मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच, ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के चारों बेटों की सुरक्षित तस्वीरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि हवाई हमलों में खामेनेई की मौत हो गई थी। पहले ऐसी खबरें थीं कि हमले में उनके एक बेटे की मौत हो गई थी, लेकिन नवीनतम जानकारी से पता चलता है कि चारों बेटे जीवित हैं। चारों बेटों की पहचान मुस्तफा खामेनेई, मोजतबा खामेनेई, मसूद खामेनेई और मेसम खामेनेई के रूप में हुई है। ऑनलाइन प्रसारित तस्वीरों में भीषण बमबारी के बावजूद वे सभी सुरक्षित दिखाई दे रहे हैं।
अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों में खामेनेई की मौत
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई। उनकी आयु 86 वर्ष थी। हमले के बाद, ईरान ने देश के सर्वोच्च पद के लिए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी है। खबरों में यह भी बताया गया है कि खामेनेई के विस्तारित परिवार के कई सदस्य इस हमले में मारे गए। इस घटनाक्रम ने उनके परिवार के शेष सदस्यों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और यह भी चिंता का विषय है कि क्या वे बढ़ते संघर्ष में निशाना बन सकते हैं।
ईरान के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक होने के बावजूद, खामेनेई ने अपने निजी जीवन को सार्वजनिक ध्यान से काफी हद तक छिपाकर रखा। उन्हें अपनी पत्नी के साथ बहुत कम देखा जाता था और अपने बच्चों के साथ तो वे शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से दिखाई देते थे। कई राजनीतिक परिवारों के विपरीत, उनके अधिकांश बच्चे सक्रिय राजनीति से दूर रहे। परिवार के केवल एक या दो सदस्यों के ही राजनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण रूप से शामिल होने की बात कही जाती है।
खामेनेई की पत्नी कौन थीं?
खामेनेई की पत्नी मंसूरेह खोजस्तेह बघेरज़ादेह थीं, जिन्होंने अपने पूरे जीवन में सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका जन्म 1947 में ईरान के एक प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार में हुआ था। उन्होंने 1964 में अयातुल्ला अली खामेनेई से विवाह किया। मंसूरेह के पिता, मोहम्मद इस्माइल खोजस्तेह बघेरज़ादेह, ईरान के एक सफल व्यवसायी माने जाते थे। ईरान के उथल-पुथल भरे राजनीतिक इतिहास के दौरान, जिसमें ईरानी इस्लामी क्रांति का दौर भी शामिल है, वह खामेनेई के साथ मजबूती से खड़ी रहीं।
???? INFOs???????????????????????????????? All four sons of Imam Khamenei are safe: The Sons of Martyred leader of IRAN Revolution - Ayatollah Mojtab Khamenei - Ayatollah Mostafa Khamenei - Sayyed Masoud Khamenei - Sayyed Meysam Khamenei are safe and managing the families affairs and national matters pic.twitter.com/NIzszIyIhB
— Tehran News Report (TENER) (@Wandareport) March 7, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को दावा किया कि ईरान हार गया है और उसने मध्य पूर्व के पड़ोसियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और माफी मांग ली है। ट्रम्प की ये टिप्पणियां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन द्वारा शनिवार को तनाव कम करने के संकेत देने और पड़ोसी देशों से हमलों के लिए माफी मांगने के कुछ ही घंटों बाद आई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सशस्त्र सेनाओं को निर्देश दिया गया है कि पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न करें या मिसाइलें न दागें जब तक कि उन पर वहीं से हमला न किया जाए।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इससे पहले कहा कि अमेरिका द्वारा बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा ख्वाब है जिसे उन्हें अपनी कब्र तक साथ ले जाना चाहिए। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने यह टिप्पणी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक पूर्व ‘रिकॉर्डेड’ संबोधन में की। उन्होंने क्षेत्रीय देशों पर ईरान के हमलों के लिए माफी भी मांगी और कहा कि तेहरान हमलों को रोक देगा। उन्होंने संकेत दिया कि ये हमले सैन्य अधिकारियों के बीच सूचनाओं के गलत संचार के कारण हुए थे। उनका यह बयान उस समय प्रसारित हुआ जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर बार-बार हमले किए गए।
