मार्च में शुरू करें शहतूत की खेती, रेशम पालन से मिलेगा छप्परफाड़ मुनाफा, सरगुजा से संजय से समझें
Mulberry farming : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शहतूत की खेती किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया बनती जा रही है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मार्च का महीना रेशम पालन के लिए बेहद अनुकूल होता है, क्योंकि इस समय शहतूत के पेड़ों पर पर्याप्त पत्तियां आ जाती हैं, जो रेशम के कीड़ों के लिए मुख्य आहार होती हैं. किसान एक ही खेती से फल उत्पादन और रेशम उद्योग दोनों से लाभ कमा सकते हैं. कटिंग के जरिए पौधा तैयार कर 3–4 महीने में रोपाई योग्य बना लिया जाता है. शहतूत के फल बाजार में अच्छी कीमत दिलाते हैं, जबकि इसकी पत्तियां पशुओं के चारे के रूप में भी उपयोगी होती हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त फायदा मिलता है.
फिनलैंड के राष्ट्रपति को पसंद आई रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर, बोले-अब सीक्वल का इंतजार
रणवीर सिंह की धुरंधर दुनियाभर में मशहूर है। हाल में फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भी भारत दौरे से पहले फिल्म को देखा और अब खूब तारीफ की। राष्ट्रपति को धुरंधर 2 का बेसब्री से इंतजार है। फिल्म 19 मार्च को दस्तक दे रही है।
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