भारत-न्यूजीलैंड फाइनल से पहले गौतम गंभीर पर आया बड़ा बयान, कहा- 'उनके हाथ में होता तो वो पहले....'
IND vs NZ: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज शाम को होने वाला है. उससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बीते शनिवार को प्रेस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों को लेकर खुलकर बात की. इसी दौरान उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर भी बड़ बयान दिया है. उन्होंने क्या कहा है, आइए इस बारे में जानते हैं.
अहमदाबाद में अजूबा करने उतरेगी टीम इंडिया
टीम इंडिया आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी. न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर भारतीय टीम तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाना चाहेगी. वहीं आज न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर भारत के पास मौका होगा कि वो लगातार 2 बार टी20 वर्ल्ड कप की चैंपियन बनने वाली पहली टीम बन जाए. इसके साथ ही टीम इंडिया के पास बतौर होस्ट टी20 वर्ल्ड कप जीतकर एक और अजूबा करने का मौका होगा.
उससे पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने लगभग साफ कर दिया है कि, वो इस फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में कोई भी बदलाव करने की स्थिति में नहीं हैं. इससे पहले वरुण चक्रवर्ती को लेकर सवाल उठ रहे थे. वरुण खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं. वो विकेट नहीं चटका पा रहे हैं और जमकर रन लुटा रहे हैं.
सूर्यकुमार यादव ने वरुण चक्रवर्ती के बारे में बात करते हुए कहा, 'वरुण का फॉर्म चिंता की बात नहीं है. हम मैच जीतने पर ध्यान दे रहे हैं. वरुण दुनिया के नंबर 1 गेंदबाज हैं. उन्हें पता है कि इस टीम को कैसे जिताना है'. सूर्या के इस बयान से साफ लगाता है कि वो वरुण को फाइनल में बाहर कर कुलदीप यादव को चांस देने के मूड में नहीं हैं.
Suryakumar Yadav said - "Varun Chakravarthy's form is not a concern. We are focusing on winning the game. Varun is a world number 1. He knows how to make this team win". (Press). pic.twitter.com/1bp3yOuNfq
— Tanuj (@ImTanujSingh) March 7, 2026
गौतम गंभीर को लेकर सूर्या ने दिया बयान
इसके अलावा सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में बात करते हुए कहा, 'अगर यह उन पर (गौतम गंभीर) होता, तो वो पैड पहनकर खुद बैटिंग करने उतरते. उन्होंने टीम से पर्सनल माइलस्टोन का कॉन्सेप्ट काफी समय से हटा दिया है'.
आपको बता दें कि, गौतम गंभीर को साल 2024 में भारतीय क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया था. उन्होंने टीम में बतौर हेड कोच राहुल द्रविड़ को रिप्लेस किया था, जिन्होंने भारत को रोहित शर्मा की कप्तानी में बतौर कोच 2024 का टी20 वर्ल्ड कप दिलाया था.
Suryakumar Yadav said - "If it were up to him (Gautam Gambhir), he would put on the pads and walk out to bat himself. He has removed the concept of personal milestones from the team for a long time now". (Sahil Malhotra). pic.twitter.com/FphbSsRIjl
— Tanuj (@ImTanujSingh) March 7, 2026
गौतम गंभीर का टी20 कार्यकाल
गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने लगभग 28 टी20 अंरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. जिनमें से भारत 24 मैच जीते हैं. वहीं उसे 3 मैचों में हार मिली है. जबकि 1 मैच बेनतीजा रहा है. गंभीर के कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट टीम का टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जीत प्रतिशत लगभग 85% हैं.
