एम्स राजकोट में एडवांस्ड रेडियोथेरेपी सुविधा शुरू, जेपी नड्डा बोले-1.5 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) राजकोट में एडवांस्ड रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक को बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी व्यक्ति को अपने क्षेत्र या आर्थिक स्थिति के कारण बेहतर इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए।
यह एडवांस्ड सुविधा प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत एम्स राजकोट में लगभग 39 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की गई है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के बीच के अंतर को कम करना है। इस सुविधा से सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र के लोगों को विशेष लाभ होगा, जिन्हें पहले विशेष उपचार के लिए अहमदाबाद और मुंबई जैसे दूर के शहरों में जाना पड़ता था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि कैंसर मरीजों और उनके परिवारों पर चिकित्सा, भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक बोझ डालता है। समय पर उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एम्स के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में पहले केवल नई दिल्ली में एक एम्स था। अब 22 में से 18 एम्स संस्थान काम कर रहे हैं, जिससे उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ी है।
कैंसर की रोकथाम और समय रहते जांच पर जोर देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से 2018 से अब तक उच्च रक्तचाप और मधुमेह की लगभग 44-44 करोड़ जांच की गई हैं। वहीं मुंह के कैंसर के लिए लगभग 37 करोड़ 70 लाख लोगों की जांच की गई, जिनमें करीब ढाई लाख मरीज सामने आए। स्तन कैंसर के लिए लगभग 17 करोड़ 70 लाख महिलाओं की जांच में करीब 95 हजार मामले और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की 9 करोड़ 80 लाख जांचों में लगभग एक लाख मरीज सामने आए। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी का पता चलने से ठीक होने की संभावना बढ़ती है।
नड्डा ने लैंसेट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि कैंसर के 90 प्रतिशत मरीजों का उपचार बीमारी का पता चलने के 30 दिनों के भीतर शुरू हो जाता है। इसका एक बड़ा कारण आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आर्थिक सुरक्षा का विस्तार है। एम्स राजकोट में इस योजना के पात्र लाभार्थियों को कैंसर का उपचार मुफ्त मिलेगा, जबकि अन्य मरीजों को रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अवसर पर गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने इस सुविधा की शुरुआत का स्वागत करते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने इसे एम्स राजकोट के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि और विकसित भारत के संकल्प की दिशा में अहम कदम बताया।
उन्होंने बताया कि सरकार ने एक लाख 80 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और पीएम आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है। साथ ही कैंसर की दवाएं सस्ती करने के लिए अमृत फार्मेसी, जन औषधि केंद्र और बुनियादी सीमा शुल्क में छूट जैसे कदम उठाए हैं।
इस एडवांस्ड सुविधा से सौराष्ट्र क्षेत्र के लगभग एक करोड़ 54 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके दायरे में राजकोट, जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर, अमरेली, भावनगर, मोरबी, सुरेंद्रनगर, गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका और बोटाद जिले शामिल हैं।
यहां हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलरेटर, वाइड बोर सीटी सिम्युलेटर और हाई डोज रेट ब्रैकीथेरेपी यूनिट लगाई गई हैं, जिनके माध्यम से आईएमआरटी, वीएमएटी, आईजीआरटी, एसआरएस, एसआरटी और एसबीआरटी जैसी आधुनिक तकनीकों से मिलीमीटर स्तर की सटीकता के साथ उपचार किया जा सकेगा। एम्स राजकोट का रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग 29 मई 2026 से कार्यरत है और हर साल 500 से 700 मरीजों के उपचार की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एससीएच/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार पुणे के अस्पताल में भर्ती, सुप्रिया सुले ने दिया स्वास्थ्य अपडेट
पुणे, 2 नवंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार को सोमवार को पुणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें लगातार खांसी आने के बाद छाती में दर्द की शिकायत हुई थी।
उन्हें पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक ले जाया गया, जहां फिलहाल उनके रूटीन मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। अस्पताल की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में रूबी हॉल क्लीनिक के चीफ कार्डियोलॉजिस्ट, चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. परवेज के. ग्रांट ने उनके भर्ती होने की पुष्टि की और बताया कि इस वरिष्ठ नेता की तबीयत नियंत्रण में है।
डॉ. ग्रांट ने कहा, छाती में दर्द की शिकायत के बाद शरद पवार को रूबी हॉल क्लिनिक में सामान्य स्वास्थ्य जांच और मेडिकल निगरानी के लिए भर्ती किया गया है। उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद है और एहतियात के तौर पर उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा।
पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने लोगों की चिंता को देखते हुए सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनके पिता के सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर सामान्य और स्थिर हैं।
उन्होंने कहा, बाबा को खांसी आने के बाद पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया है। उनके मेडिकल टेस्ट चल रहे हैं और उनके सभी स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं। आप सभी की चिंता और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।
पार्टी प्रतिनिधियों और चिकित्सा अधिकारियों ने शुभचिंतकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त आराम और निगरानी के बाद शरद पवार के ठीक होने की उम्मीद है।
इससे पहले, 1 नवंबर को पवार ने सोलापुर जिले के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। वहां उन्होंने जमीनी हालात का जायजा लिया, फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया और प्रभावित किसानों से सीधे बातचीत की।
माढ़ा तालुका के तुलशी गांव (जो पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा है) के दौरे के दौरान उन्होंने 50 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की।
पवार ने बताया कि पीने का पानी, पशुओं के लिए चारा और रोजगार में मदद देना उनकी सबसे पहली प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने बताया कि इस समय सोलापुर के लगभग 139 प्रभावित गांवों में 135 से ज्यादा पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, जिनमें से अकेले माढ़ा तालुका में ही 110 टैंकरों की जरूरत है।
शरद पवार ने घोषणा की कि उनका परिवार इस साल पारंपरिक तरीके से दिवाली नहीं मनाएगा, ताकि वे अपना पूरा ध्यान सूखे से निपटने के प्रयासों और प्रभावित किसान समुदायों की मदद करने पर लगा सकें।
उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर सूखे से राहत के कार्यों में सहयोग करें। साथ ही, उन्होंने राज्य और केंद्र सरकारों से किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की अपील भी की।
--आईएएनएस
एएसएच/पीएम
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