरायल से तत्काल खतरे को दूर करने के लिए संयुक्त प्रयास किए है. उनका दावा है कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईरान की सैन्य संपत्तियों को किलेबंद स्थानों में स्थानांतरित करके उनकी सुरक्षा करने का प्रयास किया था. खामेनेई ने इन क्षमताओं को बहाल करने और उन्हें भूमिगत दफनाने का आदेश दिया ताकि यह सुरक्षित रहें, अगर ऐसा हुआ होता, तो वह इसका इस्तेमाल इजराइल को नष्ट करने के साथ पूरी दुनिया को धमकाने के लिए कर सकते थे.' नेतन्याहू ने खुलासा किया कि संयुक्त हस्तक्षेप इन योजनाओं को विफल करने और अमेरिकी और इजरायल हितों के लिए जरूरी थे. इसे दूरदर्शिता ही माना जाएगा. संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने इन खतरों को विफल करने और ईरानी लोगों को अपना भाग्य अपने हाथों में लेने का अधिकार के लिए मिलकर कार्रवाई की.'
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