बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के मामले में यूपी सिंचाई विभाग के जेई को 3 साल की सजा, निजी व्यक्ति को एक साल का कारावास
उत्तर प्रदेश में बाल यौन शोषण से जुड़ी अश्लील और शोषणकारी सामग्री (CSAEM) के ऑनलाइन प्रसार और प्रकाशन के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दो दोषियों को सजा सुनाई है. लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट ने 31 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के तत्कालीन जूनियर इंजीनियर (JE) रामभवन को तीन साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई. वहीं, इस मामले में दूसरे दोषी निजी व्यक्ति नीलेश बालिराम गोरे को एक साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा दी गई है.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामग्री जुटाने और प्रसारित करने का आरोप
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 23 अप्रैल 2022 को इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. आरोप था कि वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाल यौन शोषण और बच्चों के शोषण से जुड़ी सामग्री एकत्र करने, प्रसारित करने और प्रकाशित करने में शामिल थे.
महाराष्ट्र में छापेमारी, डिजिटल डिवाइस जब्त
जांच के दौरान सीबीआई ने महाराष्ट्र के भुसावल और जलगांव में तलाशी अभियान चलाया था. इस दौरान कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए और उनकी फॉरेंसिक जांच की गई. जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 30 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था.
सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी ठहराया
ट्रायल कोर्ट ने 21 जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे. मामले की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए उनकी भूमिका के अनुसार सजा सुनाई. सीबीआई ने कहा है कि बच्चों के यौन शोषण और उनके शोषण से जुड़ी सामग्री के निर्माण, प्रकाशन और प्रसार से संबंधित अपराधों की जांच और अभियोजन उसकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं. ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है.
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम की HPCL रिफाइनरी में धमाका, दूर तक उठीं लपटें; इलाके में मची अफरा-तफरी
Visakhapatnam Oil Refinery Blast: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में सोमवार रात हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की तेल रिफाइनरी में जोरदार धमाके के बाद भीषण आग लग गई. आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठने लगीं और आसपास के इलाके में घना धुआं फैल गया. इस घटना से मलकापुरम और श्रीहरिपुरम समेत आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई. धमाके की आवाज सुनकर लोग घबरा गए और घटनास्थल की ओर देखने लगे.
आग बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां तैनात
रिफाइनरी में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं. आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया. फायर फाइटिंग टीमें लगातार आग बुझाने में जुटी रहीं. घटना की तस्वीरों और वीडियो में रिफाइनरी से आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं. वहीं, आसपास के इलाके में धुएं का घना गुबार छा गया.
पिच टैंक में लगी थी आग
HPCL के एक अधिकारी के मुताबिक, रिफाइनरी की रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) में मौजूद एक पिच टैंक में आग लगी थी. अधिकारी ने बताया कि टैंक में रखा पदार्थ काफी गाढ़ा था. इसकी विस्कोसिटी (गाढ़ापन) अधिक होने की वजह से आग लगने के बाद काफी घना धुआं निकला. इसी कारण आसपास के इलाके में धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया.
किसी के घायल होने की खबर नहीं
HPCL अधिकारी ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है. हालांकि, आग लगने से रिफाइनरी की संपत्ति को कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन अगले दिन किया जाएगा. फिलहाल आग लगने के कारणों और धमाके से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है.
क्या है रफ पिच ऑयल और इसका महत्व
रफ पिच ऑयल दरअसल कच्चा तेल साफ करने की प्रक्रिया से निकलने वाला एक खास उत्पाद होता है. इसका सबसे अहम उपयोग बिटुमेन तैयार करने में किया जाता है, जो हमारे देश में मजबूत सड़कों और हाईवे के निर्माण में काम आता है. सड़कों की मरम्मत और डामरीकरण के लिए यह बेहद जरूरी सामग्री मानी जाती है. इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील उत्पाद के पास आग भड़कने की वजह से प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है.
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