इसके बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान द्वारा अपने पड़ोसियों पर गोलीबारी न करने का वादा केवल संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए लगातार हमलों के कारण ही संभव हो पाया। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर तीखे पोस्ट में कहा कि ईरान, जिसे बुरी तरह पीटा जा रहा है, ने अपने मध्य पूर्वी पड़ोसियों से माफी मांग ली है और आत्मसमर्पण कर दिया है, और वादा किया है कि वह अब उन पर गोलीबारी नहीं करेगा। यह वादा केवल अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के कारण किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान मध्य पूर्व पर कब्जा करने और शासन करने की कोशिश कर रहा है और हजारों वर्षों में यह पहली बार है कि ईरान अपने आसपास के मध्य पूर्वी देशों से हारा है।
IND vs NZ T20 WC Final: टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। एक तरफ भारत की मजबूत टीम है, जिसे मौजूदा समय की सबसे बेहतरीन टी20 टीमों में गिना जा रहा है और जो डिफेंडिंग चैंपियन भी है, तो दूसरी तरफ न्यूजीलैंड है, जो बड़े मुकाबलों में हमेशा खतरनाक साबित होती है। इस मुकाबले के बाद ही तय होगा कि ट्रॉफी किसके हाथ जाएगी और किसे निराशा झेलनी पड़ेगी।
भारत की मौजूदा टी20 टीम को कई क्रिकेट विशेषज्ञ सबसे महान टीमों में गिनने लगे हैं। टीम ने अगस्त 2023 के बाद से कोई भी सीरीज या टूर्नामेंट नहीं हारा है। पिछले टी20 वर्ल्ड कप के बाद से टीम ने हर एक हार के मुकाबले सात जीत दर्ज की। 2024 में ट्रॉफी जीतने वाली टीम में इस बार अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा और वरुण चक्रवर्ती जैसे नए खिलाड़ियों को जोड़ा गया है, जिससे टीम और भी मजबूत नजर आ रही।
भारत के पास घर में हिस्ट्री डिफिट करने का मौका भारत ने टूर्नामेंट के दौरान कई बदलाव भी किए और हर बार टीम का संतुलन बना रहा। शुरुआत में शुभमन गिल की जगह ईशान किशन को मौका दिया गया और बाद में बीच टूर्नामेंट में संजू सैमसन को वापस टीम में शामिल किया गया। इन बदलावों के बावजूद टीम का प्रदर्शन प्रभावित नहीं हुआ। हालांकि, फाइनल जीतना भारत के लिए बेहद जरूरी है। अगर टीम अहमदाबाद में ट्रॉफी नहीं जीतती, तो इतने शानदार रिकॉर्ड के बावजूद उसे सबसे महान टीम का दर्जा नहीं मिलेगा। क्रिकेट का यही नियम है कि बड़े टूर्नामेंट में आखिरकार नतीजा ही सब कुछ तय करता है।
टूर्नामेंट में भारत का सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। टीम ने सिर्फ एक मैच हारा, जो सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था। इसके बाद भारत ने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराकर वापसी की और फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में हराया। उस मैच में 254 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही इंग्लैंड की टीम को जसप्रीत बुमराह ने आखिरी ओवरों में रोक दिया। उन्होंने दो ओवर में सिर्फ 14 रन दिए और मैच भारत की झोली में डाल दिया।
भारत के लिए बुमराह ट्रंप कार्ड फाइनल में भी बुमराह की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। अगर वह न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देते, तो भारत की जीत की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
न्यूजीलैंड ने 7 साल में 6 आईसीसी सेमीफाइनल खेले दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम भी बड़े टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही है। 2019 के बाद से न्यूजीलैंड ने 6 बार आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। हालांकि, टीम अब तक सीमित ओवरों के वर्ल्ड कप में ट्रॉफी नहीं जीत पाई है। 2019 के वनडे वर्ल्ड कप और 2021 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में उसे हार का सामना करना पड़ा था।
इस टूर्नामेंट में भी न्यूजीलैंड का सफर आसान नहीं रहा। टीम पहले दौर में दक्षिण अफ्रीका से बुरी तरह हारी और सुपर-8 में इंग्लैंड से भी मुकाबला गंवाया। लेकिन सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने शानदार खेल दिखाते हुए अपराजित दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
डेरिल मिचेल साबित हो सकते गेमचेंजर न्यूजीलैंड के लिए डेरिल मिचेल अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। उन्होंने भारत के खिलाफ पहले भी अच्छा प्रदर्शन किया है और जसप्रीत बुमराह के खिलाफ भी तेज रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
कैसा रहेगा पिच का मिजाज? अहमदाबाद की पिच लाल और काली मिट्टी के मिश्रण से बनी है और यहां रन बनने की पूरी संभावना है। आंकड़ों के अनुसार इस पिच पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को थोड़ा फायदा मिला है।
रविवार का मुकाबला रणनीति, भावनाओं और कौशल का अनोखा संगम होगा। आखिर में ट्रॉफी सिर्फ एक टीम के पास जाएगी, जबकि दूसरी टीम को इस खेल की कड़वी सच्चाई स्वीकार करनी होगी।