अतीक के परिवार में अब कौन-कौन बचा? 2023 के बाद से मौत का सिलसिला जारी
यूपी के माफिया अतीक अहमद का कुनबा 2023 के बाद से बड़े झटकों से गुजर रहा है. गुरुवार को अतीक के चौथे बेट अबान अहमद की सड़क हादसे में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि क्रेटा कार के डिवाइडर से टकराने के बाद यह हादसा हो गया. माफिया डॉन और पूर्व सांसद अतीक अहमद का परिवार पर बीते तीन साल से लगातार मौत का साया मंडरा रहा है. सबसे पहले उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस कार्रवाई में उसके बेटे असद अहमद हो मौत हो गई. इसके दो दिन बाद पुलिस हिरासत में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसके चौथे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत हो गई.
2023 में एनकाउंटर में मौत
इस समय अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन फरार है. उसे उमेश पाल हत्याकांड में वांछित मानी जाता है. अतीक का बड़ा बेटा उमर अहमद लखनऊ जेल में न्यायिक हिरासत में है, वहीं अली अहमद नैनी सेंट्रल जेल में बंद था. हाल ही में उसे हाल में झांसी लाया गया था तीसरे बेटे असद अहमद की अप्रैल 2023 में एनकाउंटर में मौत हो गई है.
वहीं चौथे बेटे अबान की अब सड़क हादसे में जान चली गई है. सबसे छोटे बेटे एहजम के बारे में जानकारी है कि वह अक्टूबर 2023 में बाल संरक्षण गृह से रिहा होने के बाद अपनी बुआ के संग है.
टूटता अतीक का कुनबा
पिछले तीन सालों में देखें तो साफ है कि अतीक अहमद का परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है. पहले पुलिस कार्रवाई में बेटे की मौत, फिर पुलिस हिरासत में खुद अतीक और उसके भाई की हत्या के बाद अब सड़क हादसे में बेटे आबान की मौत ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है. इस समय परिवार के कुछ सदस्य जेल में हैं. वहीं एक सदस्य फरार बताए जा रहे हैं. इन पर अलग-अलग मामलों की कानूनी कार्रवाई जारी है.
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MP: अवधेश नायक को बड़ी जिम्मेदारी, कांग्रेस प्रदेश महासचिव नियुक्त, दतिया उपचुनाव में निभाई थी अहम भूमिका
दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस एक्टिव मोड में नजर आ रही है। 5 अगस्त को सभी विभागों और प्रकोष्ठों की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने के बाद अब अवधेश नायक को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरे उपचुनाव में पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाने वाले अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस महासचिव बनाया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के अनुमोदन से उनके नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। इसमें उनसे पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों और संगठनात्मक अनुशासन के अनुरूप संगठन को मजबूत करने की अपेक्षा जताई गई है।
बता दें कि दतिया उपचुनाव के समय अवधेश नायक का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा था। उन्होंने सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक जमकर पार्टी के पक्ष में प्रचार किया था। वे कांग्रेस की सभाओं और जनसंपर्क अभियान में भी शामिल हुए थे। बताया जाता है कि पूर्व गृह मंत्री से मतभेद के चलते 2023 में नायक भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे, इसके बाद उन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया था, लेकिन फिर कुछ समय बाद ही कांग्रेस ने उनकी जगह राजेंद्र भारती को मैदान में उतार दिया था, जिन्होंने जीत हासिल की थी।
इस बार भी अवधेश नायक कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह पूर्व विधायक और राजघराने से ताल्लुख रखने वाले कुंवर घनश्याम सिंह को टिकट दे दिया। इसके बाद से उनके नाराज होने की खबरें भी लगातार सामने आती रही थी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद उन्हें मनाने के लिए उनके निवास पहुंचे थे। चर्चा है कि चुनाव के दौरान जीतू पटवारी ने उनसे संगठन में बड़ा पद दिलाने का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर दिया है। इसके अलावा दतिया उपचुनाव के बीच भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के अवधेश नायक के घर पहुंचने की भी चर्चाओं ने भी सबका ध्यान खींचा था। नायक ने इस दौरान कहा था कि उनके पास सभी विकल्प खुले हैं।
बहरहाल दतिया उप चुनाव में मिली जीत के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस का उत्साह बढ़ गया है , सियासी पंडित इस जीत को आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बूस्ट के तौर पर देख रहे हैं, पार्टी पूरे संगठन में निचले स्तर पर आमूलचूल परिवर्तन भी कर रही है निश्चित ही इसे चुनाव की मजबूत तैयारी के रूप में देखा जा सकता है
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