स्पेस में माइक्रोग्रैविटी के बीच खुद को कैसे फिट रखते हैं एस्ट्रोनॉट्स, ऐसे करते हैं एक्सरसाइज
नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। अंतरिक्ष में रहना आसान नहीं होता और वहां गुरुत्वाकर्षण न के बराबर होता है, जिसे माइक्रोग्रैविटी कहते हैं। इस वजह से एस्ट्रोनॉट्स की हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। पृथ्वी पर रोजाना चलने-फिरने से हड्डियों और मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जो उन्हें मजबूत रखता है। वहीं, स्पेस में ऐसा दबाव नहीं मिलता, इसलिए हड्डियां हर महीने 1 प्रतिशत तक कमजोर हो सकती हैं और मांसपेशियां सिकुड़कर कमजोर पड़ जाती हैं।
स्पेस में माइक्रोग्रैविटी के बीच खुद को कैसे फिट रखते हैं एस्ट्रोनॉट्स, ऐसे करते हैं एक्सरसाइज
नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। अंतरिक्ष में रहना आसान नहीं होता और वहां गुरुत्वाकर्षण न के बराबर होता है, जिसे माइक्रोग्रैविटी कहते हैं। इस वजह से एस्ट्रोनॉट्स की हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। पृथ्वी पर रोजाना चलने-फिरने से हड्डियों और मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जो उन्हें मजबूत रखता है। वहीं, स्पेस में ऐसा दबाव नहीं मिलता, इसलिए हड्डियां हर महीने 1 प्रतिशत तक कमजोर हो सकती हैं और मांसपेशियां सिकुड़कर कमजोर पड़ जाती हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama













/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)