- मैच: 28
- जीत: 24
- हार: 3
- नो रिजल्ट: 1
- जीत प्रतिशत: लगभग 85%
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुवैत में मारे गए छह सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
वाशिंगटन, 8 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के साथ संघर्ष के दौरान 1 मार्च को एक ड्रोन हमले में अमेरिकी सेना के छह सैनिक मारे गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डोवर एयर फोर्स बेस पर अमेरिकी झंडे में लिपटे इन सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने जान गंवाने वाले इन सैनिकों को सैल्यूट किया।
ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के तनाव के बीच कुवैत में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप स्थानीय समयानुसार शनिवार को श्रद्धांजलि देने के लिए डेलावेयर के डोवर एयर फोर्स बेस पर एक ट्रांसफर सेरेमनी में शामिल हुए। राष्ट्रपति ट्रंप दोपहर 3:09 बजे (स्थानीय समयानुसार) पर फ्लाइट लाइन पर आए। यह प्रक्रिया दोपहर 3:41 बजे “फ्लाइट लाइन डिसमिस्ड” के नारे के साथ खत्म हुई।
ट्रंप ने नेवी रंग का सूट और लाल टाई पहनी थी, इसके साथ ही एक सफेद बॉल कैप भी थी जिस पर सुनहरे अक्षरों में “यूएसए” लिखा था। जब मिलिट्री ऑनर गार्ड हर ट्रांसफर केस को एयरक्राफ्ट से ले जा रहा था, तो उन्होंने सैल्यूट किया।
अधिकारियों की अगली लाइन में ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उषा वेंस शामिल थे। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन पास में खड़े थे।
दूसरी लाइन में व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स, खास दूत स्टीव विटकॉफ और अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी थे। नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड और आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल भी मौजूद थे। इसके अलावा, अमेरिकी आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज भी मौजूद थे।
कांग्रेस के सदस्य और राज्य के अधिकारी मारे गए सैनिकों के परिवारों से मिलने गए। मौजूद लोगों में सीनेटर लिसा ब्लंट रोचेस्टर, जोनी अर्न्स्ट, डेब फिशर और पीट रिकेट्स के साथ-साथ फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस, नेब्रास्का के जिम पिलेन और आयोवा के किम रेनॉल्ड्स भी शामिल थे।
मारे गए छह सैनिकों के परिवार वाले एयरलाइन के पास खड़े थे, जब एक-एक करके ट्रांसफर केस किए जा रहे थे। इन सैनिकों की पहचान मेजर जेफरी आर. ओब्रायन, इंडियनोला, आयोवा; कैप्टन कोडी ए. खोर्क, विंटर हेवन, फ्लोरिडा; चीफ वारंट ऑफिसर 3 रॉबर्ट एम. मार्जन, सैक्रामेंटो, कैलिफोर्निया; सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल एम. अमोर, व्हाइट बेयर लेक, मिनेसोटा; सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ एल. टिटजेंस, बेलेव्यू, नेब्रास्का; और सार्जेंट डेक्लान जे. कोडी, वेस्ट डेस मोइनेस, आयोवा के रूप में हुई।
ज्यादातर सैनिक डेस मोइनेस, आयोवा में मौजूद 103 सस्टेनमेंट कमांड में तैनात थे। अधिकारियों ने कहा कि छह सैनिक कुवैत के पोर्ट शुआइबा में एक तनाव वाली घटना में मारे गए थे।
डोवर एयर फोर्स बेस के अधिकारियों के अनुसार, शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर को बेस तक लाने के लिए ट्रांसफर केस का उपयोग किया जाता है। उल्लेखनीय है कि ये ट्रांसफर केस ताबूत नहीं होते हैं।
जब किसी सैनिक की औपचारिक पहचान पूर्ण हो जाती है और उसे परिजनों को सौंपने के लिए तैयार कर लिया जाता है, तब उसके अवशेषों को एक ताबूत में रखकर उनकी अंतिम विदा के लिए भेजा जाता है।
डोवर में इस पूरी प्रक्रिया को समारोह के बजाय एक गंभीर और गरिमामय प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया गया है। डोवर एयर फोर्स बेस विदेशों में शहीद हुए अमेरिकी सैन्य कर्मियों की घर वापसी का मुख्य केंद्र है। वियतनाम युद्ध के बाद से इसकी मॉर्टुअरी अफेयर्स फैसिलिटी ने हजारों अमेरिकी सेवा सदस्यों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ वापस लाने का उत्तरदायित्व निभाया है।
पार्थिव शरीर का यह स्थानांतरण एक प्राचीन सैन्य परंपरा है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और शोक संतप्त परिवार फ्लाइट लाइन पर एकत्रित होकर उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने विदेशी धरती पर संघर्ष या युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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